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कर्मचारियों ने की सातवें वेतनमान का एरियर्स भुगतान कराने की मांग / कर्मचारियों ने की सातवें वेतनमान का एरियर्स भुगतान कराने की मांग

Gariyaband News - गरियाबंद. कर्मचारी संघ बैठक। गरियाबंद| राज्य सरकार द्वारा राज्य के कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में चार स्तरीय...

Bhaskar News Network

Aug 02, 2018, 02:51 AM IST
कर्मचारियों ने की सातवें वेतनमान का एरियर्स भुगतान कराने की मांग
गरियाबंद. कर्मचारी संघ बैठक।

गरियाबंद| राज्य सरकार द्वारा राज्य के कर्मचारियों को उनके सेवाकाल में चार स्तरीय पदोन्नत वेतनमान दिये जाने की घोषणा के बाद से प्रदेश के कर्मचारियों में हर्ष व्याप्त है। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष लखन लाल साहू वर्षों से लंबित कर्मचारियों की इस मांग को पूरा करने को लेकर मुख्यमंत्री डाॅ रमनसिंह को धन्यवाद ज्ञापित किया है। इसके साथ ही संघ की बैठक में भाजपा के विगत चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से लंबित सांतवे वेतनमान की एरियर्स राशि के भुगतान हेतु आदेश जारी करने तथा अन्य मांगों को भी शीघ्र पूरा करने की अपील की गई। प्रमुख रूप से प्रांतीय पदाधिकारी नरेन्द्र चंद्राकर, राकेश साहू, सीएल साहू, प्रकाश शुक्ला, एमआर खान, तेजेश शर्मा, हुकुमलाल सिन्हा, दिनेश शाडिल्य, केजा ठाकुर, उमाशंकर साहू, मनहरण साहू, प्रेमलाल ध्रुव, अर्जुन साहू, संजय सिंह, अजय मिश्रा, मिश्रीलाल तारक, मयाराम साहू, मनोज शर्मा, गैदलाल साहू, केशव साहू उपस्थित थे।

गोबर और गो-मूत्र से जैविक खाद बनाने की विधि बताई

भास्कर न्यूज|सेल

राज्य पोषित जैविक खेती योजना के तहत क्षेत्रीय जैविक खेती मिशन कार्यालय जबलपुर के वैज्ञानिकों ने सांसद गोद ग्राम गिरौदपुरी में किसानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

गिरौदपुरी में आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यशाला में आसपास के गांव के किसान काफी संख्या में उपस्थित थे। क्षेत्रीय जैविक खेती मिशन जबलपुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रियंका मेहता व डॉ. एस के बख्शी ने किसानों को रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग करने के बजाए अधिक से अधिक जैविक खाद का उपयोग करने की बात कही। वैज्ञानिकों ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग करने पर अधिक खर्च आता है साथ ही रासायनिक खाद हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी है, उसके स्थान पर जैविक खाद से कम खर्च में अधिक उत्पादन किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने गोबर व गो-मूत्र से खाद व दवा बनाने की विधि विस्तार से बताई। फसल के अवशेषों से डी कम्पोजर खाद बनाने, नाडेप,वर्मी कम्पोस्ट, हरी खाद, फेरोमोन ट्रेप व लाइट ट्रेप उपयोग करने की विधि भी बताई गई।

वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी टी आर घृतलहरे ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा सांसद गोद ग्राम गिरौदपुरी के 50 किसानों के एक- एक एकड़ भूमि में जैविक खेती प्रदर्शन कराया जाएगा। इस अवसर पर दूज राम रात्रे डीआर दिव्याकर, रूपराम डड़सेना मोहन जायसवाल बलराम डड़सेना, दिलेश्वर डड़सेना, रेशम पटेल, बंश राम कुर्रे, सुशील पटेल आदि सहित आसपास के किसान काफी संख्या में उपस्थित रहे। कृषि विभाग की ओर से नव पदस्थ बी एस ठाकुर, पी के घृतलहरे, बिट्ठल बंजारे, जी आर साहू , प्रशांत वर्मा, धनेश्वर साय, सुनील खाण्डेकर, रितेश मिश्रा आदि उपस्थित थे।

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