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एनीकट बनने से रुकेगा डोकराभाठा का कटाव

पिछले कई वर्षों से डोकराभाठा-खैरागढ़ सड़क भारी बारिश में डूब जाती थी और हजारों लोगों का संपर्क कट जाता था। इस...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 03:55 AM IST
पिछले कई वर्षों से डोकराभाठा-खैरागढ़ सड़क भारी बारिश में डूब जाती थी और हजारों लोगों का संपर्क कट जाता था। इस समस्या के हल के लिए और किसानों को पानी उपलब्ध कराने 1988 में चेपटाखोल डायवर्शन तैयार कराया गया था लेकिन स्ट्रक्चर में तकनीकी समस्या होने की वजह से अगले साल ही बेकार हो गया।

2008 में जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने इसका मरम्मत करने की कोशिश की लेकिन यह भी सफल नहीं रही। डायवर्शन नहीं होने की वजह से बाढ़ का पानी हर साल सड़क में पहुंच जाता और डोकराभाठा-खैरागढ़ सड़क डूब जाती। वर्ष 2016 -17 में एक बार पुन: चेपटाखोल डायवर्सन के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। इस बार विंग वॉल की ऊंचाई दूसरी ओर से बढ़ाई गई। पिछले साल 45 दिनों में यह कार्य पूरा किया गया। कार्य की लागत 49 लाख रुपए रही। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार भी प्राप्त हुआ। डायवर्शन में पानी आ जाने से बाढ़ के पानी को संग्रहित किया जा सका, इससे डोकराभाठा-खैरागढ़ की ओर जाने वाला पानी का बड़ा फ्लो रोका जा सका। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों से समन्वय भी किया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क की ऊंचाई एक किमी बढ़ा दी। इसका अच्छा नतीजा हुआ और खैरागढ़-डोकराभाठा सड़क में बरसात के दिनों में आने वाली दिक्कत दूर हो गई। मनरेगा एपीओ प्रथम अग्रवाल ने बताया कि चेपटाखोल डायवर्शन चार गांवों के लिए संजीवनी साबित हुआ है। इनमें खजरी, ढोलियाकन्हार, केराबोरी और पेंड्री भी शामिल हैं।

राजनांदगांव.चेपटाखोल डायवर्शन का मरम्मत का निर्णय लिया गया। इस बार विंग वॉल की ऊंचाई दूसरी ओर से बढ़ाई गई।