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कंपनी बंद, फिर भी अधिक रकम देने का लालच देकर 15 लाख जमा कराए

अधिक रकम देने का लालच देकर 15 लाख रुपए की ठगी करने वाले महाकालेश्वर को-ऑपरेटिव हाउसिंग कंपनी के छह डॉयरेक्टर्स के...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 13, 2018, 02:35 AM IST

अधिक रकम देने का लालच देकर 15 लाख रुपए की ठगी करने वाले महाकालेश्वर को-ऑपरेटिव हाउसिंग कंपनी के छह डॉयरेक्टर्स के खिलाफ पुलिस ने बुधवार को प्रकरण दर्ज कर लिया है। देवकर निवासी अशोक कुमार साहू द्वारा की गई फर्जीवाड़े की लिखित शिकायत जांच में सही पाई गई।

अधिक ब्याज देने का दिया था झांसा: पुलिस ने बताया कि देवकर निवासी अशोक साहू पिता रूपलाल साहू की लिखित शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। कंपनी द्वारा लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर रकम जमा कराया गया। लेकिन ब्याज ताे दूर, उनकी जमा रकम ही लेकर ही कंपनी भाग गई। अशोक की शिकायत पर कंपनी के डायरेक्टर राजेश चंद गुप्ता, रवि कुमार, संजय कुमार गुप्ता, संगीता गुप्ता, हरीश कुमार चंद्रा, अश्विनी कुमार गुप्ता सभी कुरावली-मैनपुर उप्र व प्रदीप कुमार दिल्ली निवासी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत अधिक से अधिक ब्याज के साथ रकम वापसी करने का वादा कर रकम जमा कराया गया था। लेकिन निवेश के बाद राशि नहीं लौटाई गई है।

साथी ने बताया था कंपनी के बारे में: आवेदक अशोक बीमा कंपनी के एजेंट के तौर पर काम करता था। उसे केलाबाड़ी दुर्ग निवासी शरीक अहमद कुरैशी ने जानकारी दी थी कि महाकालेश्वर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी लिमिटेड कम्पनी विभिन्न योजना के तहत 01 से लेकर 8 वर्ष तक रिकरिंग व फिक्स डिपॉजिट योजना चला रही है। जिसमें रकम जमा करने पर अधिक से अधिक ब्याज के साथ रकम वापसी करने का वादा कर रही है। इसके बाद क्षेत्र के देवकर, साजा, परपोड़ी, गंडई के सैकड़ों व्यक्तियों से विभिन्न योजनाओं के तहत करीबन 15लाख रुपए जमा कराई थी।

सभी आरोपी फरार: इस संबंध में देवकर चौकी प्रभारी संतोष ध्रुवे ने बताया कि आवेदक अशोक साहू की शिकायत सही पाए जाने पर महाकालेश्वर को-ऑपरेटिव हाउसिंग कंपनी के सभी छह डायरेक्टरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रकरण के सभी आरोपी फरार हैं।

किसी भी निवेशक को नहीं मिली राशि, जांच जारी

जब भुगतान की अवधि आई, तो किसी भी निवेशक उसकी राशि नहीं दी गई। पता करने पर उक्त कंपनी के अवैध या फर्जी होने की वजह से शासन द्वारा बंद कराए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद भी कम्पनी डॉयरेक्टरों द्वारा लोगों से अधिक से अधिक ब्याज के साथ रकम वापसी का लालच देकर धोखाधड़ी कर रकम जमा कराते रहे। प्रार्थी अशोक के साथ हुई ठगी पर सभी डायरेक्टर्स खिलाफ धारा 420, 34भादवि व इनामी चिट और धन स्कीम अधिनियम की धारा 3, 4 और छग निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधि. 2005 की धारा 10 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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