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अमरकंटक एक्सप्रेस की क्लोन ट्रेन से 1 हजार यात्रियों को राहत

ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | रायपुर रेलवे की ओर से इन दिनों कई रूट पर नई ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। जिस रूट की...

Dainik Bhaskar

Aug 07, 2018, 02:41 AM IST
ट्रांसपोर्ट रिपोर्टर | रायपुर

रेलवे की ओर से इन दिनों कई रूट पर नई ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। जिस रूट की ट्रेनों में अधिक भीड़ व वेटिंग है, वहां क्लोन ट्रेनें चलाई जाएंगी। सबसे पहले दुर्ग से भोपाल के बीच चलने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के तर्ज पर एक क्लोन ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है।

इस ट्रेन में करीब एक हजार यात्रियों को रिजर्व सीट मिल जाएगी। इसके अलावा पुणे से संतरागाछी के बीच 11 अगस्त से एक हमसफर एक्सप्रेस चलाई जाएगी। सिकंदराबाद से बरौनी के बीच भी 17 फेरों के लिए एक स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। जबलपुर से संतरागाछी के बीच भी एक हमसफर एक्सप्रेस की सुविधा यात्रियों को दी गई है। रेलवे बोर्ड कई रूट का अध्ययन कर रहा है और ट्रेनों की सुविधा देने पर बड़ी पहल चल रही है।

भोपाल से बिलासपुर-रायपुर व दुर्ग को जोड़ने वाली अमरकंटक की क्लोन ट्रेन की जरूरत को देखते हुए इसकी तैयारी चल रही है। भोपाल के डीआरएम शोभन चौधरी ने अमरकंटक के क्लोन ट्रेन को चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। इस बारे में मंडल के अफसरों को भी जानकारी दी गई है। जानकारी के मुताबिक कुछ ही दिनों में इस नई ट्रेन को चलाने की अनुमति मिल जाएगी। बताया गया है कि भोपाल से दुर्ग-रायपुर-बिलासपुर के लिए एक और ट्रेन की खासी जरूरत है। इसलिए इसे पूरा करने का प्रयास चल रहा है।

इंदौर तक बढ़ाने की बात :

अमरकंटक की क्लोन ट्रेन भोपाल की जगह इंदौर से शुरू होगी। वर्तमान में पुरी से इंदौर के बीच एक साप्ताहिक हमसफर चल रही है, लेकिन इसका किराया अधिक है। सामान्य यात्रियों के लिए अमरकंटक की क्लोन ट्रेन को भोपाल से आगे इंदौर तक जोड़ेंगे। रेलवे अफसरों के मुताबिक भोपाल से दुर्ग-रायपुर सहित इस रूट की ट्रेनों में स्लीपर श्रेणी में अक्सर 75 से ज्यादा और एसी-3 में 30 से अधिक की वेटिंग बनी रहती है। यही हाल सिकंदराबाद व हैदराबाद एवं पुणे-संतरागाछी रूट की ट्रेनों में है। इन्हीं हालात को देखते हुए रेलवे प्रशासन चाहता है कि इनमें से एक-दो स्थानों के लिए त्योहारों के मौसम के पहले हर दिन चलने वाली ट्रेन शुरू कर दी जाए। इसी तरह दिल्ली, इलाहाबाद, पटना, मुंबई और हावड़ा जैसे शहरों के लिए जरूरत के मुताबिक क्लोन ट्रेनें चला दी जाएं, जिससे यहां से गुजरने वाली ट्रेनों पर लोगों की निर्भरता खत्म हो सके।

छत्तीसगढ़ और समता पर घटेगा प्रेशर :

रायपुर होकर भोपाल के रास्ते आगे जाने वाली छत्तीसगढ़ व समता एक्सप्रेस में भी अक्सर लंबी वेटिंग बनी रहती है। स्लीपर श्रेणी में 100 के आसपास व एसी-3 श्रेणी में 40 या उससे अधिक की वेटिंग इन ट्रेनों में रहती है। आखिर में यात्री अमरकंटक एक्सप्रेस का सहारा लेते हैं, लेकिन उसमें भी वेटिंग मिलती है। इसलिए यात्रियों के हित में अमरकंटक के दो से तीन घंटे बाद और छत्तीसगढ़-समता एक्सप्रेस के पहले अमरकंटक एक्सप्रेस की तरह ही एक और ट्रेन चलाई जा सकती है।

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