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ग्रामीणों के पास खुद की 4 से 5 एकड़ जमीन, फिर भी कब्जाने लगे वन भूमि

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 02:40 AM IST

Kawardha News - जंगल की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पेड़ों की गडलिंग के बाद पुलिस और वन विकास निगम ने कुछ ग्रामीणों की यह योजना...

Pandriya News - chhattisgarh news villagers own 4 to 5 acres of land yet forest lands grabbing
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जंगल की जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पेड़ों की गडलिंग के बाद पुलिस और वन विकास निगम ने कुछ ग्रामीणों की यह योजना विफल कर दी है। जंगल के पास दो गांव रहमान कांपा और बिरकोना के लगभग 50 से 60 ग्रामीण वन भूमि को कब्जाने की फिराक में थे। उन्होंने पेड़ों को काटना भी शुरु कर दिया था। इसकी जानकारी लगते ही मौके पर पुलिस और वन विकास निगम की टीम पहुंची। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, तब जाकर वे माने। हालांकि, इस मामले में ग्रामीणों को समझाइश के बाद छोड़ दिया गया है।

पंडरिया के वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई थमने का नाम नहीं ले रही है। गलत पट्टा वितरण करने से वन भूमि पर अतिक्रमण बढ़ रहा है। बदौरा मार्ग पर कक्ष क्रमांक 497 व 498 में 100 हेक्टेयर के पौधे काटकर खेत बनाया जा रहा है। वनों का रकबा प्रतिदिन घटा रहा है। इसका मुख्य कारण राजस्व विभाग द्वारा गलत पट्‌टा वितरण करना ही है। 2013 में राजस्व विभाग ने करीब 43 लोगों को घने जंगल में बीट नंबर 498 में कृषि कार्य के लिए पट्टा वितरण किया। इस पट्टे को 2005 से पहले का कब्जा मानकर दिया गया। जबकि विभाग सहित क्षेत्र के सभी लोगों को यह पता है कि यहां पहले घना जंगल था।

दी समझाइश: पुलिस और वन विकास निगम मौके पर पहुंचा, कब्जा रुकवाया

पंडरिया. वन भूमि को कब्जा करने के बाद इस तरह झोपड़ी बनाए हैं।

बीट नंबर 497 व 498 में पौधे लगाएगा विभाग

पण्डरिया वन क्षेत्र को बचाने कक्ष क्रमांक 497 व 498 में गलत ढंग से बांटे गए पट्टे को निरस्त कर इसे अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी है। वृक्षों की कटाई व अतिक्रमण पर रोक नहीं लगने पर रहमानकांपा से बदौरा के बीच का जंगल नष्ट हो जाएगा। पंडरिया के परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी विरेन्द्र कुमार पटेल बताते हैं कि मथानीखार में तीन प्रधानमंत्री आवास बने, लेकिन शेष पर कार्यवाही जारी है। गलत ढंग से बांटे पट्‌टे रद्द होंगे। बदौरा मार्ग पर अतिक्रमित भूमि पर पौधारोपण का कार्य किया जाएगा।

2016 में 134 हेक्टेयर जमीन वन विकास निगम को मिली, तभी से बढ़ा अतिक्रमण

इधर, प्रतिदिन जलाऊ व इमारती लकड़ी काटे जा रहे हैं। इस स्थान पर अब गरगरा ग्राम का नाम लिखकर बोर्ड भी लगा दिया गया है। पेड़ों को काटकर खेत बनाया जा रहा है। दरअसल शासन ने 2016 में वन विभाग समान्य के करीब 134 हेक्टेयर वन क्षेत्र वन विकास निगम को हस्तांतरित किया। तब से पेड़ों की कटाई तथा खेत बनाकर अतिक्रमण करने की प्रक्रिया बढ़ी है। सबसे पहले मथानीखार के पास अतिक्रमण बढ़ा तथा इस जगह वन भूमि पर पक्के प्रधानमंत्री आवास भी बनाए जा रहे हैं। इस पर विभाग ने रोक लगाई थी। लेकिन पेड़ों को काटकर खेत बनाने की प्रकिया विभाग नहीं रोक पा रहा है। इसी प्रकार बदौरा मार्ग पर करीब 20 दिन 26 बड़े पेड़ों को काटकर कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसे वन विकास निगम, राजस्व व पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में रोका गया था। कुछ अतिक्रमणकारियों को गिरफ्तार भी किया गया था। बदौरा मार्ग के दाहिने तरफ ही लगभग 100 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र के पेड़ के तना पर गडलिंग का कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद काटकर खेत बनाने का कार्य किया जाएगा।

मौके पर पहुंची वन विकास निगम, राजस्व व पुलिस की टीम।

लिखित में दिया है कि वे कब्जा नहीं करेंगे


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