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एससी/एसटी सम्मेलन में उनके नेताओं को ही बोलने नहीं दिया

गरियाबंद। कृषि मंडी प्रांगण में 5 अगस्त को आयोजित कांग्रेस पार्टी के एससी-एसटी एवं पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में प्रदेश...

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2018, 02:40 AM IST
गरियाबंद। कृषि मंडी प्रांगण में 5 अगस्त को आयोजित कांग्रेस पार्टी के एससी-एसटी एवं पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में प्रदेश प्रभारी के सामने जमकर गुटबाजी दिखी। जिस वर्ग का सम्मेलन था, उसी वर्ग के स्थानीय नेताओं को बोलने का मौका नहीं मिला। कार्यक्रम में मान-मनौवल ना मिलने के चलते कई कार्यकर्ता तो बीच कार्यक्रम से ही नदारद हो गए। इस दौरान राजिम विधानसभा से अपना भविष्य तलाश रहे नेताओं के चहेते के बीच भी विवाद की स्थिति बन गई थी, जिन्हें समझाइश देकर रोका गया। सम्मेलन में पीएल पुनिया के साथ प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल, डाॅ. चरणदास महंत, शिव डहरिया, रामदयाल उइके, राजेंद्र तिवारी, अरुण उरांव समेत प्रदेश स्तर के कई दिग्गज नेता भी जिला पहुंचे थे। इनके बीच ही एक बार फिर कांग्रेसियों के आपसी मतभेद और गुटबाजी खुलकर सामने आई।

पुनिया-भूपेश पर भारी रही गुटबाजी : राजिम विधानसभा से टिकट की आस लगाए क्षेत्र से कांग्रेस के दमदार नेता युगल पांडे ने 300 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ मजरकट्टा के पास पुनिया का स्वागत किया। वहीं अमितेष शुक्ला को लगातार बाहरी करार देते हुए स्थानीय नेतृत्व की मांग करने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष बाबूलाल साहू और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आबिद ढेबर ने भी अलग से काली मंदिर के पास स्वागत किया।

पुनिया के सामने लगाने लगे नारे: सम्मेलन में कांग्रेस का एक पूरा धड़ा पुनिया के सामने ही अमितेश का विरोध कर स्थानीय प्रत्याशी की मांग करने लगा। यहां तक उनके करीब एक नेता और स्थानीय प्रतिनिधित्व की मांग करने वाले एक नेता के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसे कार्यकर्ताओं ने शांत कराया गया।

इनको मौका नहीं दिया

पुनिया के आने पर स्वागत से लेकर ही तीनों वर्ग से आए लोगों ने सम्मान नहीं मिलने पर कार्यक्रम से दूरी बना ली। मंडी प्रांगण पहुंचने के पहले ही ग्रामीण अंचल से आए कई नेता अपने कार्यकर्ताओं को लेकर लौट गए। कार्यक्रम में एसटी-एससी और ओबीसी वर्ग के प्रदेश स्तर के नेता अमरजीत सिंह भगत, राष्ट्रीय सचिव मनोज मंडावी, शिव डहरिया, धनेश पाटिला तथा महेंद्र चंद्राकर ने तो भाषण दिया पर पूर्व विधायक ओंकार शाह, जनकराम ध्रुव सहित इस वर्ग के कई स्थानीय नेता भी कार्यक्रम में मौजूद थे पर उन्हें बोलने या अपने समाज वर्ग से जुड़ी कोई बात या उस वर्ग की समस्याओं को रखने का मौका ही नहीं दिया गया।

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