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परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को करना पड़ेगा 40 किमी का सफर

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 02:30 AM IST

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में अब करीब महीना भर का समय बचा है। शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षाओं के लिए...
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में अब करीब महीना भर का समय बचा है। शिक्षा विभाग द्वारा परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं, वहीं इस साल जिले में बंदरचुंआ व चंपा को नए सेंटर बनाने का प्रस्ताव भेजा है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए करीब 40 किलोमीटर का सफर कम तय करना पड़ेगा। शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

बोर्ड परीक्षाओं की उल्टी गिनती शुरू हा़े चुकी है। हालांकि इस साल बोर्ड परीक्षाएं मार्च में होनी है, इसलिए अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बोर्ड से केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति नहीं की है। बोर्ड परीक्षा को देखते हुए प्रशासन एवं जिला शिक्षा विभाग का प्रयास है कि परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही उन्हें केंद्र में सारी सुविधाएं उपलब्ध हो। प्रशासन व विभाग के उच्चाधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करते हुए परीक्षा को शांतिपूर्वक व बगैर परीक्षार्थियों को कोई परेशानी हुए परीक्षा संपन्न कराने का प्रयास कर रहे हैं, पर जिले में कई ऐसे केंद्र थे, जहां पहुंचने के लिए विद्यार्थियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता था। इन परीक्षा केंद्र से संबंधित स्कूल के परीक्षार्थियों को करीब 4 किलोमीटर से लेकर 40 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ सकता था। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने इस साल साल जिले में दो नए केंद्र खोलने के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इसमें सन्ना के चंपा एवं बंदरचुंआ का केंद्र प्रस्तावित है। बंदरचुुुआ केंद्र में बंदरचुंआ के अलावा बरांगजोर एवं जुमाईकेला के दो स्कूलों को शामिल किया गया है। जिनकी दूरी बंदरचुंआ से 4 से लेकर 25 किलोमीटर है। वहीं दूसरे केंद्र के रूप में प्रस्ताव चंपा का है। जिसके अंतर्गत चंपा के अलावा छिछली, बेड़ेकोना, कोदोपारा, हर्राडीपा के स्कूल को शामिल किया गया है। जिसमे सबसे अधिक दूरी चंपा से हर्राडीपा की करीब 40 किमी है। वहीं छिछली की दूरी करीब30 किलोमीटर है। इस सेंटर की सबसे कम दूरी कोदोपारा कि 14 किलोमीटर की है।

अगर मंजूरी नहीं मिली तो परीक्षा के लिए निकलना पड़ेगा 1 घंटा पहले

अगर शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती है, तो इसके लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा के निर्धारित समय से कम से कम 1 घंटा पहले घर से निकलना पड़ेगा। इसमें सबसे अधिक समस्या उन गरीब परीक्षार्थियों को होगी, जिनके घरों में बाइक या अन्य वाहनों के अलावा साइकिल की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में या तो उन्हें किराए पर वाहन कर के परीक्षा केंद्र जाना होगा, या फिर किसी से लिफ्ट लेकर। उल्लेखनीय है कि इस साल बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 74 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस साल 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में 12 हजार 500 और 12 वीं की परीक्षा में करीब साढ़े 9 हजार परीक्षार्थियों के बैठने की संभावना है।

संवेदनशील केंद्रों की होगी वीडियोग्राफी

इस साल प्रशासन व शिक्षा विभाग बोर्ड की परीक्षाओं में गड़बड़ी व नकल रोकने को लेकर सख्त मूड में है। जिले के अति संवेदनशील एवं संवेदनशील केंद्रों में परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी भी की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में कोताही बरतने वालों के खिलाफ के खिलाफ सख्त कार्यवाही की चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि संगठित रूप से नकल पाये जाने पर केंद्राध्यक्ष पर एफआईआर तक दर्ज कराई जाएगी। परीक्षा केंद्रों में मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

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Web Title: परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को करना पड़ेगा 40 किमी का सफर
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