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एमएचआरडी यूनिवर्सिटिज को देगा ऑनलाइन डिटेक्शन टूल

रिसर्च, थीसिस और प्रकाशनों में लगातार नकल की शिकायतें आ रही हैं। यूजीसी की ओर से इस पर रोक संबंधी कई प्रयास किए जा...

Dainik Bhaskar

Aug 13, 2018, 03:26 AM IST
रिसर्च, थीसिस और प्रकाशनों में लगातार नकल की शिकायतें आ रही हैं। यूजीसी की ओर से इस पर रोक संबंधी कई प्रयास किए जा रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश की सभी यूनिवर्सिटीज को नकल की जांच करने के लिए मुफ्त में ऑनलाइन डिटेक्शन टूल देने का फैसला किया है। इस फैसले से यूनिवर्सिटी के ऊपर से आर्थिक बोझ थोड़ा कम होगा।

यूजीसी ने यूनिवर्सिटीज के लिए डिटेक्शन टूल के जरिए रिसर्च वर्क की जांच करने को अनिवार्य बना दिया था। इस वजह से यूनिवर्सिटीज को डिटेक्शन टूल का सॉफ्टवेयर खरीदने को मजबूर हुआ था, अब संस्थान परिचय पत्र की जानकारी देकर ऑनलाइन सॉफ्टवेयर या टूल का उपयोग कर सकेंगे।

अब तक यह हो रहा था

एक रिसर्चर कई बार अन्य पीएचडी होल्डरों के काम की कॉपी कर लेता है या किसी अन्य स्रोतों से नकल करता है। इस नकल को रोकने वाले टूल से शिक्षण संस्थान अपने रिसर्चरों के काम की जांच कर सकेंगे और नकल से संस्थान के नाम को होने वाले नुकसान से बच सकेंगे। यह टूल नकल के अंशों को चिह्नित करेगा और समानता इंडेक्स की रिपोर्ट बनाएगा। अगर यह समानता इंडेक्स तय सीमा के अंदर होगी तो रिसर्चरों को थीसिस दोबारा लिखने का मौका दिया जाएगा।

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