कांकेर

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जनमानस की भाषा हिंदी बाजारवाद में फंसी: लोक बाबू

भानुप्रतापदेव पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत व्याख्यान माला का आयोजन किया गया।...

Danik Bhaskar

Mar 01, 2018, 03:00 AM IST
भानुप्रतापदेव पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भिलाई के कथाकार लोकबाबू एवं अन्य वक्ताओं में भिलाई प्रगतिशील लेखन संघ अध्यक्ष परमेश्वर वैष्णव थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.कोमल सिंह शार्वां ने की।

हिन्दी विभाग के अध्यक्ष डॉ. एसआर बंजारे ने कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। मुख्य वक्त लोकबाबू ने कहा कि जनमानस की भाषा हिन्दी आज बाजारवाद की शिकार होकर संकट एवं समस्या से ग्रस्त है। चारों तरफ अंग्रेजी भाषा की दबंगई एवं उसकी फसल लहलहा रही है। हिंदी भाषा को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा है। आज अपनी प्रमाणिकता एवं सार्थकता सिद्ध करने के लिए अंग्रेजी भाषा का मुंह ताकते रहते हैं, जो कि हिन्दी भाषा की दयनीयता की ओर इंगित करता है। इस समस्या के समाधान के लिए विद्यार्थियों के साथ-साथ जनमानस को भी हिन्दी पत्र-पत्रिकाएं पढ़ने के लिए उन्होंने कहा। परमेश्वर वैष्णव ने हिन्दी की वर्तमान दशा के लिए राजनीतिक प्रदूषण को दोषी माना। उन्होंने हिन्दी भाषा को झक झोरने वाली एवं विश्व बंधुत्व की भाषा बताया साथ ही यह भी कहा की भाषा का कार्य जोडने का है और इस कार्य को हिन्दी भाषा न केवल भारत में बल्कि भारत से बाहर रहने वाले लोगों के आपसी संबंध को मजबूत करने के लिए कर रही है।

प्राचार्य शार्वा ने कहा वर्तमान समय में हिन्दी भाषा में जो विकृतियां दिखाई दे रही है उसे मानसिकता दृढ़ता के साथ सामना करना चाहिए। उन्होंने भाषायी आधार पर प्रांतों के विभाजन को गलत बताते हुए हिन्दी भाषा के साथ-साथ विभिन्न भारतीय भाषाओं के अध्ययन की अनिवार्यता लागू करने पर जोर दिया। इस दौरान रूसा समन्वयक डॉ. आरकेएस ठाकुर, प्रो.एनआर साव, डॉ.व्हीके रामटेके, डॉ. केआर धु्रव, डॉ. एलआर सिन्हा, डॉ. बसंत नाग, डॉ. लक्ष्मी लेकाम, डॉ. कमला ठाकुर, प्रो. विजय प्रकाश साहू, प्रो. प्रताप चौधरी, डॉ. आभा श्रीवास्तव, डॉ.माहेनूर सैयदा, डॉ.पूनम साहू, डॉ.योगिता साहू, सुषमा सिन्हा, डॉ.मीनाक्षी तिवारी आदि उपस्थित थे।

व्याख्यान माला

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कांकेर। व्याख्यान माला कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक व छात्र-छात्राएं।

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