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पुलिस नहीं समझ सकी मूकबधिर की बातें, मजिस्ट्रेट को साइन लैंग्वेज में एक्सपर्ट ने समझाई घटना, तब दर्ज हुआ दुष्कर्म का केस

दुर्ग के उरला क्षेत्र के दामाद पारा में रहने वाली एक मूकबधिर महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता का दो...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 02:41 AM IST

दुर्ग के उरला क्षेत्र के दामाद पारा में रहने वाली एक मूकबधिर महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता का दो महीने पहले क्षेत्र में ही रहने वाले दो लोगों ने अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने करीब सप्ताहभर तक पीड़िता को बंधक बनाकर रखा।

इस दौरान एक आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर महिला अपने पति के पास पहुंची। उसने इशारों में अपने साथ हुई घटना के बारे में उसे बताया, लेकिन पति उसकी बातों को समझ न सका। पुलिस के पास जब दंपति पहुंचे तो पुलिस भी महिला के मूक-बधिर होने के कारण उसकी बातों को न समझ सकी और आरोपियों के खिलाफ केवल अपहरण का ही केस दर्ज किया। इस मामले में गुरुवार को जब महिला के मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए तो वह भी उसकी बातों को नहीं समझ पाए। इस पर साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट को बुलाकर पीड़िता के बयान लिए गए। इसमें पीड़िता ने उसके साथ दुष्कर्म होने की बात बताई। महिला के बयान पर मजिस्ट्रेट ने पुलिस को आरोपियों पर दुष्कर्म की धारा जोड़ने के आदेश दिए। पुलिस इस मामले में एक आरोपी की तलाश कर रही है।

अपराध

अपहरण कर एक सप्ताह तक किया रेप, मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने पर हुआ खुलासा, एक आरोपी फरार

अपहरण कर 7 दिन तक किया दुष्कर्म

दामादपारा उरला निवासी मूकबधिर 25 वर्षीय विवाहिता का 24 जून को क्षेत्र में ही रहने वाले छगन लाल (50) और दीपक महारा (35) ने अपहरण कर लिया था। महिला की गुमशुदगी उसके पति ने माेहन नगर थाने में दर्ज कराई थी। इस दौरान एक सप्ताह तक दीपक ने महिला से दुष्कर्म किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छुटकर महिला अपने घर आ गई। महिला के मूकबधिर होने के कारण वह अपने पति को घटना के बारे में ठीक से नहीं बता सकी। दंपति ने पुलिस थाने पहुंचकर भी घटना की जानकारी दी।

इसमें पुलिस की लापरवाही कैसे, वह भी जानिए

मामले में जब पुलिस ने पीड़िता का कथन लिया तो कोई भी उस मूकबधिर की बातों को समझने वाला वहां मौजूद नहीं था। इसके चलते आरोपियों पर बलात्कार की धाराएं नहीं लगी। गुरुवार को न्यायालय में जब पीड़िता का कलमबद्ध बयान (164 का बयान) हुआ तो मजिस्ट्रेट भी उसकी बातों को समझ नहीं सके। इस पर साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट को वहां बुलाया गया। उसने महिला की बातों को समझकर मजिस्ट्रेट को घटना के बारे में बताया। इसके बाद न्यायालय में दर्ज हुए बयान के आधार पर मोहन नगर पुलिस ने पीड़िता का फिर से मुलाहिजा करवाया और केस में पहले दर्ज हुई धारा 366, 498, 34 के साथ 376 भी जोड़ी।

नहीं पकड़ाया आरोपी

मामले में मोहन नगर पुलिस ने उरला निवासी छगन लाल (50) को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। वहीं मुख्य आरोपी दीपक महारा (35) अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर है।

टीआई की लापरवाही है

ये थाना प्रभारी की लापरवाही और ज्ञान का अभाव है। इसकी जांच कराई जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। विजय पांडेय, एडिशनल एसपी, दुर्ग

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