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शुभ मुहूर्त में कुरीतियों का किया होलिका दहन

धर्म व संस्कृति के रंगों का पर्व यहां भले ही शुक्रवार को मनाया जाएगा लेकिन लोगों में इस पारंपरिक त्यौहार का खुमार...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 02, 2018, 02:40 AM IST

शुभ मुहूर्त में कुरीतियों का किया होलिका दहन
धर्म व संस्कृति के रंगों का पर्व यहां भले ही शुक्रवार को मनाया जाएगा लेकिन लोगों में इस पारंपरिक त्यौहार का खुमार दो दिन पहले से ही दिखने लगा था।

गुरुवार को प्रातः 8.57 बजे से भद्रा लग जाने के चलते महिलाओं ने भोर से ही मंडी प्रांगण में होलिका की पूजा अर्चना कर परिवार में सुख समृध्दि की कामना के साथ पूजा अर्चना शुरू कर दी थी। इस बार 2 मार्च को रंग उत्सव मनाने का संशय को दरकिनार रखते हुए दो दिन पहले से ही उमंग व उत्साह के साथ इस त्यौहार को मनाना शुरू हो गया था। यहां बस स्टैण्ड ,चैक चौराहों और गलियों में आज सुबह से ही होली का उल्लास नजर आने लगा था। रंगों का त्यौहार से एक दिन पहले ही फाग गीतों की महफिल जमने के बाद जगह जगह सूखा गुलाल भी उड़ने लगा था। गुरूवार को प्रातः भद्रा की स्थिति प्रारंभ हो जाने से यहां हरियाणा और राजस्थान संस्कृति को मानने वाली महिलाओं ने इससे पहले ही पूजा के काम को पूरा कर लिया था। होलिका महोत्सव समिति के सदस्यों ने विधि विधान से होलिका दहन के बाद अंधविश्वास और कुरीतियों का दहन करने का भी संकल्प लिया।

यहां सुबह से ही मंडी प्रांगण में होलिका पूजन करने के लिए महिलाओं की कतार लग गई थी। हरियाणा और राजस्थान की महिलाओं व्दारा गोबर के कंडे बना कर प्राचीन विधि विधान से घर परिवार की खुशहाली के लिए श्रद्धा और विश्वास के साथ होलिका दहन से पहले पूजन किया जाता है। गुरूवार को मंडी प्रांगण में होलिका पूजन करने वालों ने बच्चों को निरोग रखने की कामना की।

फाग गीतों के बिना होली अधूरी-यहां पुरानी बस्ती के संजय तिवारी का कहना था कि फाग गीतों के बिना होली का त्यौहार अधूरा लगता है। उन्होने कहा कि होली का त्यौहार वर्षों पुराना है। आपसी भाईचारा को कायम रखने का इस त्यौहार की शैली व संस्कृति को बचाए रखना हमारा कर्तव्य है। युवा पीढ़ी को हमें आपसी भाईचारा के इन त्यौहारों के रीति रिवाजों को सिखाना होगा। वास्तव में युवा पीढ़ी फिल्मी और टीवी के कार्यक्रम व गीतों में ही सिमट कर रह गई है। होली के फाग गीतों का जो मिठास लोक गीतों में है वह फिल्मी गीतों में नहीं मिल पाता। श्री तिवारी ने कहा कि होली के मौके पर राधा कृष्ण के भजन, फाल्गुनी गीतों को सुनकर आज भी मन प्रफुल्लित हो जाता है। आज भी होली के फाग गीत को गाने और सुनने वालों की कमी नहीं है। जरूरत है बस युवाओं को प्रेरित करने की है। हमारी युवा पीढ़ी फाग गीतों की मधुर धुन का अलग ही नजारा बना देती है। होली का त्यौहार से पहले ही यहां छत्तीसगढ़ी और राजस्थानी,हरियाणवी गीतों की भी महफिल सज गई थी। यहां के प्रसिध्द हास्य कलाकार गोविंद रोहिला का कहना था कि बदलते दौर में होली के गीतों में अश्लीलता का बोलबाला दिखने लगा है। इसे रोक कर लोक गीतों का आनंद लेना चाहिए। मंडी प्रांगण में शनि मंदिर परिसर में राधा कृष्ण के प्रेम भरे गीत व ग्वाल गोपियों की छेड़छाड़ से ओतप्रोत फाग के गीतों के साथ ढ़ोल,मृदंग,हारमोनियम और नगाड़े की थाप का नजारा देखते ही बन रहा था। इस महफिल में शहर के गणमान्य नागरिक और युवाओं की भीड़ उपस्थित थी।

होलिका दहन करने के लिए जुटे शहरवासी।

बस कर्मियों ने उड़ाया गुलाल

बस स्टैण्ड पर बसों के कर्मचारियों ने 2 दिन पहले से ही रंग गुलाल, सिर पर सुनहरे बाल,चश्मा लगाकर होली की शुभकामनाओं के साथ गुलाल का टीका लगाना शुरू कर दिया था। शहर के विभिन्न मुहल्लों में भी छोटे बच्चों ने होलिका बना कर गुजरने वालों पर रंग गुलाल उड़ाना शुरू कर दिया था।

