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दिव्यांग अपनी क्षमताओं का उपयोग कर जीवन को और बेहतर बनाएं: साय

केन्द्रीय इस्पात एवं खनन राज्य मंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को जशपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित...

Danik Bhaskar | Mar 01, 2018, 03:00 AM IST
केन्द्रीय इस्पात एवं खनन राज्य मंत्री विष्णुदेव साय बुधवार को जशपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित सामर्थ्य मेला में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही उन्हें कृत्रिम उपकरण वितरित किए गए।

वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में आयोजित इस शिविर में श्री साय ने कहा कि सामर्थ्य मेले में दिव्यांगजनों को कई उपकरण वितरित किए जा रहे है। जिससे उन्हें एक सम्मान जनक तरीके से जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो रहा है। दिव्यांगों को कैरियर निर्माण के लिए मार्गदर्शन देते हुए कहा कि दिव्यांग अपनी क्षमता और ऊर्जा का उपयोग कर जीवन को बेहतर बनाएं। शासन द्वारा दिव्यांग कल्याण के लिए सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों में कमियां होती हैं। उन कमियों को समझकर और अपनी सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग कर जीवन में बेहतर कार्य किया जा सकता है। उन्होंने जशपुर जिले में दिव्यांगों के लिए कौशल विकास के तहत किए जा रहे कार्यों की सराहना की। केन्द्रीय मंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन मेरे लिए सौभाग्य पूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि वह पहली बार दृष्टि बाधित स्कूल गए और वहां बच्चों के साथ भोजन किया। मैंने देखा की वहां बच्चे ब्रेल लिपि से शिक्षा ग्रहण कर रहे है। एवं अन्य व्यवस्थाएं भी उन्हें दी जा रही है। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष कृष्ण कुमार राय ने कहा कि दृष्टिबाधित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा ब्रेल माध्यम से उन्हें लाभांवित करने हेतु जिला मुख्यालय से लगे ग्राम पंचायत गम्हरिया में 50 सीट की क्षमता युक्त आवासीय बालक बालिकाओं के विशेष विद्यालय का संचालन किया जा रहा है।

वर्तमान में यहां 10 बालिकाओं सहित कुल 19 बच्चे पढ़ाई और कला के क्षेत्र में तरक्की कर रहे है। उन्होंने कहा कि जशपुर जिले के लोगों को शासकीय योजनाओं का पूर्णतः लाभ मिल रहा है। आज जशपुर के बच्चे आईआईटी में पढ़ रहे है, जो कभी यहां के लिए सिर्फ सपना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि समाज कल्याण विभाग द्वारा सभी 21 श्रेणियों के दिव्यांगजनों के लिए अनेक विभागीय योजनाएं चलाई जा रही है जिससे हमारे दिव्यांग भाई बहनों का जीवन सुगम्य हो रहा है, उन्हें सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान उपलब्ध हो रहा है और उनके जीवन की बाधाएं कम हो रही है जिला प्रशासन द्वारा आंकड़े एकत्रित कर व उनका अध्ययन कर उनके अनुरूप लोगों को योजनाओं से लाभांवित किया जा रहा हैं साथ ही जिले के सभी दिव्यांगजनों के लिए पहचान पत्र भी जारी किया जा रहा है।

कलेक्टर ने बताया कि जिला कौशल विकास प्राधिकरण की समन्वय से 85 युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक ट्रेड के अंतर्गत एलईडी निर्माण, कम्प्यूटर मरम्मत का प्रशिक्षण देकर दुलदुला में निर्माण वर्कशॉप का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा जिले में क्षितिज अपार संभावना जैसे महत्वपूर्ण योजना भी संचालित हो रही है। जिसके तहत 10 वीं एवं 12वीं की वार्षिक परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांगजनो ंको प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। जिले के 72 दिव्यांगजनों को स्वरोजगार की स्थापना हेतु छत्तीगसढ़ वित्त एवं विकास निगम रायपुर के माध्यम से ऋण सहायता उपलब्ध कराई गई है। इन सब के अलावा छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, सगम्य भारत अभियान योजना, बस पास, स्वालंबन स्वास्थ्य बीमा योजना इत्यादि से भी दिव्यांगजनों को लाभांवित किया जा रहा है। इस अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष कृष्ण कुमार जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह, सीईओ जिला पंचायत कुलदीप शर्मा,एसडीएम एस.एस.दुबे, उप संचालक समाज कल्याण श्री देवांगन, अधीक्षक विशेष विद्यालय विनय तिवारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

सामर्थ्य मेला में दिव्यांगजनों को सम्मानित करते राज्य मंत्री विष्णुदेव साय व अन्य अतिथि।

सम्मान समारोह और उपकरण वितरण

कार्यक्रम में केन्द्रीय इस्पात एवं खनन राज्य मंत्री विष्णु देव साय द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने के लिए लोगों को सम्मान किया गया। इसके अलावा बैट्री चलित ट्रायसायकल ट्रायसायकल,व्हीलचेयर, बैसाखी, वॉकिंग स्टीक, ब्लाइंड स्टीक एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया।

दृष्टि बाधित विशेष विद्यालय का श्री साय ने अवलोकन किया

केन्द्रीय इस्पात एवं खनन राज्य मंत्री विष्णु देव साय ने गम्हरिया में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए संचालित शासकीय दृष्टिबाधितार्थ विशेष विद्यालय का अवलोकन किया। उन्होंने यहां बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया। इस अवसर पर दृष्टिबाधित प्रियंका उर्मिलाकर्मी और हेवन्ती ने गीत सुनाया और अन्य बच्चों ने कविताए संगीत के माध्यम से अपने हुनर का परिचय दिया।