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रिश्वत: दो सरकारी कर्मचारी को हुई जेल भ्रष्टाचार को रोकने नहीं कर रहे जागरूक

Kawardha News - 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों...

Dainik Bhaskar

Dec 09, 2018, 02:36 AM IST
Kawardha News - bribery two government employees are not preventing graft corruption
9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों में जागरूकता फैलाना है। इस दिवस को मनाते हुए सभी सरकारी, गैरसरकारी सस्थाएं एवं नागरिक संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता से लड़ाई लड़ने का संकल्प लेते हैं। लेकिन जिले के शासकीय दफ्तरों में इस दिवस को लेकर कोई भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाता और न ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिले में बीते 2 वर्षों में रिश्वत लेते सरकारी मुलाजिम को एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने रंगेहाथ गिरफ्तार भी किया गया है। इनमें एसीबी की टीम ने इसी साल मई माह में कवर्धा में कृषि अभियांत्रिकी विभाग के सहायक कृषि अभियंता एके पांडेय को 10 हजार का रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ठेकेदार के शिकायत के आधार पर की गई है। अक्टूबर 2017 में सहायक परियोजना अधिकारी से रिश्वत लेते वन विकास निगम कार्यालय के बाबू जीपी कंड्रा रंगे हाथ पकड़ा। दोनों के खिलाफ कोर्ट में मामला चल रहा है।

कार्रवाई के बाद भी: नहीं चेत रहे कर्मी

कवर्धा. 16 मई को एसीबी ने कृषि विभाग के अफसर एके पांडेय को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।

सीबीआई के पते को किया गया सार्वजनिक

जिले के सभी केन्द्रीय दफ्तरों में भ्रष्टाचार रोकने पहल किया गया है। इन कार्यालयों में सीबीआई कार्यालय के पते व फोन, मोबाइल नम्बर को चस्पा किया गया है। ताकि संबंधित कार्यालय में कोई कर्मी रिश्वत की मांग करे तो सीबीआई दफ्तर में शिकायत दर्ज करा सके। सीबीआई का दफ्तर भिलाई में मौजूद है।

राज्य सरकार के दफ्तरों में नहीं हैं नंबर

केन्द्र सरकार के दफ्तरों के साथ राज्य सरकार के शासकीय कार्यालय में भी एसीबी के पते व फोन नंबर को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। लेकिन जिले के 56 से अधिक जिला व ब्लॉक स्तर के दफ्तरों में एसीबी के पते व फोन नम्बर को सार्वजनिक नही किया गया है। इससे लोगों को एसीबी के पते व फोन नम्बर नही मिल पाता।

घूस लेने के मामले में जिले में इन दो लोगों को हुई सजा

खाद्य निरीक्षक को तीन वर्ष का कारावास

11 अप्रैल 2013 में बोड़ला में पदस्थ खाद्य निरीक्षक द्वारा चावल सप्लाई करने वाले एक परिवहनकर्ता से ई पंचनामा करने के नाम पर 7 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। इस मामले में रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने खाद्य निरीक्षक दिलीप कुमार भारद्वाज को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मई 2016 में आरोपी को कोर्ट ने अलग-अलग धाराओं में तीन वर्ष की कारावास तथा एक लाख रुपए का अर्थदंड से दंडित किया था। बता दे कि आरोपी दिलीप कुमार भारद्वाज को वर्ष 2016 में ही सीजीपीएससी के जरिए डिप्टी कलेक्टर की सूची में नाम भी आ गया था। जेल होने के कारण इस नौकरी से हाथ धो बैठा। वही खाद्य विभाग ने इसे खाद्य निरीक्षक पद से डिसमिस भी कर दिया।

दिलीप भारद्वाज

रिश्वत मामले में धीमी गति से करते हंै जांच

जिले के अफसरों में भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं हाेती। हाल ही में दो माह पूर्व आदिम जाति विभाग के अफसर आशीष बनर्जी पर छात्रावास अधीक्षक से 10 हजार रुपए कमीशन लेने की शिकायत खुद अधीक्षक ने की थी। इसे लेकर ऑडियो भी जारी किया गया था।

इस तरह एसीबी में कर सकते हैं शिकायत

रायपुर एसीबी के डीएसपी शोएब अहमद ने बताया कि एसीबी का कार्यालय बिलासपुर, रायपुर व जगदलपुर में माैजूद है। विभाग ने तीनों कार्यालय का नंबर सार्वजनिक किया है। आमजन रायपुर स्थित कार्यालय 0771-2416181, 0771-24 45302 बिलासपुर के 07752-25036 नंबर पर संपर्क कर सकते है।

सहसपुर लोहारा के तहसीलदार को चार साल की हुई सजा

अप्रैल में तत्कालीन सहसपुर लोहारा के तहसीलदार चन्द्रेश साहू को दुर्ग कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। इन पर दुर्ग में सीमांकन रिपोर्ट बनाने दुर्ग निवासी मनोहर ज्ञानचंदानी से 5 हजार रुपए की मांग किया गया था। यह मामला कोर्ट में 11 वर्ष तक चला। कोर्ट ने रिश्वत का प्रमाण होने पर चन्द्रेश साहू को सजा सुनाई।

सहायक आयुक्त के मामले में पेशी जारी


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