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कुरीतियों से लड़ रहीं महिलाएं बनीं सखी, अब समाज को करेंगी सजग

सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला पुलिस द्वारा पुलिस सखी की शुरुआत की गई। इस अवसर पर समाज...

Bhaskar News Network | Last Modified - Aug 02, 2018, 02:51 AM IST

कुरीतियों से लड़ रहीं महिलाएं बनीं सखी, अब समाज को करेंगी सजग
सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला पुलिस द्वारा पुलिस सखी की शुरुआत की गई। इस अवसर पर समाज कुरीतियों के विरूद्ध कार्य करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित किया गया और उन्हें विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में करीब 21 गांव की 100 से अधिक ऐसी महिलाएं शामिल हुईं जो अपने अपने गांव मे सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध अभियान चला रही हैं।

इस अवसर पर एसपी एमआर आहिरे ने कहा कि आज महिलाओं आगे बढ़कर सामाजिक कुरीतियों जैसे नशा, जुुआ, शराब, गांजा सहित कई ग्रामीण और शहरी अंचल में होने वाले कुरीतियों को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहीं हैं। महिलाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुलिस सखी की शुरूआत की गई। जिसके तहत उन्हें पुलिस और सरकार द्वारा क्या क्या सुविधाएं दी जा रहीं और महिलाओं के संबंध में क्या क्या कानून बनाए गए हैं, इससे उन्हें अवगत कराया जा रहा है। एसपी ने कहा कि कई बार महिलाएं कानूनी जानकारी के अभाव में इन कुरीतियों को रोकने का प्रयास तो करती परंतु स्वयं उलझ जाती है। कानूनी जानकारी होने से वे और अधिक अच्छे से अपना काम कर सकेंगी।

गरियाबंद. पुलिस सखी की शुरुआत के अवसर पर 21 गांवों की 100 महिलाएं शामिल हुईं।

घूरना भी आता कानूनी दायरे में: पांडेय

एसपी ने बताया कि स्कूल, काॅलेज या बाजार जाने वाले छात्रों, महिलाओं का पीछा करना, छेड़छाड़ करना, घूरना, अश्लील इशारे करना या उन्हें अपमानित करने का प्रयास करना भी कानून अपराध के दायरे में आता है। साथ ही सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्वीटर, वाटसअप मे भी बार बार मेसेज भेजना या तंग करना भी अपराध है। उन्होंने महिलाओं से अपील की ऐसी किसी भी घटना होने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें और अपने साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक करें। इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन उपनिरीक्षक निधि साहू ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला शिक्षा अधिकारी एस के ओगरे, महिला बाल विकास कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का, समाज सेवी शीला पटेल, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक के एस मार्को, एसडीओ पुलिस संजय ध्रुव, रक्षित निरीक्षक नीलेश द्विवेदी, आरआई उमेश राय, सीटी कोतवाली प्रभारी सचिन सिंह, प्रधान आरक्षक प्रकाश राठौर सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए हैं कई कानून: एसपी

एएसपी नेहा पांडेय ने उपस्थित महिलाओं को प्रेजेंटेशन के माध्यम से समाजहित, महिलाहित तथा महिलाओं से संबंधित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी और आत्मरक्षा के टिप्स भी दिए। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण के तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई कानून बनाए गए हैं लेकिन जागरूकता की कमी के चलते अधिकांश महिलाएं यह जान नहीं पाती है।

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