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प्रॉफिट बिफोर टैक्स पर अफसरों ने जताया आक्रोश, मंत्री से पुनर्विचार का किया आग्रह

सेफी के पदाधिकारियों ने केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय से अधिकारियों के लंबित मुद्दों पर चर्चा की।...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 13, 2018, 03:30 AM IST

प्रॉफिट बिफोर टैक्स पर अफसरों ने जताया आक्रोश, मंत्री से पुनर्विचार का किया आग्रह
सेफी के पदाधिकारियों ने केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय से अधिकारियों के लंबित मुद्दों पर चर्चा की। सेल की स्थिति का अवगत कराते हुए सेफी ने आश्वासन दिया कि सेल के सभी इकाइयों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी करेंगे।

डीपीई के अफोर्डेबलिटी क्लॉज के कारण पे-रिविजन सहित अन्य लंबित मुद्दों की भी केंद्रीय इस्पात राज्यमंत्री को जानकारी दी गई। अफोर्डेबलिटी क्लॉज हटाने के लिए कैबिनेट में पुनः विचार करने भेजने का आग्रह किया। थर्ड पे-रिविजन कमेटी की अनुशंसित रिपोर्ट में कैबिनेट के नुकसानदायक बदलाव से महार| कंपनी सेल के अफसरों ने बेहद असंतोष है। सरकार ने अफोर्डेबलिटी क्लास पर बिलकुल भी विचार नहीं किया, जबकि इससे अफसरों को बड़ा नुकसान होने वाला है। इसके तहत पे-रिविजन के निर्धारण के लिए तीन साल की पीबीटी टैक्स बिफोर प्रॉफिट को आधार बनाया गया है। इस दौरान सेल के घाटे में रहने से अधिकारियों के पे-रिविजन का लाभ नहीं मिल पाएगा।

अधिकारी संगठन अफोर्डेबलिटी क्लास में बदलाव की मांग कर पिछले 10 वर्षों का पीबीटी को बनाने की मांग प्रधानमंत्री व अन्य केन्द्रीय मंत्री से कर चुके हैं।

सेफी ने कहा इकाइयों में उत्पादन बढ़ाएंगे

इस्पात राज्यमंत्री से चर्चा करते सेफी के सदस्य।

सेल को 10 साल में हुआ 54395 लाभ

सेल का कुल लाभ 10 वर्षों में 54395 करोड़ है। उसके हिसाब से 10 साल का औसत 5439 करोड़ आता है। श्रेष्ठ तीन वर्षों का पीबीटी लिया जाए तो औसत करीब 10,000 करोड़ है। इस हिसाब से सेल के अधिकारी उच्चतम स्तर के एमजीबी के हकदार हैं, लेकिन अनुशंसा के हिसाब से पे-रिविजन नहीं हो पाएगा।

पीवीबी के स्थान पर एमजीबी दें

चर्चा के दौरान अफसरों ने कहा कि तीन साल के पीवीटी के स्थान पर एमजीबी दी जाए। दस साल से पीबीटी का औसत या श्रेष्ठ तीन पीबीटी के हिसाब से एमजीबी तय किया जाए। वर्तमान अनुशंसा से सॉयल ओ रोनिल प्रभावित हो रहा है।

तीन सेव यूनिट में निवेश, विरोध

सेफी पदाधिकारियों ने तीन सेल यूनिट के विनिवेश डी इन्वेस्टमेंट का विरोध किया। अनुरोध किया कि दूसरे सार्वजनिक उपक्रमों के साथ ज्वाइंट वेंचर जैसे अन्य विकल्पों पर इन यूनिटों का पुनरूत्थान करने पर विचार किया जाए। सेफी महासचिव एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेंद्र कुमार बंछोर ने बताया कि साय ने सेफी के पदाधिकारियों से बताए जा रहे मुद्दों को ध्यान से सुना और सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अफसरों ने उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।

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