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जिंदगी संवारने की जिम्मेदारी पैरेंट्स के साथ बच्चों की भी

वैशाली नगर में स्वयंसिद्धा समूह की महिलाओं ने सावन मेला मनाया। सिटी रिपोर्टर | भिलाई आज के बच्चों को यह समझना...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 10, 2018, 03:15 AM IST

जिंदगी संवारने की जिम्मेदारी पैरेंट्स के साथ बच्चों की भी
वैशाली नगर में स्वयंसिद्धा समूह की महिलाओं ने सावन मेला मनाया।

सिटी रिपोर्टर | भिलाई

आज के बच्चों को यह समझना ही होगा कि अगर उन्होंने अच्छी जिंदगी की चाह में अच्छी तालीम हासिल करने के लिए बचपन नहीं जी पाए तो उनके माता-पिता ने भी अपनी जिंदगी के सुनहरे सालों को उनके साथ साए की तरह रहने में बिता दिए। ताकि वे बेहतर बन सकें। माता पिता ने अपनी जवानी गंवा दी। अपना भला और बुरा समझ सकने के लिए तालीम दी। ऐसे में किसी तनाव में आना और जिंदगी समाप्त करना ठीक नहीं है।

यह संदेश स्वयंसिद्धा ए मिशन विद ए विजन कल्चरल ग्रुप ऑफ मैरिड वूमेन की ओर वैशालीनगर में लगे सावन मेला में प्रस्तुत नाटक जिंदगी ना मिलेगी दोबारा में दिया गया। संस्था के 25 कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से आत्महत्या करने वाले बच्चों को जवाब दिया गया। नाटक को डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने लिखा और निर्देशित किया।

सोनल और सपना ने दी नृत्य की प्रस्तुति

बिपाशा हलदर सोनाली चक्रवर्ती, श्वेता ताम्रकार, सरिता राठौर, डॉ पूर्णिमा लाल, मौसमी टंडन, सोमाली शर्मा, अंतरा चौधरी, रीना रॉय, श्वेता साहा, संजीत कौर, मीठू चौधरी, अनीता चक्रवर्ती, सुनीता मुरकुटे, मंजू मिश्रा, लक्ष्मी साहू, सुशीला साहू , देवदानी मजूमदार और मनीष शर्मा ने अभिनय किया। बाल कलाकार थे अयाति, विश्वजीत शर्मा, केशव ताम्रकार और अनुपमा घोषाल। सोनल कालरा व सपना सोनी ने नृत्य पेश किया।

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