लाखों की लागत से बनाए गए 6 स्टाॅपडैम में एक बूंद भी पानी नहीं

Kanker News - शासन की ओर से सिंचाई का रकबा बढ़ाने और निस्तारी की सुविधा के लिए नदी-नालों में लाखों की लागत से स्टापडैम का निर्माण...

Bhaskar News Network

May 18, 2019, 06:40 AM IST
Bhanupratappur News - chhattisgarh news there is no drop of water in 6 stapdams created by the cost of millions
शासन की ओर से सिंचाई का रकबा बढ़ाने और निस्तारी की सुविधा के लिए नदी-नालों में लाखों की लागत से स्टापडैम का निर्माण कराया गया है। लेकिन विभागीय अनदेखी व निर्माण के दौरान बरती गई तकनीकी खामियों के कारण इन स्टापडैमों में अब बूंद भर पानी भी नहीं रुक पा रहा है। इसके कारण स्टापडैम आज शो-पीस बन गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल ग्राम बांसला में नदी-नालों में सिंचाई और निस्तारी के लिए बनाए गए 6 स्टापडैम का है। इनकी देखरेख और संरक्षण नहीं होने से यहां बूंद भर भी पानी नहीं है।

बांसला क्षेत्र के अधिकांश स्टापडैमों में लोहे का गेट दिया गया था, लेकिन रखरखाव के अभाव से आधा से ज्यादा गेट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं कुछ गेट चोरी भी हो गए। इसके कारण बारिश का पानी नहीं रुक पाता। इस कारण इन दिनों ग्रामीणों और मवेशियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जहां पहले किसान स्टापडैम में पानी होने से दोहरी फसल का लाभ लेते थे, वो अब नहीं ले पा रहे हंै। किसान लक्ष्मण जैन, सहदेव जैन, नकुल जैन, धर्म जैन और दीनदयाल जैन ने बताया कि पिछले दो सालों से हमारे खेत के पास के स्टापडैम में पानी रोका नहीं जा रहा है।

बांसला के कोरेटीपारा में बनाए गए स्टापडेम में नहीं है बूंद भर पानी।

मनरेगा से बने चेकडैम सूखे

मनरेगा से ग्राम पंचायत द्वारा चेकडैमों का निर्माण भी कराया गया था, ताकि नाले में बह जाने वाले पानी को रोका जा सके, लेकिन चेकडैम अस्थाई एवं कच्चा होने के कारण उसमें कुछ ही महीनों तक पानी रुका और अब ये सभी डैम सूख चुके हैं। गांव में 6 स्टाप डैमों का निर्माण कराया गया, लेकिन समय पर एक भी स्टापडैम में पानी नहीं है।

रखरखाव के लिए फंड नहीं मिलता: सरपंच

बांसला सरपंच चित्ररेखा ललित देहारी ने कहा कि सिंचाई विभाग से स्टापडैम का निर्माण कर ग्राम पंचायत को देते हैं, लेकिन इसका गेट जल्दी खराब हो जाता है। इसके रखरखाव के लिए कोई फंड नहीं होता है। इसके लिए बड़ी रकम की जरूरत होती है। गेट की मांग सिंचाई विभाग से लगातार कर रहे हैं।

कहीं गेट हो गए चोरी तो कहीं खराब

गांव के नयापारा में 10 लाख की लागत से स्टापडैम बनाया गया है। इसमें से एक गेट चोरी हो गया, दूसरा गेट ही लगा हुआ है। आवासपारा में 11 लाख से बनाए गए स्टापडैम का गेट खराब है। वहीं रामपुर में 24 लाख की लागत से दो स्टापडैम बनाए गए, लेकिन गेट खराब होने से पानी रुकता ही नहीं।

रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की: विभाग

सिंचाई विभाग के सब इंजीनियर एके चौरसिया ने कहा स्टापडैम, एनीकट बनाकर ग्राम पंचायत को सुपुर्द कर दिया जाता है। इसके रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होती है। मांग पर गेट आदि के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजा जाता है, लेकिन स्वीकृति नहीं मिलने से गेट नहीं लगा पा रहे हैं।

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