Hindi News »Chhatisgarh »Kanker» पेंशन के लिए बारिश में कोर्ट पहुंचे बुजुर्ग, वालेंटियरों ने बनाए आवेदन

पेंशन के लिए बारिश में कोर्ट पहुंचे बुजुर्ग, वालेंटियरों ने बनाए आवेदन

ग्राम शाहवाड़ा में 8 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिविर लगा था, जिसमें पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 14, 2018, 02:45 AM IST

पेंशन के लिए बारिश में कोर्ट पहुंचे बुजुर्ग, वालेंटियरों ने बनाए आवेदन
ग्राम शाहवाड़ा में 8 जुलाई को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिविर लगा था, जिसमें पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत सराफ को गांव के बुजुर्गों ने बताया था कि बुजुर्ग तथा पात्र होते हुए भी उनका नाम पेंशन सूची में नहीं जोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों की मदद करने न्यायाधीश ने सभी को जिला न्यायालय बुलाया था। गांव के 18 बुजुर्ग शुक्रवार को बरसते पानी में जिला न्यायालय पहुंचे, जहां प्राधिकरण के वालेंटियरों ने उनके आवेदन तैयार कर पंचायत समाज सेवा कार्यालय को भेजे।

शाहवाड़ा से बुजुर्गों के अलावा कुछ निशक्त व विद्यवा पेंशन की मांग को लेकर पहुंचे थे। जिला विधि सेवा प्राधिकरण सचिव अमृता मिश्रा ने स्वयं कांकेर पहुंचे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्या सुनी तथा वालेंटियरों से उनके आवेदन तैयार कराए। वालेंटियर वर्षा पोया व प्रतिधारक अधिवक्ता सागर गुप्ता ने सभी ग्रामीणों के आवेदन तैयार कर पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग को भेजा। राशन कार्ड को लेकर जो आवेदन थे उन्हें खाद्य विभाग को भेजा जाएगा।

ग्राम पंचायत व ग्रामसभा में नहीं हुई सुनवाई : ग्रामीणों ने बताया कई बार ग्राम पंचायत, ग्रामसभा में पेंशन नहीं मिलने की समस्या बता चुके हैं। दस्तावेज भी जमा कर चुके हैं, लेकिन कहीं मदद नहीं मिली। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल की तो अच्छा लग रहा है।

कांकेर। पेंशन के लिए बुजुर्गों के आवेदन तैयार करते वालेंटियर।

विकलांग हैं, फिर भी नहीं मिल रही पेंशन

शाहवाड़ा की फुलमा उसेंडी 66 वर्ष के पति हिंचाराम की मौत 7 साल पहले हो चुकी है। बेटी की शादी हो चुकी तथा बेटा नहीं है। पेंशन भी नहीं मिल रही है। इसके चलते जीवनयापन करने में परेशानी हो रही है। बुजुर्ग छेरकीन कोड़ोपी 60 वर्ष के पति की मौत 10 साल पहले हो चुकी है। दोनों बेटे अलग रहते हैं, लेकिन फिर भी पेंशन की पात्रता नहीं मिली। राशन कार्ड तक नहीं बना है। मजबूरी में मांग कर पेट भरना पड़ता है। कुमारी बाई मरकाम, जनाबाई कोड़ोपी, सगाबाई कोड़ोपी विकलांग हैं, लेकिन फिर भी पेंशन नहीं मिल रही है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Kanker

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×