Hindi News »Chhatisgarh »Jashpuranagar» अलग करने के जुनून ने किसान अरविंद को बनाया प्रशिक्षक, ट्रेनिंग देकर अब दूसरों की कर रहे मदद

अलग करने के जुनून ने किसान अरविंद को बनाया प्रशिक्षक, ट्रेनिंग देकर अब दूसरों की कर रहे मदद

यदि इंसान के मन में कुछ करने का जुनून हो तो उसे सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता है। जशपुर के छोटे से गांव हर्राडीपा...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:40 AM IST

अलग करने के जुनून ने किसान अरविंद को बनाया प्रशिक्षक, ट्रेनिंग देकर अब दूसरों की कर रहे मदद
यदि इंसान के मन में कुछ करने का जुनून हो तो उसे सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता है। जशपुर के छोटे से गांव हर्राडीपा के किसान अरविंद ने इस मिसाल को सही साबित कर दिया। उसके पास गांव में सिर्फ खेती करने का काम ही बचा था। ऐसे में 22 वर्षीय अरविंद ने हार न मानते हुए अपनी जिंदगी को बदलने की सोची और जशपुर के आरा में पेस ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली और अब वही ट्रेनर का कार्य कर प्रतिमाह 10 हजार कमा रहा है।

जशपुर के आरा में कोैशल विकास योजना में पेस ट्रेनिंग दी जा रही है। इस सेंटर में ड्राय वाल फॉल्स सेलिंग का प्रशिक्षण भी दिया जाता है, जो पूरे छत्तीसगढ़ में सिर्फ आरा में संचालित किया जा रहा है। इस सेंटर में अरविंद ने 2 माह की ट्रेनिंग ली । वह इसके बाद कहीं और कहीं जाकर काम कर सकता था, पर उसने कहीं और जाकर काम करने से बेहतर ट्रेनिंग सेंटर में ही अन्य छात्रों को ट्रेनिंग देने की सोची। आज वह आरा के आईटीआई सेंटर में बतौर ट्रेनर काम कर रहा है।

जशपुर के आरा युवाओं को प्रशिक्षण देते अरविंद।

बेहद गरीब परिवार से है अरविंद

22 वर्षीय अरविंद के हर्राडीपा गांव के एक गरीब परिवार से आता है। उसके पिता सुंदर भगत मजदूरीकर परिवार चलाते थे। अरविंद के परिवार में मां-पिता है, बहन की शादी हो चुकी है। अरविंद के पिता ने उसके 12वीं पास करने के बाद कालेज में एडमिशन करा दिया, पर घर के काम की वजह से वह प्रथम परीक्षा में ही फेल हो गया। पहले ही साल में फेल होने के बाद वह घर में रहकर खेती किसानी का काम करने लगा। इसी बीच उसे पेस ट्रेनिंग सेंटर आरा के बारे में मालूम चला, जहां उसे प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट की जानकारी मिली।

उत्सुकतावश चुना ड्राय वाल फॉल्स सीलिंग का कोर्स

शुरू से ही अरविंद के मन में कुछ अलग करने का था। इसलिए उसने ड्राय वाल -फॉल्स सीलिंग में उत्सुक्ता दिखाते हुए अपना नाम इस कोर्स में दर्ज कराया था। 2 महीने के प्रशिक्षण में उसने अलग अलग प्रकार के सीलिंग तैयार करना सीखा व ड्रायवाल के लाभ के बारे में जाना इसके लावा नये नये तौर तरीके सीखे और साथ ही बेसिक कंप्यूटर नॉलेज भी लिया। क्लास के पहले दिन ही लिया अरविंद ने ट्रेनर बनने का फैसला कर लिया था। अरविंद ने बताया कि पहले दिन मुझे लगा कि मुझे भी ट्रेनर बनाना चाहिए । जशपुर पेस सेंटर प्रमुख सुभाष डोंगरे बताया कि अरविंद ने 2 माह में अपने आप को साबित कर दिया। लीडरशिप, टाइम मैनेजमेंट, टीचिंग स्किल से बेहतरीन कार्य किया। वर्तमान में ड्राईवाल फाल्स सीलिंग असिस्टेंट ट्रेनर के रूप में मासिक आय 10,000 रुपए पर नियुक्त किया गया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jashpuranagar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×