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पढ़ाई के लिए मुंबई गया था वासु, सट्टे में पैसा हारा, तो सिंडीकेट बनाकर खुद खिलाने लगा

सराफा व्यवसाय से जुड़े व्यापारी का बेटा वासु जैन उर्फ प्रखर जैन आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी के आरोप में पकड़ाया गया...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:40 AM IST

सराफा व्यवसाय से जुड़े व्यापारी का बेटा वासु जैन उर्फ प्रखर जैन आईपीएल क्रिकेट सट्टेबाजी के आरोप में पकड़ाया गया है। पुलिस ने उसके साथी सुमित सेठिया को भी रंगेहाथ पकड़ा है। दोनों आरोपियों के कब्जे से 40 हजार 500 रुपए नगद, 4 मोबाइल और लाखों की सट्टा-पट्टी पकड़ी है। आरोपी सिंडीकेट बनाकर सट्टा खिलवाते थे।

करीब चार साल से पुलिस वासु जैन को रंगे हाथ पकड़ने की फिराक में थी। लेकिन कोई सबूत न मिलने पर कार्रवाई नहीं कर पाई थी। दोनों आरोपियों ने चुन्नीलाल जैन और हितेश चक्रधारी का नाम भी बताया है। उनकी तलाश की जा रही।

सीएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि गांधी चौक आपापुरा निवासी वासु जैन (25) कई साल पहले पढ़ाई के लिए मुंबई गया था। वहीं से उसे क्रिकेट सट्टेबाज का शौक लगा। लाखों रुपए हारने के बाद रिकवरी के लिए कमीशन पर सट्टा खिलवाने लगा। इस काम के लिए उसने कई लोगों को अपने साथ जोड़ लिया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वासु जैन के बारे में पुलिस को मुखबिर से सटीक जानकारी मिली तो टीम दबिश देने उसके घर पहुंच गई। तब वो फोन पर सट्टा लिखा रखा था।

पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रेसवार्ता लेकर मामले का खुलासा किया। कार्रवाई की जानकारी दी।

मोबाइल पर मिला लाखों रुपए के लेन-देन का सबूत

वाट्सएप के जरिए दर्जनों लोगों से रेट की बातचीत, उसी से मिला सुराग

पकड़ में आने पर पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसकी जेब से 2800 रुपए और एपल मोबाइल फोन के वाट्सएप में दर्जनों लोगों से सट्टा संबंधी मैसेज दिखा। इसके अलावा चार सट्टा-पट्टी में लाखों रुपए के लेनदेन का हिसाब लिखा हुआ मिला। कोतवाली टीआई सिद्धार्थ बघेल ने बताया कि उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने मोती कॉम्पलेक्स में कुशल मोबाइल दुकान पर पहुंची। जहां, जैनम हाइट्स ऋषभ कालोनी निवासी सुमित सेठिया (31) क्रिकेट मैच देखते हुए लेन-देन की बात कर रहा था।

मोबाइल दुकान का बना रखा था पैसे का कलेक्शन सेंटर और बचते रहे

सीएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि वासु जैश सट्टेबाज में लंबे समय से सक्रिय था। लेकिन उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पा रहे थे। उनका कहना था कि उसके खिलाफ मौखिक भी काफी शिकायतें मिल रही थी कि वो सट्टा में हारने वाले लोगों से पैसा वसूली उन्हें डराया धमकाया करता है। इसके अलावा आरोपी सुमित सेठिया की मोबाइल दुकान को पैसे का कलेक्शन सेंटर बना रखा था। जब भी कोई ग्राहक पैसा हार जाता था तो उसे पैसे जमा कराने के लिए दुकान भेज दिया जाता था।

खुलासे में पुलिस सिविल टीम की रही अहम भूमिका

एसएसपी डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा गठित की गई थानों की सिविल टीम ने सट्टेबाजों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। सीएसपी भोजराम पटेल के निर्देश पर दुर्ग थाने के एएसआई आरके मरकाम, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण पाठक, इस्राफिल खान, आरक्षक हरीश सिंह, साहिल खान, लव पाण्डेय, नवीन यादव व महिला आरक्षक दीपक साहू ने पूरे मामले के खुलासे में अहम भूमिका अदा की। बताया ताजा है कि घटना के बाद जब आरोपी को कोतवाली थाने लाया गया तो आरोपी बासु जैन के परिजनों ने थाने में खूब हंगामा किया। उनका कहना था कि पुलिस ने गलत कार्रवाई की है। इधर पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही। आरोपियों से और भी पूछताछ की जा रही है।

और भी लोगों तक पहुंचने का प्रयास जारी

सट्टेबाजों को पकड़कर ही पुलिस की कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। हम मोबाइल मैसेज और सट्टा-पट्टी के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। ताकि इन लोगों से और भी लोगों तक पहुंचा जा सके। भोजराम पटेल, सीएसपी, दुर्ग

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Web Title: पढ़ाई के लिए मुंबई गया था वासु, सट्टे में पैसा हारा, तो सिंडीकेट बनाकर खुद खिलाने लगा
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