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शहर के 14 सरकारी तालाबों में गंदगी, सफाई तक नहीं हुई

Kanker News - शहर में 14 शासकीय तालाब हैं लेकिन एक भी तालाब का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया है। वर्षों से शहर के तालाबों के...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 02:35 AM IST
Kanker News - 14 public ponds of the city did not even cover dirt and cleanliness
शहर में 14 शासकीय तालाब हैं लेकिन एक भी तालाब का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया है। वर्षों से शहर के तालाबों के सौंदर्यीकरण की प्रकिया चल रही है। डडिया तालाब सौंदर्यीकरण का काम स्वीकृत होने के बाद चालू जरूर हुआ लेकिन काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है और अधर में है। कुछ सालों पहले तक शहर की शोभा बढ़ाने वाले तालाब आज बेहद गंदे और प्रदूषित हो चुके हैं। एेसा ही हाल रहा तो तालाबों का अस्तित्व ही शहर से मिट जाएगा।

नगर पालिका शहर के तालाबों का सौंदर्यीकरण करने का दावा तो कई वर्षों से करते आ रही है लेकिन एक भी तालाब का सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया है। डडिया तालाब सौंदर्यीकरण काम काफी धीमी गति से चल रहा है।

शहर के रियासतकालीन तालाब गंदगी का पर्याय बनते जा रहे हैं तथा धीरे-धीरे इनका क्षेत्रफल सिमटता जा रहा है। संजय नगर के डांग तालाब में निस्तारी के लिए एक भी घाट का पचरीकरण नहीं किया गया है। बारिश के दौरान यहां निस्तारी करने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है।

तालाब तट में गंदगी फेंकी जा रही है। वार्ड के सुमन सारथी, दिलीप सारथी, प्रीतम सारथी ने कहा घाट नहीं होने से फिसलन के कारण गिर जाते हैं। शीतलापारा के दीवान तालाब तट में अतिक्रमण हो चुका है। दीवान तालाब में 5 जगह पर पचरीकरण हुई है जिसमें से दो तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। पचरीकरण की मरम्मत करने ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तालाब तट के चारों ओर काफी गंदगी होने से तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है। तालाब तट में फेंकी जा रही गंदगी की सफाई भी नहीं होती है। भंडारीपारा के मारादेव तालाब तट का भी काफी बड़ा भाग लोग पाटकर अतिक्रमण कर चुके हैं। तालाब तट में हुआ पचरीकरण दो वर्षों से क्षतिग्रस्त हो गया है जिसके मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तालाब में निस्तारी के दौरान कुछ लोग गिर चुके हैं। तालाब में गहरीकरण की भी मांग की जा रही है। गर्मी के दौरान तालाब सूख जाता है।

राज्य स्तर पर प्लानिंग चल रही: सीएमओ: नगर पालिका सीएमओ लाल अजय बहादुर सिंह ने कहा शहर के सभी तालाबों का सौंदर्यीकरण होना है। इसकी प्लानिंग राज्य शासन पर चल रही है। शहर के सभी तालाबों का सौंदर्यीकरण इसी कड़ी में होना है। शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।

कांकेर। एमजी वार्ड स्थित तालाब का मिटता जा रहा है अस्तित्व।

एमजी वार्ड के तालाब में फेंक रहे गंदगी, अभी तक नहीं हो पाया सौंदर्यीकरण

एमजी वार्ड स्थित तालाब में गंदगी फेंकी जा रही है। माता मंदिर से लगे तालाब में काफी समय से गार्डन बनाने के साथ सौंदर्यीकरण की मांग की जा रही है लेकिन अब तक कुछ नहीं हो पाया है। तालाब सूख रहा है। डॉ. जेएम साहू, राकेश यादव ने कहा कि तालाब का सौंदर्यीकरण करने ध्यान देना चाहिए। गुजरी तालाब में सिर्फ एक ही निस्तारी के लिए पचरीकरण बना हुआ है।

पहले लोग जिस तालाब का पीते थे पानी, वही आज निस्तारी भी लायक नहीं रहा

25 वर्ष पहले शहर के शीतला तालाब, डडिया तालाब, कंकालिन तालाब व एमजी वार्ड के तालाब का पानी पीने के लिए उपयोग किया जाता था। तालाब के पानी में गंदगी फेंके जाने के कारण पानी प्रदूषित हो चुका है और पानी आज निस्तारी के लायक भी नहीं है।

कंकालिन तालाब का बड़ा भाग रेत से पटा

मड़ईभाठा के कंकालिन तालाब में मां दुर्गा व गणेश प्रतिमा के साथ ज्योति कलश विसर्जन होता है। तालाब के घाट में काफी ज्यादा गंदगी है। गत वर्ष पहाड़ी से तेज गति से आने वाले पानी से तालाब का काफी भाग रेत से पट चुका है। वार्डवासी पटे रेत को निकालने मांग कर रहे हैं। टिकरापारा के सुरेंद्र ठाकुर व प्रहलाद ठाकुर ने कहा तालाब में लाइटिंग व्यवस्था कर बैठने के साथ इसकी सफाई पर ध्यान देना चाहिए।

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