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अब 31 मार्च तक खुले रहेंगे लोक शिक्षा केंद्र

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा साक्षर भारत कार्यक्रम को 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। दिसंबर माह में साक्षर...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:55 AM IST
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

साक्षर भारत कार्यक्रम को 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया है। दिसंबर माह में साक्षर भारत कार्यक्रम को बंद करने की घोषणा करते हुए शासन ने प्रेरकों को कार्यमुक्त कर दिया था। 25 मार्च को आयोजित होने वाली महापरीक्षा अभियान के लिए प्रेरकों की कार्य अवधि बढ़ाई गई है। प्रेरक अब 31 मार्च तक फिर से अपनी सेवाएं देंगे।

साक्षर भारत कार्यक्रम के संचालन की समयावधि बढ़ाए जाने से अल्प समय ही सही प्रेरकों को काम मिल गया है। लोक शिक्षा केंद्रों में अध्यापन शुरू करने का निर्देश दिया जा रहा है। दिसंबर माह में कार्यमुक्त हो चुके कई प्रेरक अब दीगर कार्य में लग चुके हैं। लोक साक्षरता केंद्रों को शिक्षा विभाग के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया गया था, किंतु जब से प्रेरकों की कार्यमुक्ति की गई तब से एक भी केंद्र में कक्षाएं शुरू नहीं हुई है। अब जबकि कार्य दिवस बढ़ा दिया गया है अब साक्षरता अभियान को गति मिलेगी। ग्राम पंचायत लोक शिक्षा केंद्रों के संचालन के लिए शासकीय प्राथमिक शाला के प्रधान पाठकों को सहायक ग्राम प्रभारी नियुक्त किया गया है। संकुल शैक्षिक समन्वयक को सेक्टर प्रभारी नियुक्त किया गया है। शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्य को साक्षरता मिशन के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है।

महापरीक्षा अभियान

जिले के 1154 प्रेरकों को मिली राहत, महापरीक्षा अभियान के लिए फिर साक्षर भारत कार्यक्रम का समय बढ़ाया

दिसंबर में भारत साक्षर कार्यक्रम को बंद करने की हुई थी घोषणा

एक भी गांव नहीं बना पूर्ण साक्षर

साक्षर भारत मिशन शुरू होकर लगभग समाप्त हो चुका है लेकिन एक भी गांव को पूर्ण साक्षर घोषित नहीं किया जा सका है। साक्षरता के प्रति लोगों को जोड़ने की शिक्षा लोक शिक्षा केंद्रों में दी जा रही है। बताया जा रहा है कि जावलपुर और कुटराबोड को पूर्ण साक्षर गांव घोषित हो सकते हैं हालांकि अधिकृत रूप से इसकी घोषणा नहीं हुई है। जनपद पंचायत से प्रमाणित होना बाकी है।

14 हजार 416 नवसाक्षर होंगे शामिल

25 मार्च को आयोजित नवसाक्षर महापरीक्षा अभियान में जिले के 14 हजार 416 नवसाक्षर महापरीक्षा अभियान में शामिल होंगे। इस बार परीक्षार्थियों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में प्राथमिक स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए प्रेरकों को निर्देशित किया जा रहा है। पिछले कई माह से कक्षा बंद होने से प्रेरकों को नए सिरे से काम करना होगा।