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लेडी डॉक्टर नहीं समझ सकीं दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग का दर्द, नहीं हुई जांच

जांजगीर-अकलतरा | दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग की पीड़ा महिला होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा की डॉक्टर्स ने...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:25 AM IST

जांजगीर-अकलतरा | दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग की पीड़ा महिला होकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा की डॉक्टर्स ने नहीं समझीं। पुलिस ने दोनों डॉक्टर्स से एमएलसी कराने के लिए संपर्क किया। एक डॉक्टर तो अपने नियत समय पर वापस बिलासपुर चली गई, तो दूसरी डॉक्टर शनिवार को ज्वाइन करना था, उन्होंने एमएलसी करना ही न पड़े इसलिए ज्वाइन करने से इनकार कर दिया।

महिलाओं को जागरूक करने के लिए पंद्रह दिन पहले ही अकलतरा नगर में आसपास के गांवों की महिलाओं को विशेष फिल्म दिखाई गई थी। जिले की आला महिला अधिकारियों ने उन्हें अपनी लाज तोड़ने का आह्वान किया था, लेकिन उसी अकलतरा नगर में शनिवार को एक दुष्कर्म पीड़िता नाबालिग पुलिस के साथ डॉक्टर्स के चक्कर लगाकर शर्म सार होती रही, पर दिन भर में उसका मुलाहिजा नहीं हो सका। वैसे तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकलतरा में गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. एस ठाकुर और डॉ. ललिता टोप्पो पदस्थ हैं। दोनों ने ही पीड़िता का एमएलसी करने से इनकार कर दिया। शनिवार को डॉ. एस ठाकुर की ड्यूटी थी। पुलिस पीड़िता का एमएलसी कराने के लिए उसे लेकर दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल पहुंची, तब तक डॉ. ठाकुर वापस लौट चुकी थीं।

अकलतरा की एक डॉक्टर ने ज्वाइन ही नहीं किया तो दूसरे ने कर दिया एमएलसी से इनकार

डॉ. टोप्पो ने ज्वाइन ही नहीं किया

डॉ. ललिता टोप्पो छुट्टी पर थीं। उनकी छुट्‌टी शुक्रवार को खत्म हो गई थी, उन्हें शनिवार को ड्यूटी ज्वाइन करना था, लेकिन उन्होंने ज्वाइन ही नहीं किया। पुलिस जब पीड़िता को लेकर उनके पास पहुंची तो उन्होंने ज्वाइन करने से ही इनकार कर दिया। टीआई उमेश मिश्रा ने बीएमओ से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि वे ज्वाइन करेंगी उसके बाद एमएलसी होगी।

अब जिला अस्पताल से कराना पड़ेगी जांच

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों द्वारा एमएलसी से इनकार करने पर पुलिस के पास अब एक ही विकल्प है, रविवार को पीड़िता की एमएलसी जिला अस्पताल से करानी पड़ेगी। इसके लिए पुलिस को सीएचसी के डॉक्टर से प्रमाण पत्र भी लेना पड़ेगा कि वहां डॉक्टर नहीं होने के कारण एमएलसी नहीं हो पाई, वर्ना जिला अस्पताल के डॉक्टर भी इनकार कर सकते हैं।

गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए: सीएमएचओ

दो महिला डॉक्टर्स है। अस्पताल में किसी एक को एमएलएसी करना ही चाहिए। नहीं करना गलत है। इस संबंध में बीएमओ से बात करनी पड़ेगी। डॉ. व्ही जयप्रकाश, सीएमएचओ, जांजगीर-चांपा

नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की एमएलसी नहीं हो पाई। जब उसे लेकर अस्पताल गए तब डॉ. ठाकुर बिलासपुर चली गई थीं, उन्हें जानकारी दी गई। वे अक्सर क्लास वन अफसर होने के कारण एमएलसी नहीं करतीं और डॉ. टोप्पो को शनिवार को ज्वाइन करना था, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। इस संबंध में बीएमओ को अवगत कराने पर उन्होंने शनिवार को उनके ज्वाइन करने के बाद जांच कराने का आश्वासन दिया पर हुआ नहीं। रविवार को जिला अस्पताल से कराना पड़ेगा। उमेश मिश्रा, टीआई, अकलतरा

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