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सरपंच रहकर मितानिन का भी काम कर रहीं

छुरिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत जोंधरा की सरपंच एक साथ दो-दो पदों पर कार्य कर रही हैं। सरपंच राधामणी भारद्वाज...

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 03:35 AM IST
छुरिया ब्लॉक के ग्राम पंचायत जोंधरा की सरपंच एक साथ दो-दो पदों पर कार्य कर रही हैं।

सरपंच राधामणी भारद्वाज द्वारा एक साथ सरपंच व मितानिन पद में कार्य करते हुए शासन से दोहरे लाभ लेने का मामला सामने आया है। सरपंच को एक पद से हटाने की मांग समाजसेवी अशोक भंडारी, राकेश मेश्राम, नंदू राम साहू ने 25 अप्रैल को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। इन्होंने मांग की है कि सरपंच को दोनों में से किसी भी एक पद से हटाया जाए, ताकि किसी अन्य महिला को रोजगार प्राप्त हो सके।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा सरपंचों को वर्षभर के लिए 24000 रुपए यात्रा भत्ता के रूप में दिया जाता है, जो उन्हें दो किस्तों में प्रदान की जाती है। इस तरह से एक माह का यात्रा भत्ता सरपंचों का 2 हजार रुपए बनता है।

वहीं मितानिन पद में रहते हुए उन्हें 3600 रुपए वार्षिक यात्रा भत्ता प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त एक माह में स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के अभियान में मितानिनों की सहभागिता रहती है। इन सबको मिलाकर एक मितानिन को प्रतिमाह 3000 रुपए से अधिक राशि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जाती है।

ऐसा करना नियम विरुद्ध: इस संबंध में राजनांदगांव के अधिवक्ता एचबी गाजी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति एक साथ दो जगहों से शासकीय राशि को यात्रा भत्ता के रूप में नहीं ले सकता। चूंकि सरपंचों को प्रतिमाह 2000 रुपए यात्रा भत्ता सुनिश्चित है।

इस हिसाब से उन्हें प्रतिदिन के हिसाब से 66.67 रुपए यात्रा भत्ता मिलता है। वहीं सरपंच प्रतिमाह 300 रुपए मितानिन के रूप में यात्रा भत्ता ले रही हैं। सरपंच राधामणी भारद्वाज द्वारा मितानिन के रूप में ली जाने वाली 300 रुपए यात्रा भत्ता की राशि प्रतिमाह 133 रुपए कटवाकर 167 रुपए लिया जाना चाहिए था पर उन्होंने शासन को ठेंगा दिखाते हुए दोनों जगहों से संपूर्ण राशि प्राप्त कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह एक साथ दो शासकीय पदों पर रहकर काम करना अनुचित है। मामले में कार्रवाई की जाए।

जिम्मेदारों ने यह कहा