देर रात हुआ होलिका दहन

मंडी प्रांगण में होलिका महोत्सव समिति के सदस्यों ने गुरुवार की देर रात के बाद शुभ लग्न में विधि विधान से होलिका दहन किया। होली दहन के अवसर पर अंध विश्वास और कुरीतियों का दहन करने का भी संकल्प लिया। प्रमुख ज्योतिषाचार्य पं.भक्ता महाराज ने विधि विधान से होलिका पूजन कराया गया। इस दौरान लोगों ने सूखा गुलाल लगा कर एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं ंदी। शहर का युवा मंडल ने इस दौरान अंधविश्वास और कुरीतियों की भी होली जलाई। होलिका दहन के साथ ही लोगों ने अपने वैर भाव और बुराइयों को भी होली में जलाने का संकल्प लिया।

जली होलिका, उड़े गुलाल, छाई मस्ती

आज होली में गुलाल से सरोबार रहेगा शहर

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर

शहर के हर मोहल्ले में होलिका दहन किया गया, शुक्रवार को गुलाल उड़ाकर धूमधाम और पूरी उमंग के साथ होली मनाई जाएगी। गुरूवार को शुभ मुहूर्त में बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में होलिका दहन किया गया।

होलिका दहन की तैयारियां पहले से ही जोर-शोर से चल रही थीं। बच्चों की टोली लकड़ी व कंडे के जुगाड़ में लगी हुई थी। गुरुवार की सुबह से ही लोग होली के उल्लास में डूबे थे। शाम ढलते-ढलते चारों ओर होली की मस्ती छाने लगी। शहर में करीब 50 स्थानों पर होलिका की लकड़ी एकत्र की थी।

रात में होलिका के सामने मस्तानों की टोली फाग के राग में मस्त रही। बच्चों और युवाओं में पर्व का जोश अधिक था। शुभ मुहूर्त में विधिवत पूजा-अर्चना कर होलिका का दहन किया गया। अंचल में नगाड़े और फाग गीत गूंज रहे हैं।

माना जाता है कि होलिका में लकड़ियों के रूप में होली पर बुराइयों का दहन होता है। पंचांगों में इस बार होलिका दहन के लिए शाम से रात 08:57 तक शुभ मुहूर्त माना गया था।

नगर सहित क्षेत्रों में आज धूमधाम से खेलेंगे होली

सुंदरगढ़|
इस्पात शहर राउरकेला में गुरुवार शाम 8 बजे के बाद कई संगठनों द्वारा होलिका दहन किया गया। इसी प्रकार शहर के पुराना स्टेशन रोड मधुसूदन चौक, बिश्रा डाहर रोड, हनुमान मंदिर बसंती कॉलोनी, दुर्गा मैदान के पास पणपोष बस्ती समेत शहर के विभिन्न अंचलों में होलिका दहन किया गया।

वहीं होली को लेकर शहर के विभिन्न बाजारों में रंगों की बिक्री शहर में जोरों पर चल रहा है। राजगांगपुर, कुतरा, बनाई, सुंदरगढ़ कोइडा, टेनसा, बीरमित्रपुर बंडामुंडा बिश्रा समेत जिले के कई अंचलों में रंगों का पर्व होली खेला जाएगा। शहर में लोगों को रंगों का पर्व होली को लेकर हर्ष और उत्साह देखा जा रहा है।

पारंपरिक गीतोंं की जगह फूहड़ गीतो का प्रचलन

होली रंग और उमंग का पर्व है। पारंपरिक गीतों की मिठास का अलग महत्व है, जिसका बखान आज भी बुजुर्ग करने से नहीं थकते। पुराने पारंपरिक गीतों में राधा और कृष्ण और गौरीशंकर के प्रेम रस से भरे फाग गीतों का आनंद भाव-विभोर कर देता था। अब इसके जानकार धीरे-धीरे कम होने लगे हैं। समय के साथ-साथ युवाओं में फूहड़ और अश्लील गीतों का प्रचलन बढ़ गया है। ऐसे फूहड़ गीतों के हजारों कैसेट बाजार में उपलब्ध हैं, जिसे चौक-चौराहों में कान फोड़ू आवाज बजाकर युवा होली के रंग में भंग डालते है।

होलिका दहन के साथ गूंजने लगे होली गीत

भास्कर न्यूज | कुनकुरी

रंगों के त्योहार होली में कुनकुरी नगर में अनेक रंग देखने को मिले। शुक्रवार की सुबह सैर के बाद से ही रंग खेलने का दौर शुरू हो जाएगा। दोपहर तक नगर के अधिकांश क्षेत्रों में होली के रंग में लोग डूबे रहेगें और होली गीत की धुन पर लोग थिरकते रहेंगें। होली के दौरान नगर में किसी प्रकार की भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये स्थानीय एवं पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई है। इस संबंध में दो दिन बाद शांति समिति की बैठक भी हो चुकी है. लोगों ने आनंद एवं उत्साह के साथ रंगों के त्यौहार को मनाने का निर्णय लेते हुए गुरुवार एवं शुक्रवार दरम्यानी रात में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं घरो के सामने में जले मोबिल आदि से गंदगी फैलाने वाले तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की व्यवस्था भी की गई है।

नगर के शिव मंदिर प्रांगण में सार्वजनिक होलिका दहन का कार्यक्रम विधि विधान के साथ गुरुवार की शाम में किया गया, जिसमें नगर के श्रद्धालु भारी संख्या में सम्मिलित हुए। इसी प्रकार नगर के अनेक क्षेत्रों में बजरंगनगर, आदर्शनगर, डुगडुगिया, बेंदरभदरा आदि क्षेत्रों के साथ अनेक घरो के सामने भी होलिका दहन किया गया।

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Web Title: शुभ मुहूर्त में कुरीतियों का किया होलिका दहन
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