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फोर्स में जाने नक्सल प्रभावित गांवों के 150 युवाओं ने दिखाया उत्साह

जिले के अधिकांश थाने नक्सल संवेदनशील हैं। यहां आए दिन नक्सली ग्रामीणों को पुलिस से दूरी बनाए रखने पर्चे फेंक...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 02:45 AM IST

फोर्स में जाने नक्सल प्रभावित गांवों के 150 युवाओं ने दिखाया उत्साह
जिले के अधिकांश थाने नक्सल संवेदनशील हैं। यहां आए दिन नक्सली ग्रामीणों को पुलिस से दूरी बनाए रखने पर्चे फेंक फरमान जारी करते हैं। नक्सलियों के ऐसे फरमानों को ठेंगा दिखाते अब युवक ही नहीं युवतियां भी फोर्स में शामिल होने आगे आ रही हैं। युवाओं के इस उत्साह को देखते पुलिस ने उनकी राह आसान करने जिला मुख्यालय में स्पेशल ट्रेनिंग दी।

स्पेशल ट्रेनिंग के बाद युवाओं ने कहा पुलिस ने हमें रास्ता दिखाया हम कामयाब होंगे। हाल ही में सीएएफ व डीएफ भर्ती के लिए विज्ञापन निकले थे। जिले से नक्सल इलाके के युवाओं ने भी आवेदन किया। संसाधनों की कमी के चलते ऐसे युवा भर्ती में पिछड़ जाते थे। एसपी कांकेर ने पुलिस भर्ती के लिए आवेदन भरने वालों के लिए निशुल्क ट्रेनिंग आयोजित की। जिले के नक्सल संवेदनशील थाना कोयलीबेड़ा, रावघाट, ताड़ोकी, आमाबेड़ा, छोटे बेठिया, अंतागढ़, बांदे, पखांजूर आदि से 28 युवतियों और 122 युवकों ने पुलिस से संपर्क किया। इन्हें 14 से 31 मार्च तक फिजिकल व थ्योरी की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान आरआई नीलकंठ वर्मा, सूबेदार विपुल जांगड़े, एसआई होमचंद नागरची, उत्तम तिवारी, राजेश भास्कर, सुरेश बंजारे, प्रभाराम भगत ने प्रशिक्षण दिया।

कांकेर। सिंगारभाट मैदान में पुलिस भर्ती के लिए ट्रेनिंग लेते अंदरूनी इलाके के युवा।

संसाधनों की कमी के चलते नहीं कर सकते प्रैक्टिस

ट्रेनिंग के बाद युवाओं ने कहा मैदानी इलाकों की अपेक्षा उनके यहां संसाधनों की कमी है। कुछ जगह हालात ऐसे हैं कि वहां पुलिस भर्ती के लिए प्रेक्टिस भी नहीं कर सकते। कुछ ने कहा वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं। पुलिस की यह पहल उन्हें काफी मदद पहुंचा रही है। पुलिस की मदद से वे जरूर आगे आएंगे। पुलिस ने रास्ता दिखाया है। अब वे कामयाब होकर ही रहेेंगे।

भोजन से लेकर पाठ्य सामग्री तक निशुल्क

9 घंटे रोज कड़ी मेहनत

अंदरूनी क्षेत्र के युवाओं को जब मौका मिला तो मेहनत करने में कोई कमी नहीं की। ट्रेनिंग के रूटीन टाईम टेबल अनुसार सुबह 6 से 8.30 बजे तक शारीरिक दक्षता की प्रेक्टिस, 9 से 12 बजे तक तथा शाम 4 से 7 बजे तक सामान्य ज्ञान, गणित समेत परीक्षा में पूछे जाने वाले अन्य विषयों की क्लास लगाई गई। 15 दिन की इस ट्रेनिंग के दौरान माडल परीक्षा भी आयोजित की गई।

15 दिन की स्पेशल ट्रेनिंग में पुलिस विभाग ने प्रतिभागियों के लिए निशुल्क रहने खाने पीने की व्यवस्था की थी। पढ़ाई के दौरान विषय से संबंधित पुस्तकें, नोटबुक, स्पोर्ट समान आदि भी उपलब्ध कराया।

हमेशा जारी रहेगी यह कोशिश : एसपी

एसपी केएल ध्रुव ने कहा पुलिस ने अंदरूनी नक्सल प्रभावित इलाके के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी दिलाने पहल की है। पुलिस ही नहीं किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले अंदरूनी इलाके के बच्चों को मार्गदर्शन व प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। ऐसे परीक्षार्थी हमेशा पुलिस से संपर्क में रहे। पुलिस का यह प्रयास हमेशा जारी रहेगा।

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