Hindi News »Chhatisgarh »Gariyaband» शहरवासियों को अब 30 वर्ष तक नहीं होगी शुद्ध पेयजल की समस्या

शहरवासियों को अब 30 वर्ष तक नहीं होगी शुद्ध पेयजल की समस्या

गरियाबंद| गरियाबंद आवर्धन जल प्रदाय योजना शहरवासियों के लिए काफी उपयोगी और राहत देनी वाली साबित हो रही है। लोक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 12, 2018, 02:30 AM IST

गरियाबंद| गरियाबंद आवर्धन जल प्रदाय योजना शहरवासियों के लिए काफी उपयोगी और राहत देनी वाली साबित हो रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की इस योजना से आने वाले 30 वर्षो तक शहर में शुद्ध पेयजल की कोई समस्या नहीं आयेगी। यह योजना वर्ष 2044 तक शहर में 24 हजार की जनसंख्या को ध्यान में रखकर बनाई गई है। अभी की स्थिति में गरियाबंद शहर की आबादी करीब 15 हजार है।

वर्तमान में गरियाबंद आवर्धन जल प्रदाय योजना से प्रतिदिन लगभग 12 लाख लीटर शुद्ध पेयजल शहर के विभिन्न वार्डों में चार टंकियों के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा है। इस योजना की लागत 11 करोड़ 63 लाख 84 हजार रूपये है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ के.पी शर्मा ने बताया कि गरियाबंद आवर्धन जल प्रदाय योजना में जल शुद्धिकरण के लिए पैरी नदी में स्थापित इन्टेकवेल में लगे राॅ-वाटर पम्पिंग मेन से पानी जल शोधन संयंत्र में सप्लाई किया जाता है। जल शोधन संयंत्र में अनेक प्रक्रियाओं से गुजरते हुए जल का शोधन होता है।

जल शुद्धिकरण की प्रक्रिया में पानी एरिएटर, फ्लेस मिक्सर, क्लेरी फ्लोकू लेटर से होते हुए फिल्टर बेड में पहुंचता है। शोधन संयंत्र में स्थापित क्लोरीन रूप मे क्लोरीन पंप के जरिए बैक्टिरिया को नष्ट किया जाता है। संयंत्र में लगे छोटे लैब में टेक्नीशियन द्वारा पानी के पीएच वैल्यू और टर्बिडिटी की जांच की जाती है।

जिला प्रयोग शाला में नियमित जांच के बाद संयंत्र में लगे 25 एचपी के तीन हाॅरिजेंटल टरबाईन पंप के माध्यम से पेयजल शहर में स्थापित चार टंकियों में संग्रहित होती है, जहां से शहर के विभिन्न वार्डों में पाइप लाईन के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाती है। यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह द्वारा गत 6 जून 2018 को जल शोधन संयंत्र का लोकार्पण किया गया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gariyaband

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×