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400 ग्राम ज्यादा धान तौलाई, नोडल अफसर बोले 41 किलो करो तौलाई

Kawardha News - समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए बने उपार्जन केंद्रों में किसानाें की दिक्कत कम नहीं हो रही है। केंद्र पर हर बोरे...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 02:36 AM IST
Kawardha News - 400 grams more paddy towel nodal officer said 41 kg of towel
समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए बने उपार्जन केंद्रों में किसानाें की दिक्कत कम नहीं हो रही है। केंद्र पर हर बोरे में 400 ग्राम ज्यादा धान तौलाई की जा रही है। कांटामारी से किसानों को प्रति क्विंटल करीब 15 रुपए का नुकसान हो रहा है। अफसरों का कहना है कि शॉर्टेज पर कमीशन कटने के डर से समितियां चोरी कर रही होगी।

वहीं प्रबंधकों की मानें, तो मीटिंग में नोडल अफसरों ने उन्हें हर बोरी में 41 किलो तक धान तौलाई करने कहा है। ताजा मामला मैनपुरी और सलिहा (बचेड़ी) समिति से सामने आया है। नियमानुसार एक बोरे में 40 किलो धान तौलना है। बारदाने के वजन के बदले 600 ग्राम अधिक धान भरने की छूट है। लेकिन समितियां 41 किलो तक धान तौल रहे हैं। समितियों के पास धान की नमी जांचने के लिए मशीन मौजूद है। अफसरों को पता है, फिर भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

कवर्धा.मैनपुर और सलिहा केंद्र में 400 ग्राम तक अधिक धान तौलाई।

यूं समझिए, समितियों के मुनाफे का गणित:

अगर एक खरीदी केंद्र में एक दिन में 1 हजार क्विंटल की धान खरीदी हुई है, तो प्रति बोरा 40 किलो के हिसाब से 25 बोरा होता है। प्रति बोरा 400 ग्राम अधिक तौलाई के हिसाब से 25 बोरे का 10 किलो होता है। 1750 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के हिसाब से 1 किलो धान की कीमत 17.50 रुपए होता है। अब इसे अतिरिक्त तौलाई किए 10 किलो धान से गुना कर दें, तो हर समिति में रोज 175 रुपए ज्यादा धान खरीद रहा है।

केंद्रों में धान खरीदी की स्थिति पर एक नजर

धान के प्रकार खरीदी गई मात्रा

मोटा धान 202889.80 क्विं.

पतला धान 371543 क्विं.

सरना धान 103138.40 क्विं.

ये है कारण: जीरो शॉर्टेज पर प्रोत्साहन

जीरो शार्टेज वाली समितियों को प्रति क्विंटल के हिसाब से 4 रुपए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। शार्टेज पर अंतर की राशि को कमीशन से काट दी जाती है। ऐसे में इसका खामियाजा किसान उठा रहे हैं।

बफर लिमिट से ज्यादा आवक से खरीदी प्रभावित

इधर उपार्जन केंद्रों में धान परिवहन में सुस्ती बरती जा रही है। जिले के 80 से 36 केंद्र ऐसे हैं, जहां बफर लिमिट से ज्यादा आवक हो चुकी है। अगले दो दिन उठाव नहीं हुआ, तो खरीदी बंद करने की नौबत आ जाएगी। 80 केंद्रों में 1 नवंबर से अब तक 6,77571 क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। उठाव के लिए 45 राइस मिलर्स के साथ अनुबंध हुआ है। 18 दिन में 1,80514 क्विंटल धान का परिवहन किया गया है।

  डॉ. एचएल बंजारे, फूड कंट्रोलर, कबीरधाम


- हां, कुछ जगहों से ऐसी शिकायत आई है।


- ऐसा नहीं है। शॉर्टेज पर कमीशन कटने के डर से समितियां चोरी कर रहे होंगे। जांच करवा रहे हैं।


- परिवहन लगातार चल रहा है। ज्यादातर केंद्रों ने खरीदी का लक्ष्य कम रखा था, ताकि जल्दी उठाव हो जाए। लेकिन शासन ने बफर लिमिट बढ़ा दी है।

मीटिंग में कहा था 41 किलो तौल सकते हैं


शॉर्टेज के डर से चोरी कर रहे होंगे

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Kawardha News - 400 grams more paddy towel nodal officer said 41 kg of towel
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