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दिहाड़ी करने वाले मजदूरों को भी पेंशन की सुविधा

जिले में 19 हजार 673 और शहर में 2 हजार 300 के लगभग हितग्राही पहले से चिन्हित भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा शहर में अब तक...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 02:50 AM IST
जिले में 19 हजार 673 और शहर में 2 हजार 300 के लगभग हितग्राही पहले से चिन्हित

भास्कर न्यूज | जांजगीर-चांपा

शहर में अब तक सामाजिक सुरक्षा, वृद्धा व निराश्रितों को गरीबी के आधार पर पेंशन दिया जाता है। शहर में ऐसे लगभग 2 हजार 300 और पूरे जिले में 19 हजार 673 लोग पहले से चिन्हित हैं।

अब उनके अलावा दिहाड़ी करने वाले मजदूरों को भी शासन की योजना के तहत पेंशन दी जाएगी। उसके लिए सामाजिक, आर्थिक व जाति आधारित जनगणना 2011 को आधार बनाया जाएगा। जिले में चार नगर पालिका और 11 नगर पंचायतें हैं। इन नगरीय निकाय क्षेत्रों में निवास करने वाले 19 हजार 673 लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्वावस्था पेंशन, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन एवं इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना के तहत जीवन यापन के लिए पेंशन दी जाती है। मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत कच्चा मकान, निराश्रित, दिहाड़ी मजदूर, भूमिहीन को भी अब पेंशन पाने की पात्रता होगी।

ऐसे लोगों का पालिका सर्वे करेगा उनसे आवेदन लेने के साथ पात्रता का सत्यापन करेगा। इसके बाद हितग्राही को पेंशन राशि का वितरण किया जाएगा।

इसे लेकर जिले के सभी निकायों में पहले नाम तय होंगे। आवेदनों को आधार पर उनका सत्यापन व परीक्षण होगा।

भौतिक सत्यापन के बाद हितग्राहियों को मिलेगा पेंशन

पेंशन योजना की अब तक तय नियम व शर्तों के कारण बहुत से गरीब हितग्राहियों को पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा। शहर में वृद्वजनों, विधवा एवं परित्यक्तता हितग्राही पेंशन से अछूते हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर जनगणना 2011 सर्वे सूची में दर्ज नामों के आधार पर पेंशन राशि जारी की जाएगी। पहला उनका भौतिक सत्यापन किया जाएगा। उन्हें प्रति महीने साढ़े 3 सौ रुपए के पेंशन राशि दी जाएगी।

चिन्हित करने के लिए जनगणना 2011 को बनाया जाएगा आधार

ऐसे हितग्राहियों को चिन्हित करने के मामले में सामाजिक, आर्थिक व जाति जनगणना 2011 को आधार बनाया जाएगा। इसमें हर व्यक्ति व परिवार के संदर्भ में जानकारियां दर्ज हैं। दिए गए आवेदन का सत्यापन पहले जनगणना सूची के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद भौतिक सत्यापन से साथ पात्रता तय होगी। इसके बाद शासन स्तर पर इसके लिए बजट मांगा जाएगा और पेंशन राशि जारी की जाएगी।