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तुमला बालक छात्रावास के सुधरे हलात, रहने के लिए आने लगे छात्र

हॉस्टल कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यहां बच्चे रह रहे थे अकेले, अधपका चावल खाकर पड़े थे बीमार भास्कर न्यूज |...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 11, 2018, 02:45 AM IST

हॉस्टल कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यहां बच्चे रह रहे थे अकेले, अधपका चावल खाकर पड़े थे बीमार

भास्कर न्यूज | अंकिरा

बालक छात्रावास तुमला की व्यवस्था पुरी तरह सुधार ली गई है। जहां छात्रावास के देखरेख के लिए स्थानीय शिक्षक श्रवण चौहान को दायित्व सौंपा गया है। रसोईया द्वारा खाना पकाकर छात्रों को खिलाया जा रहा है।

गत दिनों इस हॉस्टल की बदइंतजामी की खबर भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी, जिसका असर तुरंत देखने को मिला। फरसाबहार मण्डल संयोजक रमेश साव ने वैकल्पिक व्यवस्था की, जिससे यहां से घरों में पलायन कर रहे छात्रावासी बच्चे पुनः छात्रावास वापस आ रहे हैं। बालक छात्रावास का देखरेख श्री चौहान द्वारा 1 अगस्त से किया जा रहा है। तब छात्रावास में मात्र 4 बच्चे ही रह रहे थे। पर यहां की व्यवस्था सुचारू रूप से चलने से आज की स्थिति में 10से ज्यादा बच्चे छात्रावास में रह रहे हैं। वहीं बच्चों का रोज वापस आना निरंतर जारी है। वहीं कुछ बच्चे परिजनों के बीमारी होने का हवाला देकर ठीक हो जाने की बात कह रहे हैं। उल्लेखनीय है कि,9जुलाई 2018से यहां 20स्कूली बच्चे रह रहे थे। पर इनके सुरक्षा की दृष्टि से कोई कर्मचारी नहीं था। यहां के अधीक्षक का स्थानांतरण हो जाने के बाद डुमरिया छात्रावास के अधीक्षक एनएस मलार का प्रभार में दिया गया था। संस्था में छोटे-छोटे बच्चे दर्ज होने से वे रात को अपनी संस्था छोड़ नहीं पाते हैं। तुमला छात्रावास के भृत्य सहित दो कर्मचारी पदस्थ होने के बावजूद रात को नहीं सोते थे। वहीं सोमवार इनका अनिश्चित कालीन हड़ताल होने से ये हड़ताल में शामिल होने चल दिया था, जिससे छात्रावासी बच्चे रात को अनाथ की तरह सो तो रहे थे एवं स्वयं खाना पकाकर खाना भी पड़ रहा था। लिहाजा छात्रावास छोड़कर बच्चे अपने घरों में भागने लगे थे। जहां 1अगस्त तक छात्रावास में मात्र 4बच्चे ही थे। जहां सुचारू रूप से व्यवस्था किए जाने के बाद बच्चे पुनः छात्रावास में लौटने शुरू कर दिया है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत देखरेख करने वाला शिक्षक श्रवण चौैहान ने बताया यहां का व्यवस्था में पुरी तरह सुधार होने के बाद बच्चों का प्रतिदिन वापस आना जारी है। छात्रावास के क्षमता के अनुरूप जल्द से जल्द बच्चे आने की पुरी संभावना नजर आ रही है।

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