आवासीय हो गई चारागाह की 150 एकड़ जमीन / आवासीय हो गई चारागाह की 150 एकड़ जमीन

Bhaskar News Network

Aug 08, 2018, 02:35 AM IST

Durg Bhilai News - नए मास्टर प्लान में दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान फिर बड़ी खामी का पता चला है। मास्टर प्लान तैयार करने में हुई...

आवासीय हो गई चारागाह की 150 एकड़ जमीन
नए मास्टर प्लान में दावे-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान फिर बड़ी खामी का पता चला है। मास्टर प्लान तैयार करने में हुई लापरवाही और मैदानी सर्वे न करने के कारण बांध, तालाब, चारागाह की सैकड़ों एकड़ जमीन को आवासीय या व्यवसायिक घोषित कर दिया गया। सांकरा में करीब डेढ़ सौ एकड़ एरिया में चारागाह के लिए सुरक्षित जमीन को आवासीय घोषित किया गया है।

मास्टर प्लान का प्रकाशन करने के बाद दावे आपत्ति की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य निशांत शर्मा ने एक नई आपत्ति लगाई है। आपत्ति के अनुसार राजस्व अधिनियम के तहत पाटन ब्लॉक के सांकरा गांव में चारागाह के लिए जमीन छोड़ी 68 हेक्टेयर भूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर जमीन को आवासीय कर दिया।

राजस्व अधिनियम के तहत बांध, तालाब, चारागाह की जमीन को आवासीय में बदलने का काम नहीं हो सकता। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अफसरों ने राजस्व रिकॉर्ड देखे बगैर खसरा नंबर 1707 की 2.93 हेक्टेयर जमीन को आवासीय घोषित कर दिया। रिकॉर्ड में इस भूमि का लैंडयूज बांध होने के बावजूद बदलाव हो गया।

इसी तरह ग्राम कोटवारों को खसरा नंबर 606 की 1.06 हेक्टेयर जमीन कृषि उपार्जन के लिए सेवा भूमि के रूप में दी गई। यह भूमि भी आवासीय प्रयोजन के लिए रिजर्व कर दी गई। सिर्फ सांकरा ही नहीं बल्कि कई गांवों में लैंड रिकॉर्ड देखे बगैर सरकारी जमीन का लैंड यूज बदल दिया गया। मास्टर प्लान में पहले भी खामियां सामने आईं थी।

मास्टर प्लान का नक्शा जिसमें जमीनों की उपयोग की जानकारी दी गई है।

तालाब की जमीन को भी बता दिया आवासीय

राजस्व रिकॉर्ड में सांकरा गांव में खसरा नंबर 1625 की 1.48 हेक्टेयर जमीन का भू उपयोग तालाब बताया गया है। मास्टर प्लान में इसे भी आवासीय घोषित कर दिया गया। राजस्व रिकॉर्ड में खसरा नंबर 791, 1056 और 741 की लगभग 77 हेक्टेयर जमीन चराई भूमि दर्ज होने के बावजूद इसे औद्योगिक प्रयोजन के लिए सुरक्षित किया गया है। राजस्व अधिनियम के तहत चारागाह, तालाब, बांध की जमीन का भू उपयोग नहीं बदला जा सकता।

आज दावा आपत्ति करने के लिए अंतिम दिन

दावा-आपत्ति करने की अंतिम तिथि 8 अगस्त है। बुधवार शाम 5 बजे तक दावा-आपत्ति की जा सकती है। इसके बाद आपत्तियों का अध्ययन होगा। अलग-अलग गांवों से मिली आपत्तियों का अध्ययन करने के बाद निराकरण करने इसी माह सुनवाई की जाएगी।

जांच कराएं कलेक्टर


तारीख अभी तय नहीं


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