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नहर से भी नहीं मिली राहत, जितना पानी मांगा उसका चौथाई हिस्सा ही बांगो बांध से छोड़ा

Janjgeer News - भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा गर्मी के साथ ही शहर के सभी सार्वजनिक तालाब सूख गए। भीमा, बांगो, जूना निस्तारी...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:50 AM IST
नहर से भी नहीं मिली राहत, जितना पानी मांगा उसका चौथाई हिस्सा ही बांगो बांध से छोड़ा
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

गर्मी के साथ ही शहर के सभी सार्वजनिक तालाब सूख गए। भीमा, बांगो, जूना निस्तारी तालाबों को भरने जिला प्रशासन ने पानी की मांग की थी। 12 अप्रैल को नहर में पानी छोड़ दिया पर पानी का लेवल अब भी नीचे है। इससे तालाबों को वर्तमान में भर पाना मुश्किल है। जल संसाधन ने हसदेव बांगो बांध परियोजना से 1 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की थी लेकिन अभी तक 250 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। इससे अधिकतर नगरवासियों को राहत नहीं मिल पाई है।

नहर में पर्याप्त पानी छोड़ा जाता तो शहर में वाटर लेवल बढ़ जाता है। इससे नहर से लगे आसपास के क्षेत्र में करीब 60 से 90 फीट तक जल स्तर ऊपर आता पर कम पानी छूटने से ऐसा नहीं हो सका। ऐसी परिस्थिति में शहर के अंदरूनी इलाकों में 300 फीट की गहराई में पानी नहीं मिल रहा। बोर अौर हैंडपंप 15 मिनट में भी जवाब दे रहे हैं। 79 मोटर पंप हाउस के जरिए शहर के 25 वार्डों में पानी सप्लाई होती है, लेकिन पानी कम होने और लोड बढ़ने से आए दिन बोर जल रहे है या फिर खराब हो रहे हैं। ऐसे हालत में लोगों को पानी के पालिका के टैंकरों के ही भरोसे रहना पड़ता है।

वाटर लेवल गिरने से शहर के सार्वजनिक व निजी बोर से नहीं निकल रहा पानी, लोड बढ़ने से जल जा रहे बोर

भू जल स्रोत एक मात्र सहारा, वाटर लेवल गिरने से अब पंप हो रहे खराब

शुक्रवार की शाम वार्ड क्र.6 स्थित बोर में खराबी आई थी, जिससे पानी सप्लाई बंद हो गई। दो दिनों बाद सोमवार को बोर की मरम्मत की गई। दो दिनों तक मोहल्ले के लोग टैंकर के भरोसे रहे। 25 वार्ड वाले जांजगीर-नैला शहरवासियों को पिछले कुछ सालों से जलसंकट से जूझना पड़ रहा है, क्योंकि 45 हजार की आबादी वाले जांजगीर शहर में पानी का एकमात्र स्त्रोत भू-जल ही है। बाहर से बूंदभर पानी नहीं आ रहा। टैंकरों में पानी सप्लाई करने से भी जमीन से लगातार पानी निकाला जा रहा है।

टैंकर आते ही मच रही होड़, विवाद की बनने लगती है स्थिति

शहर के सबसे ड्राई वार्ड 17 में टैंकर से पानी लेने लगी मोहल्लेवासियों की भीड़।

अब टैंकर पहुंचने पर पानी के लिए विवाद की स्थिति भी बन जा रही है। रविवार को सारथी मोहल्ले में कुछ लोगों ने पानी टैंकर लेने पहुंचे नपा के कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। प्रवीण सेन नपा में पानी सप्लाई टैंकर लेकर सारथी मोहल्ला पहुंचा था। मारपीट से आक्रोशित नपाकर्मियों ने पानी सप्लाई रोककर थाने का घेराव कर दिया। काफी हो हंगामा के बाद एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। तब जाकर शाम को पानी सप्लाई शुरू हुई।

पालिका इसलिए है जिम्मेदार

इस स्थिति के लिए जिम्मेदार नपा के अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी है। सालभर पहले ही हसदेव नदी से पानी लाने सीएम डॉ. रमन सिंह ने जल आवर्धन योजना में 31 करोड़ 21 लाख की मंजूरी मिल चुकी है। मगर सालभर बाद भी निर्माण के लिए एक ईंट नहीं रखी जा सकी। नहीं तो शहर में आज ऐसी स्थिति नहीं होती। जनप्रतिनिधि तो हर साल इस स्थिति को देख रहे हैं, बावजूद सबसे के लिए सबसे महत्वपूर्ण योजना का अधिकारी क्रियान्वयन नहीं कर पाए और जनप्रतिनिधि भी देखते रहे।

रात 10 बजे तक हो रही सप्लाई

गर्मी बढ़ते ही वार्डों में पानी की मांग बढ़ती जा रही है, जिससे टैंकरों का फेरा बढ़ता जा रहा है। शहर में 13 टैंकर के जरिए सुबह 8 से रात 10 बजे तक पानी सप्लाई हो रही है। अधिकारियों की माने तो वार्डों में करीब 70 फेरा लगाना पड़ रहा है। इसके बाद भी टैंकर पहुंचते ही मारामारी की स्थिति बननी रहती है। एक टैंकर में 3 हजार लीटर के हिसाब से रोज 2 लाख 10 हजार लीटर से अधिक पानी सप्लाई की जा रही है। पानी भरनेे के लिए देर रात तक लोगों की लाइन लग रही है।

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