24 घंटे बिजली देने का दावा, इधर 12 दिन में 392 बार ट्रिपिंग, 130 घंटे बंद रही सप्लाई

Kawardha News - गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। कंपनी के अफसरों का दावा है कि जिले में...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:10 AM IST
Kawardha News - chhattisgarh news 24 hours power claim 392 times tripping in 12 days 130 hours closed supply
गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की समस्या भी बढ़ती जा रही है। इससे लोग परेशान हैं। कंपनी के अफसरों का दावा है कि जिले में बिना रूकावट 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। लेकिन सच्चाई ये है कि 196 शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के फीडरों में बीते 12 दिन में 392 बार ट्रिपिंग हो चुकी है। एक फीडर में एक बार ट्रिपिंग सुधारने में 15 से 20 मिनट लगे हैं।

यानी औसतन 20 मिनट के हिसाब से 12 दिन में हुई ट्रिपिंग को सही करने में करीब 7840 मिनट लगे होंगे। इसके कारण 130 घंटे बिजली बंद रहने से लोगों का परेशान होना स्वभाविक है। शहरी क्षेत्र में तो फिर भी फॉल्ट जल्दी सुधार लिया जाता है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में एक बार बिजली ट्रिपिंग हुई तो सुधारने में एक घंटे तक लग जाते हैं। खास बात ये है कि हाल ही में प्री- मानसून को लेकर मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद करने की बात कह पेड़ों की छंटाई की गई थी। इसके बावजूद अफसर पेड़ टूटने के कारण बिजली ट्रिप होना बताते हैं।

कुछ करें: प्री मानसून को लेकर मेटेनेंस के बाद यह हाल

कवर्धा. ढेपरापानी में बार-बार बिजली ट्रिपिंग से परेशान ग्रामीण।

दो बड़े कारण, जिसके चलते गर्मी में ट्रिप हो रही बिजली

1. घरेलू कनेक्शन वाले फीडर में चल रहे सिंचाई पंप: घरेलू कनेक्शन वाले फीडर में सिंचाई पंप चल रहे है, जो ट्रिपिंग की बड़ी वजह है। हाई वोल्टेज डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (एचवीडीएस) के जरिए कवर्धा के 32 फीडर से सिंचाई पंप की लाइन अलग करना था। वर्ष 2011 में करीब 1.60 करोड़ में ठेका हुआ। वर्ष 2016 तक काम पूरा करना था, ठेकेदारों ने 32 में से सिर्फ 14 फीडरों को अलग किया।

2. गर्मी में खपत बढ़ने और बिजली चोरी से लाइनों में लोड: गर्मी में खपत बढ़ने और बिजली चोरी से ट्रांसफार्मर व लाइनों में लोड बढ़ा है। इससे भी ट्रिपिंग हो रही है। कवर्धा डिवीजन की बात करें, तो यहां 85 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं। हर महीने 3.30 करोड़ यूनिट बिजली इनपुट की जाती है। कुल इनपुट का 22 से 23% बिजली चोरी, अन्य कारणों से लाइन लॉस में चली जाती है।

196 फीडरों से सप्लाई रूरल में दिक्कत ज्यादा

जिले में कवर्धा और पंडरिया दो डिवीजन हैं। कवर्धा में 111 और पंडरिया में 85 फीडर हैं, जहां से बिजली सप्लाई दी जाती है। जून 2019 में तेज हवाओं के कारण पंडरिया ग्रामीण (रूरल) क्षेत्र में ट्रिपिंग अधिक हुई है। क्षेत्र के कुई- कुकदूर, बांसाटोला, बाहपानी, भल्लीनदादर, कांदावानी और चाउर डोंगरी समेत कई गांवों 1- 1 घंटे तक ट्रिपिंग हो रही है। अफसरों की मानें, तो आंधी आती है, तब ट्रिपिंग ज्यादा होती है।

खंभे लगे, लाइन खींचे ट्रांसफार्मर लगाना भूले

पंडरिया ब्लॉक के दूरस्थ अंचल में एक गांव ऐसा भी है, जहां खंभे लगे हैं। लाइन भी खींची गई है, लेकिन ट्रांसफार्मर लगाना भूल गए हैं। पंचायत अमनिया का आश्रित गांव टेढ़ापानी। 20 परिवार वाले इस गांव में बिजली चालू नहीं हुई। जिस खंभे पर ट्रांसफार्मर लगाना था, वह खाली पड़ा है।

बिजली कटौती और ट्रिपिंग

बिजली कटौती और ट्रिपिंग को लेकर लोगों में दुविधा है। अक्सर बिजली बंद हो जाने पर लोग बिजली कटौती होना बताते हैं। वास्तव में वह ट्रिपिंग हाेती है। जब कंपनी बिजली बचाने के लिए प्री-प्लान के मुताबिक अलग-अलग क्षेत्र की बिजली बंद करती है, तो उसे कटौती कहते हैं। लाइनों में फॉल्ट आने पर बिजली बंद होती है, तो वह ट्रिपिंग होता है। ट्रिपिंग सुधारने में देरी से घंटों बिजली बंद रहती है, लोग इसे कटौती कहते हैं।

स्थिति सामान्य हो चुकी है


टेढ़ापानी में दिखवा लेता हूं


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