• Hindi News
  • Chhatisgarh
  • Janjgeer
  • सरस्वती शिशु मंदिर और गट्टानी स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाने भेजा था प्रस्ताव पर बोर्ड ने नहीं दी मंजूरी
--Advertisement--

सरस्वती शिशु मंदिर और गट्टानी स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाने भेजा था प्रस्ताव पर बोर्ड ने नहीं दी मंजूरी

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:40 AM IST
सरस्वती शिशु मंदिर और गट्टानी स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाने भेजा था प्रस्ताव पर बोर्ड ने नहीं दी मंजूरी


भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

10वीं बोर्ड की परीक्षा खत्म हो गई है। वहीं 12वीं का रसायन शास्त्र का एक पेपर ही शेष रह गया है। इधर माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दोनों कक्षाओं के परिणाम एक साथ जारी करने 10वीं, 12वीं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारी शुरू कर दी है। 3 अप्रैल से इसकी शुरूआत होगी। इस बार भी हाईस्कूल क्रमांक एक में ही कापियां जचेंगी। मूल्यांकन का काम इस बार 8 कमरों में ही होगा।

जिला शिक्षा विभाग ने हाईस्कूल क्रमांक एक में निर्माण कार्य होने के चलते इस बार शासकीय गट्टानी कन्या हायर सेकंडरी स्कूल और सरस्वती शिशु मंदिर नैला में मूल्यांकन कार्य कराने माशिमं से अनुमति मांगी थी परन्तु बोर्ड ने निजी स्कूल में मूल्यांकन कार्य नहीं कराने और गट्टानी स्कूल में पर्याप्त जगह नहीं होने पाने का हवाला देकर हाईस्कूल क्रमांक एक में मूल्यांकन कार्य कराने निर्देश जारी किया। शुक्रवार देर रात तक बोर्ड से कापियां यहां पहुंची। मंगलवार 3 अप्रैल से कांपी जांचने का काम शुरू होगा।

12वीं की आंसरशीट पहले चेक की जाएगी

जिले के मूल्यांकन केंद्र प्रभारी सीके राठौर ने बताया कि बोर्ड की उत्तर पुस्तिका आ गई है। 12वीं रसायन शास्त्र की कापी आनी ही बची है। 2 अप्रैल को पेपर होगा। हायर सेकंडरी की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पहले कराने बोर्ड से निर्देश आया है। फिर दसवीं की कापी जचेंगी।

हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्तर पर अनुभव जरूरी

माशिमं ने मूल्यांकन केंद्राधिकारियों को भेजे गए आदेश में कहा है कि अगर किसी अध्यापक को हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर 3 साल पढ़ाने का अनुभव नहीं है तो उन्हें बोर्ड की उत्तर पुस्तिका जांच के लिए नहीं दी जाएगी। मंडल से मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्राचार्य, व्याख्याता, उच्च श्रेणी शिक्षकों के साथ व्याख्याता पंचायत ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर सकते हैं, लेकिन उनके पास तीन साल शैक्षणिक कार्य का अनुभव होना अनिवार्य है। मूल्यांकन केंद्राध्यक्षों को इन बातों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए है।

X
सरस्वती शिशु मंदिर और गट्टानी स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाने भेजा था प्रस्ताव पर बोर्ड ने नहीं दी मंजूरी
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..