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5 हजार बिल बकाया होने पर काट रहे लाइन इधर सरकारी दफ्तरों का Rs.65 लाख बाकी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:45 AM IST

Kanker News - शहर में निजी उपभोक्ताओं समेत सरकारी विभागों का कुल 1.86 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया हैं। इसमें सरकारी विभागों के 65...

Kanker News - chhattisgarh news remaining rs55 lacs of government offices lying there for 5 thousand bills
शहर में निजी उपभोक्ताओं समेत सरकारी विभागों का कुल 1.86 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया हैं। इसमें सरकारी विभागों के 65 लाख रुपए बकाया है। महज 5 हजार रुपए तक का बकाया होने पर निजी उपभोक्ताओं की लाइन काटने वाला बिजली विभाग इन सरकारी विभागों की लाइन काटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इनके खिलाफ सिर्फ नोटिस भेजकर वसूली की खानापूर्ति पूरी कर रहा है। जबकि निजी उपभोक्ताओं की धड़ल्ले से लाइन काटी जा रही है।

कांकेर शहर में कुल 10,945 बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से अधिकांश का बिल का बकाया है। जिसकी राशि 1.86 करोड़ रुपए पहुंच चुकी है। इसमें सरकारी दफ्तरों के 64.67 लाख रुपए शामिल हैं। सरकारी दफ्तरों की बकाया सूची में पहले नंबर पर नगर पालिका कांकेर है। जिसका बिल का 38.83 लाख रुपए बकाया है। पालिका के इस बकाया में पेयजल सप्लाई, स्ट्रीट लाइट, कांप्लेक्स के अलावा कार्यालय का भी बिल शामिल है। दूसरे नंबर पर राजस्व विभाग का 8.47 लाख रुपए बकाया है। जिसमें अकेले तहसील कार्यालय का 2.75 लाख रुपए का बिल बकाया है। तहसील दफ्तर में अंतिम बार पिछले साल 9 अप्रैल 2018 को बिल का भुगतान किया गया। इसके बाद से अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इसके अलावा शिक्षा विभाग भी 5.99 लाख रुपए का बिल नहीं पटा पा रहा है। पुलिस विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग के खिलाफ भी बकाया राशि लाख के आंकड़े के पार है। इसके अलावा कुछ विभागों में बकाया का आंकड़ा हजारों में है। सभी को नोटिस तो जारी किया गया है।

कांकेर। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने पर लाइन काटते कर्मी।

कुछ उपभोक्ताओं ने दो साल से नहीं पटाए बिल

भुगतान नहीं करने वालों कुछ उपभोक्ता एेसे भी हैं जिन्होंने दो साल से भुगतान नहीं किया है। 2016 में कुछ लोग शामिल हैं। इसके अलावा पिछले साल से बिल नहीं पटाने वाले 82 एेसे हैं जिनका 10 हजार से अधिक बकाया है

इन विभागों का हजारों का बिजली बिल है बकाया

एेसे भी विभाग हैं जिनका बकाया 5 हजार रुपए से अधिक है, लेकिन इनके खिलाफ भी कार्रवाई शून्य है। इनमें रेशम विभाग का 71 हजार रुपए, लोक निर्माण विभाग का 33 हजार रुपए, पशु चिकित्सा विभाग का 18 हजार, पीएचई विभाग का 14 हजार रुपए, कृषि विभाग का 10 हजार रुपए, दूर संचार विभाग का 13 हजार रुपए समेत अन्य विभागों का कुल 3 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है।

अफसर बोले- सरकारी विभागों पर भी होगी कार्रवाई

कांकेर विद्युत उपसंभाग के कनिष्ठ यंत्री एलएस टेकाम ने कहा बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लाइन काटने की कार्रवाई शुरू की गई है। लाइन काटने से पहले नोटिस सभी को दिया गया है। अभी निजी उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जल्द ही सरकारी विभाग के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

30 निजी उपभोक्ताओं की काटी जा चुका है लाइन

बिजली विभाग निजी व सरकारी सभी उपभोक्ताओं को दिसंबर महीने में बिजली बिल भुगतान के लिए नोटिस जारी कर रहा है। इसमें से कुछ को मोबाइल में मैसेज के माध्यम से नोटिस भेजा गया है, लेकिन लाइन काटने की कार्रवाई सिर्फ निजी उपभोक्ताओं के खिलाफ की गई है। बकाया बिल का भुगतान नहीं करने वालों 30 निजी उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी जा चुकी है। भुगतान के बाद ही दोबारा कनेक्शन जोड़ा गया।

मार्च तक कार्यालयों का मिल जाता है भुगतान: ईई

कांकेर विद्युत विभाग के कार्यपालन यंत्री टीएल सहारे ने कहा कि बिल का भुगतान करने को लेकर सभी शासकीय कार्यालयों को नोटिस दिया गया है। लेकिन मार्च तक शासकीय कार्यालय के बिजली बिल का भुगतान हो जाता है। इस कारण शासकीय कार्यालय में बिजली काटने की कार्रवाई नहीं की जाती है। निजी उपभोक्ता काफी समय तक बिल का भुगतान नहीं करते हैं।

मार्च तक चलेगी मुहिम

बिजली विभाग की बकाया वसूली मुहिम मार्च तक चलाई जाएगी। बकायेदारों को चिह्नांकित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिल नहीं भुगतान करने पर लाइन काटने की कार्रवाई की जाएगी। अब तक लाइन काटने के नाम पर 3 लाख रुपए की वसूली की जा चुकी है।

इन विभागों का लाखों का बिजली बिल बकाया

विभाग बकाया राशि

नगर पालिका 38.8 लाख

राजस्व विभाग 8.47 लाख

शिक्षा विभाग 5.99 लाख

स्वास्थ्य विभाग 1.21 लाख

वन विभाग 1.31 लाख

पुलिस विभाग 1.21 लाख

उच्च शिक्षा विभाग 1.35 लाख

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