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एक नाम के दाे लोग, जिसके नाम से पास हुआ उसने नहीं, दूसरे ने बनाया आवास

ग्राम पंचायत कर्रेझर में शौचालय निर्माण का मामला शांत ही नहीं हुआ है और अब प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का...

Danik Bhaskar | Jul 13, 2018, 03:35 AM IST
ग्राम पंचायत कर्रेझर में शौचालय निर्माण का मामला शांत ही नहीं हुआ है और अब प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। एक नाम के दो लोग होने के कारण जिसके नाम से प्रस्ताव किया गया था, उसका मकान ना बनकर उसी नाम के दूसरे व्यक्ति का मकान बनकर तैयार हो गया है। लेकिन कम्प्यूटर में जिसका नाम दर्ज है उसमें इन दोनों के पिता व माता के नाम से अलग रामेश्वर पिता सेवकराम व माता रमशीला है।

उनका कम्प्यूटर में रजिस्टर्ड नंबर सीएच 1874772 दर्ज है जबकि इस नाम का कोई व्यक्ति गांव में है ही नहीं। अगर इस मामले की जांच कराई जाए तो नीचे से लेकर ऊपर तक की गड़बड़ी सामने आ सकता है। पंच रामेश्वर ने नाम ना होते हुए पीएम आवास तो बना लिया है। पहले मकान के सामने में पीएम आवास का मोनाे लगाया था। लेकिन मामला उजागर होने के बाद मोनाे को निकाल दिया है। उपसरपंच उमेंद्र सलाम ने बताया कि रामेश्वर के नाम से जो आवास पास हुआ था उसे पंचायत प्रस्ताव नहीं कराया गया है और ना ही पंचों को जानकारी है।

रामेश्वर पिता पहरसिंग ने बताया कि जिस समय मेरा प्रधानमंत्री आवास पास हुआ था। उस समय सरपंच ने बताया था कि आपका आवास पास हो गया है। इस बात की जानकारी पूरे ग्रामीणों को है।

तार्रीभरदा. पीएम आवास के तहत पंच रामेश्वर ने बना लिया मकान।

शौचालय बनाने में भी हुई थी गड़बड़ी

स्वच्छ भारत अभियान के समय भी शौचालय निर्माण में गड़बड़ी हुई थी। जिसकी जांच के बाद मामला एसडीएम के पास है। शौचालय निर्माण में 26.53 लाख रुपए की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। कई घरों में शौचालय अपूर्ण है। मरकाटोला निवासी मयाराम ने बताया कि एक वर्ष पूर्व टंकी निर्माण हो चुका है। महेश कुंजाम कर्रेझर ने बताया कि शौचालय में दरवाजा नहीं लगा है। जिससे साड़ी को दरवाजा बना कर शौच करते है। मुस्केरा निवासी आत्माराम, दयाराम, दिलीप को भी शौचालय की राशि नहीं मिला है। कंकालिन निवासी सोनऊराम, दशरथराम, मुकेश, पुरूषोत्तम, रामचरण, सीताराम को अभी तक शौचालय की राशि नहीं मिला है।

ग्रामसभा में किया गया था अनुमोदन

अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीआर गंजीर ने बताया कि पंचायत ने ग्रामसभा का अनुमोदन करार 50 रुपए के स्टाम्प में लिखकर दिया है। उसी को सही मानकर प्रधानमंत्री आवास पास किया गया।