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कला को संरक्षित करने के लिए घोलेंग में बनाएंगे म्युजियम

जशपुरनगर | शहर के नजदीक ग्राम पंचायत घोलेंगे में हाथ करघा से बनने शाल बनाने वाली महिलाओं से मिलने के लिए बुधवार को...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 02:55 AM IST
जशपुरनगर | शहर के नजदीक ग्राम पंचायत घोलेंगे में हाथ करघा से बनने शाल बनाने वाली महिलाओं से मिलने के लिए बुधवार को नगर पालिका जशपुर की उपाध्यक्ष प्रियंवदा सिंह जूदेव पहुंची। उन्होनें समिति की अध्यक्ष फ्लोरा मिंज और मकदली बरवा से शाल बनाने की पूरी प्रक्रिया और समस्याओं की जानकारी ली।

महिलाओं के हुनर के काम की प्रशंसा करते हुए उन्होंनें कहा कि महिलाएं भारतीय परंपरा को जीवित रखने के लिए बहुत मेहनत से काम कर रही है। उन्होंनें कहा कि इन महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने के लिए पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंनें कहा कि जशपुर जिले में इस तरह के कई कलात्मक परंपराओं को जनजातीय समाज के लोगों ने सहेज कर रखा हुआ है। इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के उद्देश्य से शहर में म्यूजियम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिये बालक उमा विद्यालय के समीप स्थित पूर्व जशपुर क्लब भवन का चयन किया गया है। उन्होंनें बताया कि इसके लिए मुख्यमंत्री डाॅ रमन सिंह से मुलाकात भी की थी। इस मुलाकात में उन्होंनें म्यूजियम को लेकर कापी उत्साह दिखाया था. इस दौरान शीला गुप्ता और शुभा मिश्रा भी उपस्थित थी। ग्राम पंचायत घोलेंग में जागृति महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी 20 महिलाएं पिछले 22 साल से हाथ करघा से बने हुए शाल से स्वावलंबी हो रही है। इस समिति की अध्यक्ष फ्लोरा मिंज ने बताया कि 1996 में बस्तर की ओर से दो महिलाएं घोलेंग आई थी। इन महिलाओं ने ही यहां हाथकरघा से शाल बनाने का काम शुरू किया। दो तीन साल तक यहां काम करने के बाद महिलाएं अचानक वापस चली गई। इस बीच इन महिलाओं के साथ रह कर स्थानीय महिलाओं ने शाल की बुनाई और इसके लिये धागा तैयार करने की विधि सीख ली थी। अपने काम को व्यवस्थित करने के लिये इन महिलाओं ने समिति का गठन किया।

म्युजियम का निरीक्षण करतीं पालिका उपाध्यक्ष।