पुलिस महानिदेशक ने कहा-एजेंटाे के जरिए ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रथा बंद हो

Jashpuranagar News - जिले में सड़क दुर्घटना के मामले में 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष जनवरी से जून तक सड़क हादसों के 229 प्रकरण सामने...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:00 AM IST
Jashpur News - chhattisgarh news director general of police said the practice of making a driving license through agenta closed
जिले में सड़क दुर्घटना के मामले में 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष जनवरी से जून तक सड़क हादसों के 229 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें मरने वालों की संख्या 137 है। बढ़ती सड़क दुर्घटना को देखते हुए आरके विज, विशेष पुलिस महानिदेशक (योजना प्रबंध, यातायात एवं नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस) ने ट्रैफिक पुलिस को और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिवहन विभाग को लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन करने कहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एजेंटों के माध्यम से लाइसेंस बनाने की प्रथा बंद हो।

रायपुर में सभी जिलों के यातायात प्रभारियों की बैठक हुई थी। बैठक में जशपुर जिले के यातायात प्रभारी सूबेदार सौरभ चंद्राकर उपस्थित थे। यातायात प्रभारी ने बताया कि बढ़ती सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए अभी जिले में कई नए उपाय किए जाएंगे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सिर्फ चालानी कार्रवाई नहीं बल्कि लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। बैठक में पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि यदि जिले में नए ब्लैक स्पॉट की पहचानकर वहां सुरक्षा के उपायों पर विशेष काम हो। स्कूल लगने व छुट्‌टी के वक्त नगरीय इलाकों में सुरक्षा के लिए ट्रैफिक पुलिस और पुलिस के जवान संयुक्त रूप से सुरक्षा में काम करें। ताकि सड़क पर नियम तोड़ते हुए चलने वालों पर डर बना रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में हर साल सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2011 में सड़क दुर्घटना के 230 मामले सामने आए थे, वहीं वर्ष 2012 में 530 दुर्घटनाएं पुलिस ने अपनी डायरी में दर्ज की थी। 2013 में 750 मामले आए। इसी तरह 2015 में 403 मामले जिसमें 137 लोगों की मौत हुई । वर्ष 2016 में सड़क दुर्घटना में 149 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

शहर के मुकाबले ग्रामीण सड़कों पर ज्यादा दुर्घटनाएं, बाइक का गांवों में क्रेज बढ़ना है मुख्य कारण

बाइक हादसों में मौतें

वाहन घटना मौत घायल

ट्रक 01 02 02

मिनी ट्रक 03 02 02

भारी वाहन 02 05 01

चारपहिया 03 02 03

बाइक 30 19 26

अन्य 06 02 06

आंकड़ों पर एक नजर

वर्ष मौत घायल

2014 147 367

2015 137 487

2016 149 333

2017 188 376

2018 174 253

2019 137 193 अब तक

दुर्घटना के कारण

सड़क हादसे मौत घायल

एनएच 4 5 03

स्टेट हाइवे 12 04 16

ग्रामीण सड़क 29 21 19

(आंकड़े जून 2019 के)

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर

जिले में सड़क दुर्घटना के मामले में 33 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। इस वर्ष जनवरी से जून तक सड़क हादसों के 229 प्रकरण सामने आए हैं। इनमें मरने वालों की संख्या 137 है। बढ़ती सड़क दुर्घटना को देखते हुए आरके विज, विशेष पुलिस महानिदेशक (योजना प्रबंध, यातायात एवं नोडल अधिकारी सीसीटीएनएस) ने ट्रैफिक पुलिस को और सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परिवहन विभाग को लाइसेंस जारी करने में नियमों का पालन करने कहा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एजेंटों के माध्यम से लाइसेंस बनाने की प्रथा बंद हो।

रायपुर में सभी जिलों के यातायात प्रभारियों की बैठक हुई थी। बैठक में जशपुर जिले के यातायात प्रभारी सूबेदार सौरभ चंद्राकर उपस्थित थे। यातायात प्रभारी ने बताया कि बढ़ती सड़क दुर्घटना की रोकथाम के लिए अभी जिले में कई नए उपाय किए जाएंगे। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब सिर्फ चालानी कार्रवाई नहीं बल्कि लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है। बैठक में पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए हैं कि यदि जिले में नए ब्लैक स्पॉट की पहचानकर वहां सुरक्षा के उपायों पर विशेष काम हो। स्कूल लगने व छुट्‌टी के वक्त नगरीय इलाकों में सुरक्षा के लिए ट्रैफिक पुलिस और पुलिस के जवान संयुक्त रूप से सुरक्षा में काम करें। ताकि सड़क पर नियम तोड़ते हुए चलने वालों पर डर बना रहे। उल्लेखनीय है कि जिले में हर साल सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2011 में सड़क दुर्घटना के 230 मामले सामने आए थे, वहीं वर्ष 2012 में 530 दुर्घटनाएं पुलिस ने अपनी डायरी में दर्ज की थी। 2013 में 750 मामले आए। इसी तरह 2015 में 403 मामले जिसमें 137 लोगों की मौत हुई । वर्ष 2016 में सड़क दुर्घटना में 149 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

ट्रैफिंक सेंस की कमी: शहर में ऐसे नजारे आम हैं जो हादसों के कारण बनते हैं।

सुरक्षा के किए जा रहे इंतजाम

पुलिस यातायात विभाग द्वारा यातायात जागरूकता रथ का उपयोग कर सड़क दुर्घटना काे कम करने के िलए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही स्कूल व कॉलेजों में जाकर क्लास लगाई जा रही है। सड़क पर वाहनों की चेंकिंग भी चल रही है। बावजूद लोगों लापरवाही बरत रहे हैं।

गांव के हर घर में बाइक, नशा व यातायात नियमों की अनदेखी बढ़ती दुर्घटना की वजह

जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटना की मुख्य वजह दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या, शराब का सेवन और यातायात नियमों की जानकारी का अभाव है। अब हर गांव में घर-घर बाइक है। आंकड़े बताते हैं कि दुर्घटना में मरने वालों में सबसे अधिक बाइक सवार हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के मुकाबले ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाएं ज्यादा हुई है। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में किसी उत्सव व शोक में शराब का सेवन ग्रामीणों की संस्कृति का हिस्सा है। शादी ब्याह के उत्सव हों या किसी के घर शोक कर्म सभी अवसरों पर लोग मेहमान आना-जाना करते हैं और वहां शराब पीते हैं। शराब पीकर वाहन चलाने के कारण कई दुर्घटनाएं हुई हैं।

ब्लैक स्पॉट नहीं, हर दुर्घटना नई जगह

जशपुर जिले में ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हों। इसलिए यहां ब्लैक स्पॉट के रूप में एक भी स्थान चयनित नहीं हुआ है। यहां हर दुर्घटना नए-नए स्थानों पर हुई है। दिसंबर माह तक शहर के जैन मंदिर से लेकर एनईएस कॉलेज को ब्लैक स्पॉट माना जाता था, पर बीते दो साल में यहां एक भी दुर्घटना नहीं होने के कारण अब इसे ब्लैक स्पॉट से हटा दिया गया है।

यातायात व पीडब्ल्यूडी की बनेगी ज्वाइंट टीम


X
Jashpur News - chhattisgarh news director general of police said the practice of making a driving license through agenta closed
COMMENT