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प्याज सब्सिडी में हुए भ्रष्टाचार की जांच शुरू, पीड़ित किसानों के दर्ज होंगे बयान

प्याज की पैदावार करने किसानों को सब्सिडी बांटने में धांधली की जांच शुरू हो गई है। उद्यानिकी विभाग के डायरेक्टर...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:45 AM IST

प्याज की पैदावार करने किसानों को सब्सिडी बांटने में धांधली की जांच शुरू हो गई है। उद्यानिकी विभाग के डायरेक्टर एनके पांडेय के निर्देश पर सहायक संचालक सुरेश ठाकुर से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। किसानों के बयान लेने सहित विभाग के रिकॉर्ड में भुगतान की जांच के बाद जांच रिपोर्ट संचालनालय भेजी जाएगी।

दैनिक भास्कर ने दुर्ग, बालोद और कबीरधाम जिले में सब्सिडी वितरण में हुई धांधली का खुलासा किया गया था। खुलासे के बाद उद्यानिकी विभाग के डायरेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए। मामले की जांच के लिए सब्सिडी से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया जाएगा। किसानों से बयान लेकर मामले का परीक्षण होगा।

अकाउंट में सब्सिडी की राशि जमा नहीं हुई तो गई कहां? होगी जांच

1. निजी एजेंसी को भुगतान करने किसानों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराया गया। खाद, बीज वितरण की पावती के लिए हस्ताक्षर लिया जा रहा है।

5.निजी एजेंसी को भुगतान का फैसला जिला स्तर पर हुआ या संचालनालय स्तर पर फैसला हुआ?

तीनों जिलों से मांगी है जानकारी

सब्सिडी की बची राशि भी किसानों के अकाउंट में जमा नहीं हुई। इस मामले में उद्यानिकी विभाग के डायरेक्टर एनके पांडेय ने तीनों जिले के सहायक संचालकों को जांच रिपोर्ट देने कहा है। जांच टीम चयनित किसानों की सूची का परीक्षण करेगी।

उद्यानकिी विभाग ने एक हेक्टेयर में प्याज की खेती करने में कुल 50 हजार रुपए खर्च का आकलन किया, जिसमें बीज, खाद, प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर, फेंसिंग, लेबर चार्ज का खर्च शामिल है। किसानों को 40 फीसदी यानी 20 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर और आधे हेक्टेयर के लिए 10 हजार रुपए सब्सिडी मिलना था। पर कुछ राशि ही दी गई।

2.अफसरों ने सब्सिडी की जानकारी दिए दो-तीन हजार रुपए मूल्य के खाद, बीज का वितरण किया। किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपए की सब्सिडी की जानकारी नहीं दी।

3.कई किसानों ने प्याज के बीज की क्वालिटी खराब होने और देर से बीज मिलने से छोटे साइज का प्याज उगने या उत्पादन न होने की शिकायत की। इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं।

6.अकाउंट में सब्सिडी की शेष 25 फीसदी राशि जमा नहीं की गई। यह राशि कहां गई।

निजी एजेंसी की भी जांच होगी

सब्सिडी की 75 प्रतिशत राशि निजी एजेंसी को भुगतान करने के मामले की जांच भी होगी। सूत्रों के अनुसार सब्सिडी से संबंधित फाइल खंगाली जा रही है। एक पखवाड़े के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर संचालनालय भेज दी जाएगी।

4.किसानों को प्याज सब्सिडी बांटने में हुई गड़बड़ी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं। विभाग के किन अफसरों की मिलीभगत से गड़बड़ी हुई।

डेढ़ करोड़ रु. की सब्सिडी का होना था वितरण

तीनों जिले में किसानों को प्याज उत्पादन के लिए किसानों को सब्सिडी के रूप में लगभग डेढ़ करोड़ का वितरण होना था। मैदानी पड़ताल से पता चला िक सब्सिडी वितरण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया। किसानों को प्याज उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर करीब 20 हजार रुपए की दर से सब्सिडी देना था। विभागीय अफसरों ने सब्सिडी के नाम पर खाद, बीज सहित अन्य कार्यों के लिए निजी एजेंसी को 75 प्रतिशत राशि का भुगतान कर दिया।

रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

प्याज सब्सिडी मामले की जांच के आदेश मिले हैं। जांच शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट संचालनालय भेजी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सुरेश ठाकुर, सहायक संचालक, उद्यानिकी विभाग, दुर्ग

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