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बच्चों को लालच देकर अपराधी उनसे कराते हैं घिनौने अपराध

राज्य बाल संरक्षण आयोग की बैठक में बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके लिए बनी योजनाओं का प्रभावी...

Dainik Bhaskar

Aug 09, 2018, 02:30 AM IST
बच्चों को लालच देकर अपराधी उनसे कराते हैं घिनौने अपराध
राज्य बाल संरक्षण आयोग की बैठक में बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और उनके लिए बनी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने के लिए कड़े निर्देश दिए गए। बाल संरक्षण से जुड़े विभागों की समीक्षा के दौरान आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कहा कि बच्चों की नासमझी का फायदा उठाकर छोटी चीजों का लालच देते हुए अपराधी घिनौने कृत्य कराते हैं। बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई होना चाहिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के अफसरों से मांगी गई जानकारी न मिलने पर अध्यक्ष ने शीघ्र दूसरी बैठक बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से बच्चों के अधिकार से संबंधित जानकारी मिलने के बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी। बैठक में बाल उत्पीड़न रोकने, बाल श्रम और बाल विवाह रोकने सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि भिक्षावृत्ति, बाल तस्करी रोकने के लिए कड़ी व्यवस्था सुनिश्चित होना चाहिए। बच्चों के लिए बने शेल्टर होम या बाल सुधार गृह का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए प्रभा दुबे ने कहा कि इन बच्चों को भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य सभी सुविधाएं मिलना चाहिए। शहरी और ग्रामीण इलाकों में बच्चों को उत्पीड़न से बचाने जागरूकता के लिए बाल चौपाल लगाने को कहा।

चौपाल

राज्य बाल संरक्षण आयोग की टीम ने अपने से जुड़े विभागों के अफसरों की बैठक ली , अधिकारों का उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई करने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अफसरों से मांगी जानकारी

बाल सरंक्षण आयोग की अध्यक्ष ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को बाल सरंक्षण की शपथ भी दिलाई।

आयोग ने बाल संरक्षण से जुड़े अधिकारों के संरक्षण के लिए कानून और योजनाओं की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए। बाल चौपाल आयोजित करने के साथ ही वाॅल राइटिंग कराने पर जोर दिया। बैठक में आयोग की सदस्य मीनाक्षी तोमर सहित महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, आदिवासी विभाग, स्वास्थ्य, पुलिस सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

अभिभावकों की जागरूकता की वजह से बाल अपराधों में आ सकती है कमी

घर में बच्चों से खुलकर चर्चा करने सकारात्मक बातचीत का माहौल बनाएं। अभिभावक नियमित रूप से अपने बच्चों से बातचीत कर आसपास के घटनाक्रम, स्कूल और अन्य स्थानों की गतिविधियों के बारे में जानकारी लें। बच्चों को अंजान व्यक्तियों और आसपास के परिचितों के व्यवहार के बारे में भी चर्चा करें। अभिभावकों की जागरूकता से बाल अपराधों में कमी आ सकती है।

नगपुरा में बच्चों को कानूनी अधिकारों के साथ ही गुड टच-बैड टच बताया

आयोग की टीम ने नगपुरा में बच्चों के संरक्षण और उनके साथ हो रहे अपराधों को रोकने बाल चौपाल लगाई। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों को रोकने समाज को जागरूक करने कहा। बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के साथ गुड टच, बैड टच की जानकारी दी।

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