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प्री-नर्सरी में अब 3 साल से कम उम्र के बच्चों का एडमिशन नहीं

प्री- नर्सरी में प्रवेश के नाम पर चलने वाली प्राइवेट स्कूलों की दुकानदारी अब बंद हो जाएगी। एनसीईआरटी ने प्री...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:40 AM IST

प्री- नर्सरी में प्रवेश के नाम पर चलने वाली प्राइवेट स्कूलों की दुकानदारी अब बंद हो जाएगी। एनसीईआरटी ने प्री नर्सरी में 3 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश नहीं देने का निर्देश जारी किया है। एनसीईआरटी ने पहली बार नर्सरी के लिए गाइडलाइन जारी किया है। जिसका पालन पूरी सख्ती से करने की हिदायत दी है।

एनसीईआरटी की इस गाइडलान से जिले के 70 से अधिक स्कूल प्रभावित होने वाले हैं, जो प्री नर्सरी के नाम पर 3 साल के कम उम्र के बच्चों का दाखिला लेकर 10 से 25 हजार रुपए तक फीस वसूल रहे थे। गाइडलान में 3 साल के बाद ही प्री नर्सरी में बच्चों को दाखिला लेने कहा गया है, यह दो साल का होगा। इसके बाद आगे की पढ़ाई शुरू होगी। एनसीईआरटी की इस गाइडलान से पालक वर्गाें में भी राहत है। ज्यादातर स्कूलों ने एडमिशन के नाम पर प्री- नर्सरी को अनिवार्य कर दिया है, इसके चलते बीते कुछ सालों से पालक अपने 3 साल से कम उम्र के बच्चों को भी मजबूर दाखिल कराते आ रहे थे और इसके लिए उन्हें मोटी फीस खर्च करना पड़ रही थी। नर्सरी में दाखिले के लिए एनसीईआरटी ने बच्चों की उम्र कम से कम 3 साल निर्धारित कर दी है। इससे कम उम्र के बच्चों का अब दाखिला स्कूल में नहीं हो सकेगा। इसके चलते अब प्री नर्सरी के नाम पर होने वाली बेवजह से लूट से पालकों को राहत मिलेगी।

जिले में 70 से अधिक स्कूलों में वसूली जा रही मोटी फीस

स्कूलों में डिप्लोमा होल्डर शिक्षक और 1: 25 जरूरी

नर्सरी की पढ़ाई के लिए भी एनसीईआरटी ने प्रशिक्षित शिक्षकों को अनिवार्य बताया है। इसके लिए प्री एजुकेशन में शिक्षकों को डिप्लोमाधारी होना होगा। तभी वे किसी भी स्कूल की नर्सरी क्लास में टीचिंग करा सकेंगे। इसके अलावा स्कूलों को 1 : 25 के मापदंड पर शिक्षकों की व्यवस्था करने कहा गया है। अब तक प्री नर्सरी और नर्सरी के नाम पर बढ़ी संख्या में बच्चों को दाखिल कर लिया जाता था, लेकिन शिक्षक मापदंड के मुताबिक नहीं होते थे। जिसकी वजह से बच्चों को जरूरत के मुताबिक माॅनिटरिंग नहीं मिल पा रही थी।

स्कूलों के लिए जारी गाइडलाइन के मुताबिक ये हैं नए नियम

प्रवेश प्रक्रिया में मूल्यांकन या बातचीत शामिल नहीं होना चाहिए ।

शिक्षकों को हायर सेकंडरी उत्तीर्ण व प्री स्कूल डिप्लोमा अनिवार्य ।

बच्चों को पहले साल में सुनना, प्रक्रिया देना और आई कान्टेक्ट सीखाया जाएगा।

दूसरे साल में बच्चों को कौन, क्या ,कहां जैसे सरल प्रश्नों के जवाब सिखाए जाएंगे।

(इसके अलावा राज्य सरकारों से भी पाठ्यक्रम के लिए सुझाव एनसीईआरटी ने मांगा है)

इधर निर्धारित तारीख निकली अब तक नहीं खुला पोर्टल

इधर आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन के लिए बनाया गया पोर्टल निर्धारित तिथि निकल जाने के बाद भी नहीं खुल पाया है। आरटीई के तहत प्रवेश के लिए 30 अप्रैल तक आॅनलाइन आवेदन करने का निर्धारण किया गया था। लेकिन तकनीकी दिक्कत के चलते यह समय बीत जाने के बाद भी पोर्टल नहीं खुल पाया है। इसके चलते पालक अब तक अपने बच्चों के दाखिले की उम्मीद लेकर भटक रहे है। हालाकि शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि पोर्टल नहीं खुलने के चलते आवेदन की अगली तिथि जल्द ही घोषित होगी

स्कूलों के लिए ये जरूरी अनदेखी पर कार्रवाई

स्कूल के पास बच्चों के खेलने के लिए मैदान होना आवश्यक ।

स्कूल के चारों आेर बाउंड्री वाॅल करना अनिवार्य।

स्कूल इमारत मुख्य सड़क से लगा न हो।

पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य।

बालक व बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय होना अनिवार्य।

स्कूल स्टाफ की नियुक्ति के लिए पुलिस से सत्यापन जरूरी।

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