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13 लाख से जिपं व जिला अस्पताल में लगे वाटर एटीएम से नहीं मिल रहा साफ पानी

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा ठंडा और महंगे पानी से मुक्ति दिलाने एक रुपए में एक लीटर आरओ फिल्टर पानी देने के लिए...

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 02:50 AM IST
13 लाख से जिपं व जिला अस्पताल में लगे वाटर एटीएम से नहीं मिल रहा साफ पानी
भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

ठंडा और महंगे पानी से मुक्ति दिलाने एक रुपए में एक लीटर आरओ फिल्टर पानी देने के लिए जिला अस्पताल, जिला पंचायत और कचहरी चौक पर 22 लाख रुपए खर्च कर वाटर एटीएम लगाया गया है, जो की गर्मी के दिनों में लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है। इनमें से किसी भी एटीएम से एक बूंद पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। गर्मी में लोग ठंडा पानी के उम्मीद में जाते तो हैं, लेकिन ठंडा तो दूर पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हो रहा हैं। ऐसे में शहर के तीनों हसदेव नीर लोगों के लिए कौड़ी काम की नहीं है और अधिक मूल्य चुकाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।

जिला अस्पताल व जिला पंचायत परिसर में दो साल पहले रायपुर की कंपनी श्री लक्ष्मी ग्रुप द्वारा हसदेव नीर के नाम से 14 लाख रुपए की लागत से वाटर एटीएम को लगाया गया है। इसमें एक रुपए का सिक्का डालने से एक लीटर शुद्ध फिल्टर वाला पानी देने का दावा किया गया था। जगह का चुनाव सही नहीं है। जिला अस्पताल परिसर में वार्ड से दूर वाहन स्टैंड के पास कोने में वाटर एटीएम बना है जबकि समरसता भवन के सामने मरीज के परिजन खाना भी बनाते हैं, दूरी के कारण वहां जाने के बजाए बोर का ही पानी उपयोग करते हैं। वाटर एटीएम के पास की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि महीनों से लोगों ने इसका उपयोग ही नहीं किया है। हालांकि टूटी पाइप और एटीएम के पास पड़े धूल इसकी उपयोगिता को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। यहीं हाल जिला पंचायत में लगा वाटर एटीएम का है, जो यहां आए लोगों की प्यास जूझने में नाकाम है।

जगह का चुनाव सही नहीं होने से लोगांे को नहीं मिल रहा

जिला अस्पताल में लगा वाटर एटीएम बंद, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ।

तकनीकी खराबी बताकर अपनी जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी

जिला अस्पातल में जगह का सही चुुनाव नहीं किया गया। जहां लोगों का अधिक आना-जाना व ठहरना होता है उससे दूर एक किनारे में इसे लगा दिया गया है। जिससे एटीएम की उपयोगिता कुछ कम हो गई है। जिला अस्पताल के वाटर एटीएम से दो सालों में 2 हजार 388 रुपए ही जिला प्रबंधन को मिले हैं। यानी रोजाना औसतन चार लीटर पानी। हसदेव नीर के बंद पड़े होने के संबंध में सीएस डॉ.एससी श्रीवास्तव ने बताया कि तकनीकी खराबी आने के कारण यह बंद है। टेक्नीशियन को इसकी जानकारी दे दी गई।

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

ठंडा और महंगे पानी से मुक्ति दिलाने एक रुपए में एक लीटर आरओ फिल्टर पानी देने के लिए जिला अस्पताल, जिला पंचायत और कचहरी चौक पर 22 लाख रुपए खर्च कर वाटर एटीएम लगाया गया है, जो की गर्मी के दिनों में लोगों के लिए बेकार साबित हो रही है। इनमें से किसी भी एटीएम से एक बूंद पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। गर्मी में लोग ठंडा पानी के उम्मीद में जाते तो हैं, लेकिन ठंडा तो दूर पानी की एक बूंद तक नसीब नहीं हो रहा हैं। ऐसे में शहर के तीनों हसदेव नीर लोगों के लिए कौड़ी काम की नहीं है और अधिक मूल्य चुकाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।

जिला अस्पताल व जिला पंचायत परिसर में दो साल पहले रायपुर की कंपनी श्री लक्ष्मी ग्रुप द्वारा हसदेव नीर के नाम से 14 लाख रुपए की लागत से वाटर एटीएम को लगाया गया है। इसमें एक रुपए का सिक्का डालने से एक लीटर शुद्ध फिल्टर वाला पानी देने का दावा किया गया था। जगह का चुनाव सही नहीं है। जिला अस्पताल परिसर में वार्ड से दूर वाहन स्टैंड के पास कोने में वाटर एटीएम बना है जबकि समरसता भवन के सामने मरीज के परिजन खाना भी बनाते हैं, दूरी के कारण वहां जाने के बजाए बोर का ही पानी उपयोग करते हैं। वाटर एटीएम के पास की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि महीनों से लोगों ने इसका उपयोग ही नहीं किया है। हालांकि टूटी पाइप और एटीएम के पास पड़े धूल इसकी उपयोगिता को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। यहीं हाल जिला पंचायत में लगा वाटर एटीएम का है, जो यहां आए लोगों की प्यास जूझने में नाकाम है।

जिपं: पानी वाली पाइप ही टूटकर अलग

जिला पंचायत में लगाए गए वाटर एटीएम की स्थिति तो और खराब है। सालभर से लोग इसके आसपास भी नहीं पहुंचे हैं। पानी के लिए लगा टोटी ही टूटी पड़ी है। जिसे बनाने ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। स्थिति यह है कि पाइप को वाटर एटीएम के सामने ही लटका दिया गया है। सालभर से एक सिक्का भी यहां नहीं डला है। अंतिम बार सालभर पहले ही सिक्के वाले बॉक्स खोले गए थे।

जिला पंचायत में लगा वाटर एटीएम बंद।

कचहरी चौक: गलत स्थान पर बना दिया वाटर एटीएम, हटाने की तैयारी

नगर पालिका द्वारा भी शहर के कचहरी चौक में लगभग 8 लाख रुपए से वाटर एटीएम लगाया गया है। इसमें लाेग सिक्के के साथ एटीएम कार्ड स्वैप कर भी पानी निकाल सकते हैं, लेकिन तात्कालीन इंजीनियर ने अहाते के अंदर ही जगह बता दी। इसलिए यह अब तक शुरू ही नहीं हो पाया।

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