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जिले में बाघ व ब्लैक पैंथर की मौजूदगी तो वेबसाइट पर विवरण क्यों नहीं

हाल ही में सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन की वेबसाइट में बाघ और ब्लैक पेंथर के फर्जी फोटो डाले जाने की खबर वायरल हुई...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 29, 2018, 02:40 AM IST

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    हाल ही में सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन की वेबसाइट में बाघ और ब्लैक पेंथर के फर्जी फोटो डाले जाने की खबर वायरल हुई थी, जिसमें बताया गया था कि बेवसाइट में डाली गई तस्वीरें उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की नहीं बल्कि किसी अन्य स्थान की हैं। इस तस्वीर में यह भी कहा गया था कि गरियाबंद जिला प्रशासन के द्वारा सरकारी वेबसाइट के माध्यम से भ्रामक तस्वीरें दिखाकर शासन व आम जनता को गुमराह किया जा रहा है। जिले की सरकारी वेबसाइट पर बाघों के संबंध में कोई विवरण नहीं है, जिससे संदेह उत्पन्न होता है कि उदंती सीतानदी क्षेत्र में बाघ है ही नहीं।

    दरअसल जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड पर्यटन संबंधित जानकारी में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र बताया गया है और वेबसाइट पर एक ब्लैक पैंथर और एक बाघ का फोटो डालने के अतिरिक्त एक फोटो वन भैंसे की पैंटिंग वाली डाली गई है। जिसे लेकर सोशल मीडिया में दावा किया गया कि वेबसाइट पर डाले गए बाघ और ब्लेक पेंथर के दोनों फोटो फर्जी हैं। ये दोनों फोटो उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के नहीं हैं।

    सिर्फ वन भैसा के संबंध में पूरा विवरण : इसमें खास बात ये है कि जिले कि वेबसाइट में बाघ और ब्लेक पैंथर का फोटो तो डाला गया है किंतु उनके संबंध में कोई विवरण नहीं है, केवल वन भैसा के संबंध में ही पूरा विवरण उपलब्ध है कि कितने वनभैसा हैं। उनका लोकेशन कहां है। कितने नर कितने मादा आदि का उल्लेख है। किंतु बाघ या ब्लैक पैंथर के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। जबकि उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र को बाघों के लिये ही आरक्षित कर विभाग का गठन किया है। इसके बाद भी वेबसाइट में बाघों के संबंध में कोई विवरण नहीं है, इससे संदेह हो रहा है कि क्षेत्र में बाघ है ही नहीं।

    जिले की सरकारी बेवसाइट पर डाली गई बाघ और ब्लैक पेंथर की फोटो।

    कैमरे में तस्वीरें ट्रैप, सुरक्षा के मद्देनजर सार्वजनिक नहीं कर सकते

    डिप्टी डायरेक्टर बी. विवेकानंद रेड्डी का कहना है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में दो बाघ और एक ब्लैक पैंथर अब भी विचरण कर रहे हैं। हमारे पास ट्रैप कैमरे में उनकी तस्वीरें उपलब्ध हैं किंतु सुरक्षा कि वजह से तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। इसके अतिरिक्त फोर्थ फेस माॅनीटरिंग अंतर्गत आॅल इंडिया बाघ गणना 2018 में रिजर्व क्षेत्र में बाघों की उपस्थिति के साक्ष्य मिले हैं। नवंबर 2017 में दो बाघ कि तस्वीरें कैमरे में ट्रेप हुई हैं। इस वर्ष अप्रैल में ब्लैक पेंथर रिजर्व क्षेत्र में देखा गया है।

    दो जिलो में फैला है टाइगर रिजर्व क्षेत्र

    सन् 2013 में गठित उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 18042 वर्ग किमी है। रिजर्व क्षेत्र दो जिलो में फैला हुआ है जिसके अंतर्गत 8 वन परिक्षेत्र आते हैं, जिसमें से पांच रेंज कुल्हाडी घाट, तोरेंगा, उदंती उत्तर, उदंती दक्षिण, तथा इंदागांव गरियाबंद जिले में हैं और अरसीकन्हार सीतानदी व रिसगांव रेंज धमतरी जिला अंतर्गत है।

    जैनेटिक म्युटनेेशन्स की वजह से इनमें कालापन

    रेड्डी के अनुसार काला तेंदुआ कोई नई प्रजाति नहीं है, बल्कि जैनेटिक म्युटनेेशन्स की वजह से इनमें कालापन आ जाता है। डिप्टी डायरेक्टर ने ये भी माना कि इसी वर्ष फरवरी माह में धवलपुर क्षेत्र के जरण्डी में शिकारियों द्वारा मारा गया बाघ भी उदंती सीतानदी रिजर्व क्षेत्र का था, जिसकी पुष्टि सेंटर फाॅर कल्चर एंड माॅलीक्युलर बायोलोजी द्वारा की गई है। एनटीसीए नागपुर के द्वारा भी बाघ की धारियों के अनुसार पुष्टि की गई है कि मारा गया बाघ सीतानदी रिजर्व क्षेत्र का ही था।

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