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राजधानी अस्पताल की स्मार्ट कार्ड मान्यता होगी रद्द

भास्कर न्यूज|कांकेर/पखांजूर पीवी 15 गांव में ग्रामीणों की किडनी निकालने का हंगामा होने के बाद रविवार को सांसद...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:40 AM IST

भास्कर न्यूज|कांकेर/पखांजूर

पीवी 15 गांव में ग्रामीणों की किडनी निकालने का हंगामा होने के बाद रविवार को सांसद विक्रम उसेंडी गांव पहुंचे तथा पीड़ितों से मुलाकात की। सांसद ने कहा किडनी निकालने जैसी कोई घटना नहीं हुई है, अस्पताल ने स्मार्ट कार्ड से पैसे चोरी करने पूरा षड़यंत्र रचा था।

स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीजों का बयान ले चुकी है तथा दलालों तथा अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर स्वास्थ्य विभाग ने राजधानी अस्पताल की स्मार्ट कार्ड मान्यता रद्द करने के साथ अस्पताल के दलाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांव पहुंचे सांसद को पीड़ित मरीजों ने बताया राजधानी सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल प्रबंधन ने जबरदस्ती डरा धमका कर आॅपरेशन किया। आॅपरेशन के बाद से कमला मंडल, विपुला राय, मंजू विश्वास के शरीर में दर्द तथा चलने फिरने में तकलीफ है। सांसद ने कहा इन मरीजों का इलाज तत्काल सिविल अस्पताल पखांजूर में शुरू करने डाॅक्टरों को निर्देश दिया।

सांसद ने कहा पूरे मामले की जांच कराई जाएगी तथा गांव-गांव में स्मार्टकार्ड से इलाज कराने घूमने वाले दलालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जितनी सुरक्षा वे अपने बैंक एटीएम कार्ड की करते हैं, उतनी ही सुरक्षा स्वास्थ्य के इस एटीएम की भी करें। इसका ना दुरुपयोग करें और ना ही किसी को करने दें। कोई दलाल आए तो सूचना पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को दें।

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10 मरीजों से 2.43 लाख रुपए का किया आहरण

योजना से 10 मरीजों का इलाज हुआ जिनके खाते से अस्पताल प्रबंधन ने 2.43 लाख की राशि निकाल ली। कमला मंडल, मंजू विश्वास, विपुला राय के स्मार्ट कार्ड से 50-50 हजार रुपए निकाले। नेपाल भक्त तथा शांति रतना के स्मार्ट कार्ड से 25-25 हजार तथा रेणुका विश्वास से 2200, आलोक विश्वास से 6500, सुभाष राय से 2300, कनक बड़ाई से 2200, पारूल के स्मार्ट कार्ड से 30 हजार निकाले।

झोलाछाप डॉक्टर का नाम आया सामने

पूरे मामले में रायपुर के झोलाछाप डा. एसके मंडल तथा एसेबेड़ा के दुलाल निषाद का नाम सामने आया है। दोनों ने पीवी15 में शिविर लगाकर मरीजों को चुना तथा 17 मार्च को सभी का निशुल्क इलाज कराने के नाम रायपुर के राजधानी हास्पिटल ले गए।

रोजी पर काम कराया, पैसा भी नहीं दिया: निषाद

एसेवेड़ा के दुलाल निषाद पूर्व जनपद सदस्य हैं, जिन्होंने बताया उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्हें रायपुर से आए एनके मंडल ने 400 रुपए प्रतिदिन रोजी में काम पर रखा था। चार दिन काम कराया, जिसका पैसा भी नहीं दिया। उनका काम गांव में शिविर का प्रचार-प्रसार करना और मरीजों के घर की पहचान कराना था। उन्हें ना तो स्मार्ट कार्ड योजना की जानकारी है, ना अस्पताल को देखा।

कार्रवाई के लिए की गई अनुशंसा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. जेएल उईके ने बताया मामला बेहद गंभीर है। राजधानी अस्पताल की स्मार्ट कार्ड मान्यता रद्द करने अनुशंसा की गई है। साथ ही पूरे मामले में दलाली करने वाले डाॅ. एसके मंडल के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने अनुशंसा की गई है।

स्वास्थ्य विभाग ने जांच में पाया, बना अनुमति शिविर

राजधानी अस्पताल ने बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति ग्राम पीवी 15 में स्वास्थ्य शिविर लगाया।

अस्पताल में दो मरीजों कमला मंडल तथा विपुला राय को डरा धमका कर जबरदस्ती आॅपरेशन किया।

एक मरीज मंजू विश्वास का आॅपरेशन उनके परिजनों को बिना सूचना दिए ही कर दिया।

सभी मरीजों को 17 मार्च को भर्ती कर 22/23 मार्च को छुट्टी दी गई।

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