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गरीबी ऐसी कि राजमिस्त्री पिता के संग काम में हाथ बंटाती है बेटी, सॉफ्टबॉल से ऐसा प्रेम कि खुद से सीखा और चौथी बार खेलेंगी नेशनल

राजमिस्त्री की बेटी श्रुति चौथी बार सॉफ्टबॉल में नेशनल खेलेगी। लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था।

Danik Bhaskar | Jun 04, 2018, 07:42 AM IST
श्रुति चौथी बार सॉफ्टबॉल में न श्रुति चौथी बार सॉफ्टबॉल में न
दुर्ग(छत्तीसगढ़)। जरूरी नहीं कि गरीबी हुनर की भी मोहताज हो। अपनी इसी हुनर को ताकत बनाकर कवर्धा के रामनगर की एक बच्ची ने शहर का नाम रोशन किया है।राजमिस्त्री की बेटी श्रुति चौथी बार सॉफ्टबॉल में नेशनल खेलेगी। लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था। पिता के साथ श्रुति ने पढ़ाई से बचे समय में काम भी किया और समय मिलता तो सॉफ्टबॉल की प्रैक्टिस करती। इस खेल के प्रति लगाव बढ़ता गया। बिना कोच के भी उसने जमकर मेहनत की और इसका ही परिणाम है कि श्रुति चौथी बार इस गेम में जूनियर नेशनल खेलों में हिस्सा लेगी।

आन्ध्रप्रदेश के तिरुपति में 36वीं जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैम्पियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इस नेशनल प्रतियोगिता में जिले से श्रुति ठाकुर का चयन हुआ है। श्रुति चौथी बार नेशनल प्रतियोगिता में दस्तक देगी। यह खिलाड़ी गरीब परिवार से संबंध रखती है। पिता दिलीप ठाकुर राजमिस्त्री का काम करते हैं। घर की स्थिति सही नहीं होने के बावजूद अपने खेल में विशेष फोकस किया है। यही कारण है कि आज संघर्ष के बाद श्रुति का चयन नेशनल में हो सका है।


साॅफ्टबॉल खिलाड़ी श्रुति ठाकुर को 3 बार नेशनल प्रतियोगिता में मिल चुका है मेडल
कवर्धा के रामनगर निवासी श्रुति के घर की माली हालत ठीक नहीं होने से वह पिता के साथ काम में भी हाथ बंटाती थी, ताकि आर्थिक स्थिति सुधर सके। श्रुति ने बताया कि साॅफ्टबॉल के प्रति उसका शुरु से रुझान था। श्रुति नगर के करपात्री स्कूल में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत हैं। स्कूल की छुट्‌टी होने के बाद वह प्रतिदिन पीजी कॉलेज में शाम के समय प्रैक्टिस किया करती थी। नेशनल में 3 बार खेलने के साथ श्रुति ने 6 बार राज्यस्तर पर कबीरधाम जिले का प्रतिनिधित्व किया है।

आकड़ों पर एक नजर

वर्ष बेसबॉल साॅफ्टबॉल


2018 24 16

2017 38 18

2016 29 09

साॅफ्टबॉल खेल की प्रैक्टिस करते खिलाड़ी

प्रयास की नि:शुल्क ट्रेनिंग
श्रुति के खेल को देखते हुए नगर के प्रयास स्पोर्ट्स अकादमी ने उन्हें नि:शुल्क कोचिंग दिया। अकादमी के संचालक राजा जोशी ने बताया कि श्रुति इस खेल में बहुत मजबूत हैं। इस कारण से इसका हर साल नेशनल प्रतियोगिता में चयन होता है। वहीं अकादमी ने श्रुति के साथ-साथ 34 बच्चों को बेसबॉल व साॅफ्टबॉल की नि:शुल्क ट्रेनिंग की व्यवस्था की है। यह ट्रेनिंग पीजी कॉलेज मैदान में प्रतिदिन सुबह 6 से 8 व शाम 5 से 6.30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है।

दो खेलों में लगातार स्कूली बच्चों का बढ़ा रुझान
स्कूल शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी एचडी कुरैशी ने बताया कि बेसबॉल व साॅफ्टबॉल दोनाें मिलते-जुलते खेल हैं। दोनों खेलों में 12-12 खिलाड़ी होते हैं। इनमें केवल बैट का अंतर होता है। इन खेलों को लेकर विभाग की ओर हर साल स्कूली बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने बाहर भेजा जाता है। दोनों खेलों में विगत 3 वर्षों में करीब 134 से अधिक बच्चे नेशनल खेलकर आ चुके हैं। मोहगांव हायर सेकण्डरी स्कूल ने इस खेल में 63 नेशनल प्लेयर तैयार कर चुके हैं।

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