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पुलिस डिपार्टमेंट की शान बनी दोनों महिला कर्मियों के लिए प्रेरक भी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 02:46 AM IST

Kawardha News - कबीरधाम जिले के पुलिस विभाग में पदस्थ दो बेटियां आज जिले की अन्य महिला पुलिसकर्मियों की प्रेरणा बन चुकी हैं। जिले...

Kawardha News - chhattisgarh news police department motivated for both female employees
कबीरधाम जिले के पुलिस विभाग में पदस्थ दो बेटियां आज जिले की अन्य महिला पुलिसकर्मियों की प्रेरणा बन चुकी हैं। जिले के नक्सल प्रभावित थाना भोरमदेव में महिला अारक्षक सोनबाई टेकाम व सरिता चौसरे नक्सलियों से लड़ने जंगलों में गश्त करती है।

ये दोनों महिला आरक्षक कबीरधाम जिले की पहली सिपाही हैं, जो नक्सल ऑपरेशन में नक्सलियों के खिलाफ लोहा ले रही हैं। आरक्षक सोनबाई टेकाम व सरिता चौसरे ने बताया कि वे खुद अपने थाना स्टाफ के साथ जंगल में नक्सलियों को ढूंढने के लिए अपने मन से जाया करती हैं। साथ ही अपने साथियों के साथ अागे-आगे भी चलती हैं। वहीं दोनों महिला आरक्षक का नक्सल ऑपरेशन के प्रति लगाव को देखते हुए भोरमदेव थाना प्रभारी राजेश राठौर बताते हैं कि इन जिले के पुलिस विभाग में 88 महिला कर्मचारी हैं, इन दोनों के काम को देखते हुए आज सभी महिला कर्मचारी प्रेरणा बन चुकी हैं। दोनों महिला कर्मचारी नक्सल ऑपरेशन के गश्ती के साथ-साथ भोरमदेव थाना में भी काम करती हैं। सरिता व सोनबाई थाने में अपने विवेचक अफसरों के साथ विभिन्न मामलों को निराकरण में सहयोग करती हैं। इसी प्रकार भोरमदेव मंदिर में समय-समय में वीआईपी ड्यूटी भी निभाती है।

बता दें कि मंदिर में आए दिन कोई न कोई वीआईपी अफसर व मंत्री, नेता पहुंचते हैं। इनके सुरक्षा में दोनों को भेजा जाता है। इनकी सभी तारीफ करते हैं।

ये हैं जिले की दो बेटियां, नक्सलियों से लड़ने जाती हैं सर्चिंग पर, हाथ में एके-47 और इंसास लेकर जंगल में करती हैं गश्त, वीआईपी ड्यूटी का जिम्मा भी इन युवा कंधों पर

कवर्धा. अपने टीम के साथ गश्त में महिला कर्मचारी

दोनों महिला कांस्टेबल भोरमदेव थाने में पदस्थ, जो जंगल में करती हैं ड्यूटी

आस्था अभियान का होता है आयोजन: जिला पुलिस द्वारा सभी थाना व पुलिस चौकी क्षेत्र के गांव में आस्था अभियान का आयोजन किया जाता है। इसका उद्देश्य आमजन तक पुलिस के कार्य व विभिन्न प्रकार के अपराधों में रोकथाम की जानकारी देना होता है। इस शिविर में स्कूली बच्चे भी पहुंचते है, जिन्हें गुड टच-बैड टच के बारे में बताया जाता है। शिविर में दोनों महिला कर्मचारियों द्वारा बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में दुलार कर जानकारी दिया जाता है।

40 किलो से अधिक वजनी के साथ गश्त: नक्सल ऑपरेशन में गश्ती को लेकर पुलिस द्वारा बेहद सतर्कता बरती जाती है। इस गश्ती में इन महिला कर्मचारियों द्वारा हाथ में एके-47 व इंसास राइफल जैसे आधुनिक हथियार रखकर जंगल में गश्त किया जाता है। बुलेट प्रूफ जैकेट व तमाम प्रकार से सुरक्षा के संसाधन रखा जाता है। यह समान 30 से 40 किलो तक रहता है। इन्हीं समान के साथ ये महिला पैदल पहाड़ चढ़कर व जंगल में गश्त को पूरा करती है।

थाना क्षेत्र में एक महिला नक्सली का हो चुका है एनकाउंटर: बीते साल सितंबर माह में इसी भोरमदेव थाना क्षेत्र के प्रतापगढ़ वीरान जंगल में नक्सली व पुलिस के बीच मुठभेड़ हो चुका है। इसमें पुलिस को सफलता हासिल हुई है। इस एनकाउंटर में एक महिला नक्सली को मार गिराया जा चुका है। हालांकि इस मुठभेड़ के पुलिस टीम में ये दोनों महिला कर्मचारी शामिल नहीं थी।

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