बारिश थमते ही दो दिनों में जिला अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या

Jashpuranagar News - 14 दिन तक बारिश का मौसम बना रहा। पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली है। बारिश थमते ही...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:00 AM IST
Jashpur News - chhattisgarh news number of patients increased in the district hospital in two days after the rain stops
14 दिन तक बारिश का मौसम बना रहा। पिछले दो दिनों से बारिश नहीं हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली है। बारिश थमते ही बीमारों की संख्या बढ़ गई। शुक्रवार व शनिवार को जिला अस्पताल में अपना इलाज कराने के लिए 6 सौ से ज्यादा मरीज पहुंचे। इसमें उल्टी दस्त के साथ जुकाम और खांसी के मरीज भी शामिल हैं। डॉक्टरों का पूरा समय मरीजों के इलाज में गया।

शनिवार को जिला अस्पताल की आेपीडी में मरीजों की लाइन लगी थी। पर्ची कटाने के लिए मरीजों को लाइन में आधे घंटे तक खड़े होना पड़ा। इसके बाद लगभग डॉक्टरों के रूम के सामने लगी लाइन में इंतजार करना पड़ा। चिकित्सकों ने इतनी अधिक संख्या में लोगों के बीमार होने का कारण मौसम को बताया। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार हुई बारिश में सावधानी ना बरतने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। बुखार के अधिकांश मरीज बारिश में भीगने के कारण बीमार हुए हैं। उल्टी दस्त के मरीजों ने भोजन में सावधानी नहीं बरती। लगातार बारिश के बीच या तो होटल या ठेले खोमचे का खा लिया या फिर ताजा भोजन नहीं लिया।

इसी तरह बारिश के कारण वातावरण में नमी और ठंडकता से अधिक उम्र के लोग भी बीमार हुए हैं। सिविल सर्जन का कहना है भर्ती मरीज ज्यादा नहीं है। इसलिए अतिरिक्त बेड लगाना पड़े ऐसी नौबत नहीं आई है।

खानपान में सावधानी बरतना जरूरी

पानी की गंदगी से होने वाली बीमारियां जैसे कि कौलरा, टाइफाइड, जौंडिस, डिसैंट्री, अमीबियोसिस, डायरिया और कई अन्य समस्याएं इन दिनों आम हो जाती हैं। बाहर खाने वाले को खतरा ज्यादा रहता है। गरम और नम वातावरण में बैक्टीरिया तेजी से पनपता है और फूड पॉइजनिंग आसानी से हो जाती है। बुजुर्ग और बच्चे अथवा ऐसे लोग जिन की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, उन्हें फूड पॉइजनिंग होने का खतरा ज्यादा रहता है।

अगर किसी को हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी क्रौनिक बीमारियां हैं, तो उसे बेहद आसानी से फूड पॉइजनिंग हो जाती है। डायरिया वाले संक्रमण में शरीर में तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के चलते बुजुर्गों में डीहाइड्रेशन, किडनी, हार्ट और मांसपेशियों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए अपने हाथों से खाना बनाने की जगह, बरतनों आदि की सही ढंग से बार-बार सफाई करें और खाने की चीजें अच्छी तरह से धो कर, छील कर या पका कर खाएं. आइसक्रीम, दूध, दही जैसी चीजों को उपयुक्त तापमान में रखें। 2 घंटे से अधिक समय तक फ्रिज से बाहर रखी रहने वाले खाने की चीजें सुरक्षित नहीं रहतीं। अगर तापमान 90 डिग्री फारेनहाइट से अधिक है, तो 1 घंटे से अधिक समय तक खाने की चीज फ्रिज से बाहर नहीं रखनी चाहिए।

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