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नदी में रेत खनन: ग्रामीण व पंच-सरपंच दो गुट में बंटे

ब्लॉक मुख्यालय से लगे ग्राम खर्रा के ग्रामीण गांव से गुजरे तांदुला नदी पर से रेत उत्खनन करने का विरोध कर रहे है।...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:40 AM IST

ब्लॉक मुख्यालय से लगे ग्राम खर्रा के ग्रामीण गांव से गुजरे तांदुला नदी पर से रेत उत्खनन करने का विरोध कर रहे है। किंतु इसी ग्राम के जनप्रतिनिधि रेत बेचने पर अडिग है। रेत खनन का विरोध करने वालों पर अब पुलिसिया कार्रवाई के बाद गांव का माहौल खराब हो गया है। 23 अप्रैल को वार्ड 7 के पंच अजय देशमुख ने गांव के ही एक युवक अनेश्वर पर मारपीट और गालीगलौज की रिपोर्ट दर्ज कराया था। किंतु ग्रामीणों ने इसके बाद भी विरोध जारी रखा हैं, तो अब चुन-चुनकर अगुवाई करने वालों की शिकायत करने का सिलसिला चल रहा है। अब तक गांव के 6 लोगों पर थाने में शिकायत दर्ज करा चुके हैं।

इस एकतरफा कार्रवाई के बाद से ग्रामीणों और पंच-सरपंच एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं। नदी से रेत खनन नहीं करने के फैसले को लेकर ग्रामीणों की लगातार बैठक होती रही हैं। किंतु सरपंच सहित पंचों के द्वारा रेत खदान शुरू कर दिया जाता रहा है। जिसका विरोध ग्रामीणों के द्वारा किया जा रहा हैं। एनेश्वर निषाद, घनश्याम निषाद, सीताराम, देव कुमार का कहना है कि गांव वाले पहले से ही नदी में पानी होने से अपने बाड़ी व खेत नहीं जा पा रहे है। मुश्किल से प्लास्टिक के नाव से नदी पार करते है। खुदाई से नदी का कटाव बढ़ जाएगा।

भास्कर पड़ताल

दैनिक भास्कर ने रेत खनन के लिए विभागीय प्रक्रिया सहित कई बिंदुओं पर पड़ताल किया। तो यह बात निकलकर सामने आई कि नदी से रेत निकासी को लेकर फाइल को संबंधित विभागों से दौड़ाने के लिए आर्थिक गड़बड़ी की जा रही है। सरपंचों के पास इतना समय नहीं होता है और न ही पहुंच कि वे रेत निकासी के लिए क्लीयरेंस ला सके। इसका लाभ कुछ दलाल किस्म के लोग उठाते हैं। जो नदी से रेत निकासी तक क्लीयरेंस कराने में अपना सारा पैसा लगाते हैं। इसके बाद नदी में मशीन लगाकर बेहिसाब रेत उत्खनन करते है। रेत निकासी 30 रुपए घनमीटर होता है पर इसको ऊंचे दाम पर प्रति ट्रैक्टर पांच से छह सौ रुपए में बेचा जाता है। हाईवा व ट्रक का 180 रुपए होता है। 3 हजार से 35 सौ रुपए बेच रहे हैं।

पूछकर लगाई थी अर्जी

कुछ लोग ही जो चिल्ला रहे है पूर्व में गांव वालों से ही पूछकर रेत खनन के लिए अर्जी लगाई थी।’’ ममता तिवारी, सरपंच ग्राम पंचायत खर्रा

5-6 सौ रुपए में बेची जा रही रेत

विरोध के कारण खनन बंद

विरोध के कारण रेत उत्खनन बंद है। दो माह के लिए स्वीकृति मिली थी। जिसमें से डेढ़ माह गुजर गया हैं। दीपक मिश्रा, जिला खनिज अधिकारी

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