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कलेक्टोरेट में आधार की दुकान, ले रहे पैसा, भास्कर ने पूछा तो ऑपरेटर्स बोले-सरकार नहीं दे रही वेतन तो हम क्या करें

बैंक के बाद कलेक्टोरेट में आधार की दुकानदारी शुरू हो गई है। नए नामांकन के लिए लोगों से 30 रुपए शुल्क लिया जा रहा है।...

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 03:25 AM IST
बैंक के बाद कलेक्टोरेट में आधार की दुकानदारी शुरू हो गई है। नए नामांकन के लिए लोगों से 30 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। जबकि नियमों के तहत नया नामांकन बिलकुल निशुल्क है। जब भास्कर ने मौके पर मौजूद ऑपरेटर्स से सवाल पूछा तो उन्होंने साफ कहा-हां हम शुल्क ले रहे हैं क्योंकि सरकार हमें वेतन नहीं देती है। मामला तब और गंभीर हुआ जब जिम्मेदार अफसर भी उनका सपोर्ट करने लगे।

ऑपरेटर्स काफी देर तक बहस करते रहे और कहा कि ये खबर अखबार में छपी तो वे कल से आधार बनाने का काम पूर्ण रूप से बंद कर देंगे। बड़ा सवाल यह है कि सरकार ने बैंकिंग और नॉन बैंकिंग कार्य में आधार को अनिवार्य तो किया लेकिन कार्ड की सुलभ व्यवस्था के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए। यही वजह है कि कुछ गिने-चुने एजेंट और सरकारी एजेंसियां इसका फायदा उठा रही है और लोगों से मनमाना शुल्क वसूल किया जा रहा है। इससे पहले केनरा बैंक भी ऐसा मामला सामने आ चुका है। यहां भी प्रत्येक सुधार कार्य के लिए 30 रुपए चार्ज लिया जा रहा था।

राजनांदगांव. कलेक्टोरेट में सेंटर में आधार बनाने की प्रक्रिया।

पीछे दिखावे के लिए लगाया बोर्ड

कलेक्टोरेट के ऊपरी मंजिल में आधार का काम चल रहा है। यहां दीवार पर बोर्ड लगाया है। जिसमें लिखा है कि नया नामांकन और बच्चों का बायोमैट्रिक सुधार नि:शुल्क है। अन्य बायोमैट्रिक सुधार और सांख्यिकीय सुधार के लिए 25-25 रुपए शुल्क है। आधार के ब्लैक एंड वाइट प्रिंट आउट के लिए 10 रुपए देना अनिवार्य किया गया है।

एक बार में जितना सुधार, सभी का एक ही शुल्क

डेमोग्राफिक अपडेट जैसे नाम, पता, जन्म की तारीख, मोबाइल नंबर, जेंडर और ईमेल बदलवाने या सुधार करवाने के लिए 25 रुपए निर्धारित है। ईडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया कि एक आधार में दो या फिर तीन एक साथ सुधार पर सिर्फ 25 रुपए शुल्क लिया जाना है।

70 के बजाय रह गए 22 सेंटर, कार्ड बनवाने लोगों को जिला मुख्यालय तक लगानी पड़ रही दौड़, 1.40 लाख के कार्ड बाकी

राजनांदगांव|यूआईडीआई द्वारा आधार का काम च्वाइस सेंटरों से छिनने के बाद से लोगों को कार्ड बनवाने मशक्कत करनी पड़ रही है। लोगों को आधार बनवाने के लिए जिला मुख्यालय आना पड़ रहा है। यही वजह है कि जिले के 1,40, 964 लोगों का आधार नहीं बन पाया है। वर्तमान में लोक सेवा केंद्र (सीएससी) से संबद्ध 22 सेंटर में आधार बनाने का काम चल रहा है। जिसमें भी नेटवर्क परेशानी हावी है। इससे पहले करीब 70 सीएससी सेंटर में आधार बनाने का काम चल रहा था। लेकिन यूआईडीआई के निर्देश मिलने के बाद इन सेंटरों में आधार का काम बंद कर दिया गया। ज्यादातर सेंटर जिला मुख्यालय में ही हैं।

रोज पहुंच रहे 70, ज्यादातर लोग मानपुर और मोहला से

कम सेंटर होने से रोज 70 से अधिक लोग जिला मुख्यालय सिर्फ आधार बनाने पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर मानपुर, मोहला से हैं। यहां आने के बाद भी उन्हें तत्काल कार्ड नहीं मिलता है। लोगों को दो तीन बार चक्कर लगाना ही पड़ता है। ऐसी व्यवस्था से श्रम, पैसे और समय की बर्बादी हो रही है। इस ओर प्रशासन का ध्यान नहीं है। नया कार्ड बनाने के लिए कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लगता है।

मामले की जानकारी लेता हूं


जिले में 176 शाखा डाकघर लेकिन सुविधा कहीं नहीं

जिले में 176 के करीब शाख डाकघर है लेकिन आधार बनाने की सुविधा कहीं नहीं है। जिला मुख्यालय के प्रमुख और ब्लॉक मुख्यालय के डाकघरों में सुविधा है। जो कि ज्यादा कारगर नहीं है। ऐसे में लोगों को आधार बनवाने में परेशानी आ रही है। अधिकारियों की माने तो नॉन तकनीकी कर्मचारियों की वजह से ऐसी दिक्कत हुई है। वहीं आधार बनाने के लिए मशीन का बजट भी काफी महंगा है।