बांदे में विक्षिप्त महिला को 8 माह का गर्भ, मितानिन तक ने नहीं की सहायता तो डॉक्टरों ने किया इलाज

Kanker News - बांदे बाजार में 10 महीने पहले एक अज्ञात विक्षिप्त महिला पहुंची जो दिनभर भटकने के बाद शाम को पेड़ या बाजार शेड में...

Bhaskar News Network

Jun 13, 2019, 07:10 AM IST
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बांदे बाजार में 10 महीने पहले एक अज्ञात विक्षिप्त महिला पहुंची जो दिनभर भटकने के बाद शाम को पेड़ या बाजार शेड में आश्रय लेती है। कुछ दरिदों ने विक्षिप्त महिला को भी नहीं छोड़ा और महिला गर्भवती हो गई। महिला की सुध लेने कोई भी समाजसेवी संस्था या प्रशासन सामने नहीं आ रहा था। भास्कर ने पहले मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से चर्चा की तो दोनों ने मेरा काम नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। बांदे अस्पताल के डॉक्टर से चर्चा करने पर तत्काल महिला को अस्पताल लाकर स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया गया।

ग्रामीणों के अनुसार जब महिला यहां आई थी तब वह गर्भवती नहीं थी। पिछले 10 महीने से वह यहीं नजर आ रही है। कुछ दिनों से महिला के पेट में गर्भ दिखने लगा था। इससे स्पष्ट है बांदे या आसपास के ही दरिदों ने उसे शिकार बनाया है। जब महिला की मदद करने कोई सामने नहीं आया तो भास्कर ने मितानिन सीमा विश्वास से चर्चा की जिसने कहा ये काम मेरा नहीं है, बाजार कमेटी या पंचायत को महिला की मदद करना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बांदे प्रीति साहा ने मुझे कोई जानकारी नहीं है कहकर पल्ला झाड़ लिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांदे के डॉ. गौतम व्यापारी को भास्कर ने महिला के गर्भवती होने की जानकारी दी तो तत्काल उच्चाधिकारियों को बताकर कर्मचारियों को भेज महिला को अस्पताल लाया गया। नहलाकर खाना खिलाया। फिर उसका स्वास्थ्य परीक्षण शुरू किया गया।

विक्षिप्त महिला को अस्पताल ले जाती स्वास्थ्य विभाग की टीम।

इधर बुजुर्ग को पहुंचाया बिलासपुर सुधार गृह

जिले के ग्राम धनेलीकन्हार में पिछले महीनेभर से एक विक्षिप्त बुजुर्ग घूम रहे थे। ग्रामीणों ने जानकारी भानुप्रतापपुर के शांति फाउंडेशन को दी जो मानसिक रोगियों की मदद करती है। संस्था उपाध्यक्ष राजेश रंगारी, सचिव संजय सोनी ने महिला बाल विकास विभाग के अफसरों से चर्चा की तो वहां से कहा गया कि विभाग महिलाओं की मदद करने के लिए बनी है, पुरुषों की मदद नहीं होती। संस्था ने कोरर और भानुप्रतापपुर पुलिस से मदद मांगी। तत्कालीन कोरर थाना प्रभारी पीडी चंद्रा और थाना प्रभारी रविंद्र मंडावी की मदद से संस्था ने कोर्ट भानुप्रतापपुर में आवेदन लगाया जहां से बुजुर्ग को मानसिक रोगियों के अस्पताल सेंदरी सुधार गृह बिलासपुर भेजा गया। बुजुर्ग अपना नाम मुरजीभाई परमार निवासी किशनवाड़ा गुजरात बता रहे हंै।

नाम पूछने पर हंसती है

उक्त महिला को हिंदी, बंगाली भाषा आती है। ग्रामीणों ने अनुसार महिला महाराष्ट्र के गढ़चिरोली जिले के किसी गांव की रहने वाली है। इससे ज्यादा जानकारी किसी के पास नहीं है। उक्त महिला से कुछ भी पूछने पर वह केवल हंसने लगती है।

अब मदद के लिए आगे आई समाजसेवी संस्था : शांति फाउंडेशन भानुप्रतापपुर के संरक्षक तुषार ठाकुर ने कहा विक्षिप्त महिला की मदद संस्था करेगी। आज ही पूरी जानकारी ली जाएगी और न्यायालय में आवेदन लगा महिला को इलाज के लिए बेहतर स्थान पर भेजा जाएगा।

महिला को 8 माह का गर्भ

डॉ. गौतम व्यापारी ने कहा विक्षिप्त महिला को अस्पताल लाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिला को 8 महीने का गर्भ है। महिला के आगे इलाज को लेकर उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन लिया जा रहा है।

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