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राजनांदगांव में बैठकर ठग ने बिछाया जाल धमतरी में लिया झांसा में, रायपुर में की ठगी

धमतरी के कारोबारी को रायपुर बुलाकर आठ लाख की ठगी करने वाले आरोपी के रायपुर, धमतरी के साथ-साथ राजनांदगांव में...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 03:10 AM IST

राजनांदगांव में बैठकर ठग ने बिछाया जाल 
धमतरी में लिया झांसा में, रायपुर में की ठगी
धमतरी के कारोबारी को रायपुर बुलाकर आठ लाख की ठगी करने वाले आरोपी के रायपुर, धमतरी के साथ-साथ राजनांदगांव में अलग-अलग जगह एक दर्जन फुटेज मिल गए हैं। फुटेज के आधार पर हालांकि उसकी तस्वीर जरूर मिल गई है लेकिन अब तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को शक है कि आरोपी आंध्र प्रदेश के गिरोह का सरगना है। वह अपने गिरोह के साथ आता है, लेकिन सभी अलग-अलग ठहरते हैं ताकि पुलिस की नजर में न आ सके। ये गिरोह इतना शातिर है कि जहां वारदात करनी होती है, उस शहर में नहीं ठहरते। आस-पास के किसी शहर में ठहरकर वहां से आना जाना करते हैं।

धमतरी के कारोबारी से ठगी करने के लिए भी गिरोहबाज राजनांदगांव में ठहरे। वहां से शिकार को फांसने के लिए धमतरी गया। वहां कारोबारी को झांसा में लेने के बाद वारदात को रायपुर में अंजाम दिया। ताकि कोई भी उन पर शक न करे और वह अपने साथियों के साथ आसानी से राज्य से निकल सके। गंज पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम पड़ताल में लगी हुई है। इसमें दूसरे राज्यों की पुलिस की भी मदद ली जा रही है। उन्हें ठग का फुटेज भेजा गया है। उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस का दावा है कि ठग दूसरे राज्य का है। पुलिस को जांच के दौरान एक संदिग्ध फुटेज मिला है। वह उसी का साथी माना जा रहा है। वह अक्सर दो या तीन साथियों के साथ आता था।

आरोपियों ने गाड़ियां बदलकर किया सफर

कारोबारी से ठगी करने वाले आरोपी इतने शातिर हैं कि उन्होंने पुलिस को उलझाने के लिए एक गाड़ी से सफर नहीं किया। वे राजनांदगांव से टैक्सी लेकर दुर्ग पहुंचे। वहां से बस बैठकर रायपुर आए। बस स्टैंड से वे ऑटो लेकर रेलवे स्टेशन गए। वहां से पैदल वह तेलघानी नाका पहुंचे। पुलिस को आरोपी का इन रूट पर फुटेज मिले हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले से तेलघानी नाका में रेकी कर चुके थे। इसी वजह से गिरोह का सरगना पैसा लेने के बाद एक अपार्टमेंट में चला गया। वहां से चकमा देकर अपने साथियों के साथ निकल गया। उसे अपार्टमेंट से बाहर निकलने वाले दूसरे रास्ते की जानकारी थी। हालांकि पुलिस अब तक यह पता नहीं कर पाई है कि वह ठगी के बाद कहां गया, क्योंकि पुलिस ने रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड में लगे कैमरे की जांच कर चुकी है। दोनों ही जगह उसका फुटेज नहीं मिला है।

साउथ के गिरोह करते हैं इस पैटर्न में ठगी

पुलिस के अनुसार साउथ के गिरोह इस पैटर्न में ठगी करते हैं। आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में इस तरह के गिरोह हैं। हालांकि कुछ वर्षों से इस पैटर्न में महाराष्ट्र के भी कुछ गिरोहबाज वारदातें कर रहे हैं। गंज पुलिस तीनों राज्यों की पुलिस से संपर्क में हैं। उन्हें ठग व उसके साथ मिले संदिग्ध का फुटेज भेजा गया है। वहां का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।

6 हजार से ज्यादा कॉल की जांच

पुलिस ठगी के मामले में छह हजार से ज्यादा कॉल डिटेल की जांच कर चुकी हैं। कॉल डिटेल की सूची को खंगाला जा रहा है। पुलिस चार दिनों की जांच में डेढ़ सौ नंबर की जांच कर चुकी है। पुलिस ने राजनांदगांव, धमतरी और तेलघानी नाका से टावर डंप निकाला है। पुलिस फील्ड के साथ तकनीकी पहलुओं पर भी काम कर रही है। इसमें साइबर सेल की टीम को लगाया गया हैं। पुलिस को शक है कि वारदात को अकेले अंजाम नहीं दिया गया है। इसके अलावा शहर में जेवर चमकाने का झांसा देकर ठगी की आधा दर्जन वारदातें हो चुकी। इसमें पुलिस को ठगों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है, लेकिन किसी भी मामले में पुलिस अब तक सफलता हासिल नहीं कर पाई है।

अब तक ठगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं पंडरी में लगातार दो दिनों तक चेन स्नेचिंग और लूट की घटनाएं हुई थी। इस मामले में पुलिस के हाथ खाली है। हालांकि पुलिस को प्रत्यक्षदर्शी मिलें और कुछ फुटेज भी मिले है। उसकी जांच की जा रही है। संदेह में कुछ लोगों काे हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है। पुलिस को शह कि लुटेरे के बाहर के हैं, जो राजधानी के आसपास के जिलें में छिपे हुए हैं। घटना के बाद वहां भाग जाते हैं।

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